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आतंकी हमले की जिम्मेदारी से नहीं बच सकता पाक: सीएम हरीश रावत

केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार के ढाई साल के कार्यकाल में जम्मू-कश्मीर के हालात बद से बदतर हुए हैं।
Author देहरादून | September 21, 2016 05:29 am
मुख्यमंत्री हरीश रावत

जम्मू-कश्मीर के उड़ी में सेना के आधार शिविर में आतंकवादियों के हमले की उत्तराखंड के मुख्यमंत्री हरीश रावत ने कडे़ शब्दों में निंदा की है। मुख्यमंत्री ने इस आतंकी हमले को कायराना हमला ठहराते हुए कहा कि आतंकवादियों की इस घृणित हरकत की जितनी निंदा की जाए उतनी कम है। रावत सचिवालय में पत्रकारों से बात कर रहे थे। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान से लगातार आतंकवाद आयातित हो रहा है। पाकिस्तान इस आतंकी हमले की जिम्मेदारी से नहीं बच सकता है। ऐसा लगता है कि जैसे पाकिस्तान ने बरबादी का ठेका ले रखा हो। रावत ने कहा कि पाक आयातित इस आतंकवादी हमले में पाकिस्तान की खुफिया एजंसी आइएसआइ और पाकिस्तानी सेना का हाथ है। पाकिस्तान के हुक्मरानों को इन दोनों की आतंकी गतिविधियों पर कड़ी रोक लगानी चाहिए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड की सरकार और जनता इस दुख की इस घड़ी में देश के साथ खड़ी है। यह राष्ट्र का संकट है। भारतीय सेना के जो जवान शहादत दे रहे हैं, उनमें उत्तराखंड के वीर सपूत भी शामिल हैं। शहीद सैनिकों को उनकी सरकार शत्-शत् नमन करती है। केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार पर कटाक्ष करते हुए मुख्यमंत्री हरीश रावत ने कहा कि देश की सुरक्षा जुमलों से नहीं होती। देश की सुरक्षा के लिए ठोस और गंभीर कार्रवाई की जाती है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार को पाकिस्तानी सरकार पर यह दबाव डालना चाहिए कि हमारी सीमा से लगे पाक कब्जे वाले कश्मीर में आतंकवादी कैम्प ध्वस्त किए जाएं। रावत ने कहा कि हम कांग्रेसजन देश की सुरक्षा को लेकर भाजपाईयों की भाषा नहीं बोल सकते हैं। उन्होंने कहा कि 1965 और 1971 में पाकिस्तान को लाल बहादुर शास्त्री और इंदिरा गांधी के प्रधानमंत्रित्व काल में दो युद्धों में करारा सबक सिखाया गया था। देश को आज शास्त्रीजी और इंदिरा गांधी जैसे मजबूत और परिपक्व नेतृत्व की जरूरत है।

रावत ने कहा कि केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार के ढाई साल के कार्यकाल में जम्मू-कश्मीर के हालात बद से बदतर हुए हैं। जम्मू-कश्मीर के बिगडेÞ हालातों के लिए केंद्र की मौजूदा सरकार की नीतियां जिम्मेदार हैं। उन्होंने कहा कि हम दो साल से उस कश्मीर को ढूंढ रहे हैं जहां यूपीए सरकार ने लोकतंत्र और अमन-चैन बहाल किया था और पंचायत चुनाव तक यूपीए सरकार ने शांति के माहौल में संपन्न करवा दिए थे। मुख्यमंत्री हरीश रावत ने सचिवालय में प्रदेश के मुख्य सचिव शत्रुघ्न सिंह और आलाधिकारियों के साथ प्रदेश की कानून व्यवस्था व चीन और नेपाल से लगी हुई उत्तराखंड की सीमा की मौजूदा स्थिति की समीक्षा की। साथ ही मुख्यमंत्री ने राज्य के विकास के काम काज की प्रगति के बारे में भी आलाधिकारियों से रिपोर्ट तलब की।

 

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