December 09, 2016

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कोणार्क मंदिर के पास मिले चंद्रभागा नदी के सबूत

ऐसा माना जाता है कि मंदिर चंद्रभागा के मुहाने पर बना था हालांकि यह साबित नहीं हुआ कि नदी उस समय भी बहती थी।

Author कोलकाता | November 2, 2016 04:44 am
नदी।

वैज्ञानिकों को यूनेस्को के विश्व विरासत स्थलों की सूची में शामिल कोणार्क के सूर्य मंदिर के पास पौराणिक चंद्रभागा नदी की मौजूदगी के साक्ष्य मिले हैं। यह मंदिर ओड़ीशा में स्थित है। आइआइटी खड़गपुर के भूवैज्ञानिकों और समाज विज्ञानियों के एक दल ने हाल ही में यह पता लगाने के लिए एक वैज्ञानिक अध्ययन किया था कि क्या प्राचीन नदी राजा नरसिंहदेव द्वारा निर्मित 13वीं सदी के मंदिर के पास होती थी या नहीं? वैज्ञानिकों ने विभिन्न उपग्रहों की तस्वीरों का इस्तेमाल किया और फिर नदी की धारा की पहचान करने और उसका मार्ग पता लगाने के लिए अन्य क्षेत्रीय आंकड़ों का इस्तेमाल किया। ऐसा माना जाता है कि यह नदी विलुप्त हो चुकी है।

जियोफिजिक्स के प्रोफेसर विलियम कुमार मोहंती ने कहा, ‘उपग्रह की तस्वीरों के जरिए क्षेत्र का हवाई परीक्षण लुप्त हो चुकी नदी का मार्ग दिखाता है। इसके बिना क्षेत्र में इसकी पहचान करना मुश्किल है।’ जमीन को भेदकर जानकारी निकाल सकने वाले रडार के इस्तेमाल के लिए एक पलेओचैनल की भी पहचान की गई। पलेओचैनल एक निष्क्रिय पड़ चुकी नदी या धारा का अवशेष है, जो तलछट से भर गई है। यह पलेओचैनल कोणार्क सूर्य मंदिर के उत्तर से होकर गुजरती है और तट के लगभग समानांतर जाती है।

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ऐसा माना जाता है कि मंदिर चंद्रभागा के मुहाने पर बना था हालांकि यह साबित नहीं हुआ कि नदी उस समय भी बहती थी। नदी का जिक्र प्राचीन साहित्य में मिलता है लेकिन कोणार्क सूर्य मंदिर के आसपास इस समय कोई नदी नहीं है। पत्तों पर उकेरी गई आकृतियां, कलाकृतियां और पुरानी तस्वीरें भी पूर्व में मंदिर के आसपास जलस्रोतों की मौजूदगी की ओर संकेत करते हैं।

 

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First Published on November 2, 2016 4:43 am

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