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पंचकुला भूमि आवंटन मामले में CBI ने हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री भूपिंदर सिंह हुड्डा से पूछताछ की

सीबीआई ने हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण (हुडा) द्वारा पंचकुला में 14 औद्योगिक प्लॉट के आवंटन में हुयी कथित अनियमितता के सिलसिले में आज हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री भूपिंदर सिंह हुड्डा से पूछताछ की।
Author नई दिल्ली | May 8, 2017 16:33 pm
हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री भूपिंदर सिंह हुड्डा

सीबीआई ने हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण (हुडा) द्वारा पंचकुला में 14 औद्योगिक प्लॉट के आवंटन में हुयी कथित अनियमितता के सिलसिले में आज हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री भूपिंदर सिंह हुड्डा से पूछताछ की।  बतौर मुख्यमंत्री वह हुडा के भी अध्यक्ष थे और इस मामले के सिलसिले में एजेंसी ने उनसे पहली बार पूछताछ की है। जांच एजेंसी ने इस मामले में एक आईएएस अधिकारी और हुडा के दो अधिकारियों के खिलाफ भी पिछले साल मामला दर्ज किया था। सीबीआई के प्रवक्ता आर के गौर ने कहा, ‘‘हां, उनकी जांच हो रही है। जांच एजेंसी ने हाल ही में यूपीएससी के सदस्य और तब मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव रहे चतर सिंह से भी इस सिलसिले में पूछताछ की थी।

आरोप है कि आवंटन के आदेश मुख्यमंत्री के दफ्तर से जारी हुआ था। मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने दिसंबर 2015 में राज्य सतर्कता ब्यूरो को इस मामले में एफआईआर दर्ज करने के आदेश दिये थे और इसके बाद मामले को सीबीआई को सौंप दिया गया था। एफआईआर के मुताबिक 14 लोगों को आवंटन के प्रावधानों में कथित तौर पर हेरफेर कर भूखंड आवंटित किया गया। इस अनियमितता में आवेदन देने की आखिरी तारीख बीत जाने के बावजूद इन लोगों को आवेदन देने की इजाजत दी गयी।

एफआईआर के मुताबिक जिन 14 लोगों को जमीन का आवंटन हुआ उन्होंने अपने आवेदन 24 जनवरी 2012 को जमा किये जबकि आवेदन जमा करने की आखिरी तारीख 6 जनवरी 2012 थी। हुडा के अध्यक्ष के अलावा जिन लोगों के नाम एफआईआर में है उनमें सेवानिवृत्त आईएएस अधिकारी और तब के हुडा के मुख्य प्रशासक डीपीएस नागल, तत्कालीन वित्त नियंत्रक एस सी कंसल और हुडा के उप-अधीक्षक बी बी तनेजा शामिल हैं।

एफआईआर में यह भी आरोप लगाया गया कि लाभ उठाने वाले अयोग्य लोगों को तत्कालीन बाजार मूल्य से कम दर पर भूखंड आवंटित किये गये जिससे सरकारी खजाने को करोड़ों का नुकसान हुआ।
यह भी आरोप लगाया गया कि पात्रता मापदंड में बीच में ही बदलावकर 496 वर्गमीटर से 1280 वर्गमीटर के 14 भूखंड औने-पौने दामों पर आवंटित कर दिये गये ।
जिन लोगों को औद्योगिक भूखंड आवंटित किये गये उनमें रेनूहुड्डा, मनजोत कौर, नंदिता हुड्डा, मोना बेरी, प्रदीप कुमार, केपीएस संधु, डागर कत्याल, गणेश दत्त रतन, अमन गुप्ता, लेफ्टि. कर्नल :सेवानिवृत्त: ओ पी दाहिया, सिद्धार्थ भारद्वाज, अशोक वर्मा , अनुपम सूद और सचिन सूद शामिल हैं। ऐसा आरोप है कि यह सभी राजनेताओं, नौकरशाहों और दूसरे प्रभावशाली लोगों से संबंधित हैं जिनमें राज्य के तत्कालीन मुख्यमंत्री भी शामिल थे।

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