ताज़ा खबर
 

गोहत्यारा बता कांग्रेसियों ने BJP नेता पर फेंकी कालिख, उनकी दो और गोशालाओं में कई गायों की मौत

आयोग ने पुलिस को दिये अपने बयान में कहा है कि 2011 में शुरू हुए शगुन गौशाला को अब तक 93 लाख रुपये मिल चुके हैं। मयूरी गौशाला को 2015 में 22.64 लाख रुपये और फूलचंद गौशाला को 2014 में 50 लाख रुपये मिल चुके हैं।
Author August 20, 2017 11:22 am
दुर्ग जिले के रानो में स्थित मयूरी गौशाला की खस्ता हालत (Express Photo by Dipankar Ghose)

गौशाला में गायों के पालन पोषण में गंभीर लापरवाही के आरोपी बीजेपी नेता हरीश वर्मा की दूसरी गौशालाओं में भी कुव्यवस्था और करप्शन का आलम दिखा। शनिवार को दुर्ग में ही हरीश वर्मा द्वारा रानो गांव के मयूरी गौशाला और गोडमर्रा गांव स्थित फूलचंद गौशाला में भी हालत बेहद खराब दिखे। राजपुर से 15 किलोमीटर दूर रानो के मयूरी गौशाला में दरवाजे बाहर से बंद थे। वहां पर एक अकेला पुलिसकर्मी खड़ा था, गौशाला में ना ही कोई डॉक्टर मौजूद और ना ही कोई सरकारी अधिकारी। गौशाला के अंदर कम से कम 15 गायों की लाशें सड़ रही थीं, जबकि 200 गायें वहां मरने के कगार पर हैं। इन गायों की पसलियां बाहर निकल चुकी हैं, गोबर और गौ मूत्र से गौशाला बेहद गंदा दिख रहा था। यहां पर जानवरों के खाने के लिए ना कोई चारा था और ना ही पानी, मानों गायों को सिर्फ मरने के लिए छोड़ दिया गया है। जैसे ही गायों ने दरवाजे के पास इंसानों के झुंड को देखा वे आशा भरी निगाहों से उधर देखने लगीं।

यहां से पांच किलोमीटर दूर गोडमर्रा गांव स्थित फूलचंद गौशाला में भी हालत कमोबेश ऐसे ही थे। इस गौशाला में 20 मरी हुई गायें मिली। यहां भी सैकडों गायें चारे और पानी के अभाव में दम तोड़ने को तैयार थी। इंसानों को देखते ही ये गायें रंभाने लगतीं, लेकिन यहां भी घोर कुव्यवस्था दिखी। मयूरी गौशाला की तरह यहां भी गायों के लिए ना पानी था और ना ही चारा। यहां से कुछ ही दूर दो ट्रैक्टर में गायों की लाशें भरी हुई थीं, जबकि कई मरी हुई गायों को पहले ही ईंटों के ढेर के पास फेंका जा चुका था। गांव वालों का कहना है कि कम से कम 50 मरी हुई गायें यहां फेंकी गई हैं। स्थानीय लोग ये भी कहते हैं गौशाला के स्टाफ कुछ मरी हुई गायों को दूसरी तरफ की ले जाना चाह रहे थे, लेकिन गांव वालों को देखकर उन्होंने लाशों को वहीं छोड़ दिया।

पुलिस अधिकारियों के मुताबिक दुर्ग जिले के धमधा थाना क्षेत्र के अंतर्गत राजपुर गांव में स्थित गौशाला में गायों की मृत्यु के मामले में पुलिस ने गौशाला संचालक हरीश वर्मा को गिरफतार कर लिया है। छत्तीसगढ़ राज्य गौसेवा आयोग की शिकायत पर यह कार्रवाई की गई है। अधिकारियों ने बताया कि वर्मा के खिलाफ छत्तीसगढ़ कृषक पशु परिरक्षण अधिनियम 2004 की धारा चार और छह तथा पशु क्रूरता निवारण अधिनियम-1960 की धारा 11 तथा भादवि की धारा 409 के तहत कार्रवाई की गई है। गौशाला संचालक वर्मा को जेल ले जाते समय कुछ लोगों ने उस पर हमला कर दिया और उसके चेहरे पर कालिख पोत दी। पुलिस ने इस मामले में सात लोगों को गिरफ्तार कर लिया है। आयोग के मुताबिक गौशाला में भारी अव्यवस्था थी। रिपोर्ट्स के मुताबिक हरीश वर्मा ने इन तीनों गौशालाओं को चलाने के नाम पर छत्तीसगढ़ राज्य गौसेवा आयोग से लाखों रुपये लिये थे। आयोग ने पुलिस को दिये अपने बयान में कहा है कि 2011 में शुरू हुए शगुन गौशाला को अब तक 93 लाख रुपये मिल चुके हैं। मयूरी गौशाला को 2015 में 22.64 लाख रुपये और फूलचंद गौशाला को 2014 में 50 लाख रुपये मिल चुके हैं। राज्य के गौशालाओं में बड़ी संख्या में गायों की मौत के बाद राज्य शासन ने नौ अधिकारियों को निलंबित कर दिया है।

Hindi News से जुड़े अपडेट और व्‍यूज लगातार हासिल करने के लिए हमारे साथ फेसबुक पेज और ट्विटर हैंडल के साथ गूगल प्लस पर जुड़ें और डाउनलोड करें Hindi News App

  1. Sidheswar Misra
    Aug 20, 2017 at 8:46 am
    बीजेपी का नया धंधा गाय के नाम पर लूट . गाय के पूछ पकड़ चुनाव पार ,जनता जाये भाड़ में ,यह सब कुकर्म धर्म के आड़ में
    (0)(0)
    Reply
    1. N
      Nadeem Ansari
      Aug 20, 2017 at 8:31 am
      Ab kahan chup gaye cow protection group..
      (0)(0)
      Reply