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बिहार बोर्ड के अजब नतीजे: JEE मेन्स पास, पर 12वीं फेल, नीतीश कुमार बोले दोबारा जांच कराएंगे कॉपियां

रोहित की जेईई मेन्स में जनरल रैंक तो 1,32,889 है, बिहार बोर्ड के मुताबिक पास होने के लिए 21 नंबर आने जरूरी हैं।
12 वीं की परीक्षा में रोहित को भौतिक विज्ञान थ्योरी वन मे 1 और थ्योरी 2 में 12 नंबर मिले हैं। (File Photo)

JEE में कम नंबर और इंटरमीडिएट में ज्यादा नंबर आते तो आपने अक्सर सुना होगा। अब बिहार के शेखपुरा के बरबीघा का एक मामला सामने आया है जो कि इसके बिल्कुल उल्टा है। रोहित कुमार नाम के छात्र ने जेईई मेन्स में 75 वीं रैंक (पीडब्ल्यूडी कैटेगरी) हासिल की है। दरअसल रोहित ने इसी साल बिहार बोर्ड से 12वीं की परीक्षा दी थी। इस परीक्षा में रोहित के भौतिक विज्ञान में कुल 13 नंबर ही आए। जबकि उसके भौतिक विज्ञान की थ्योरी एक में 1 नंबर और थ्योरी दो में 12 नंबर आए हैं। रोहित की जेईई मेन्स में जनरल रैंक तो 1,32,889 है जबकि पीडब्ल्यूडी कैटेगरी में रैंक 75 है। बिहार बोर्ड के नियमों के मुताबिक पास होने के लिए 21 नंबर लाना जरूरी है अगर 21 से कम नंबर आएंगे तो उसे फेल माना जाएगा। वहीं दूसरे केस में पटना के इब्राहिम को 12 में फिजिक्स और केमेस्ट्री में फेल हो गए हैं। इब्राहिम को जेईई मेन्स में 94726 वीं रैंक मिली है। उनके मेन्स में फिजिक्स और केमेस्ट्री में 33 -33 नंबर आए हैं। जबकि उनके 12 वीं की बोर्ड परीक्षा में फिजिक्स में 14 और केमेस्ट्री में 16 नंबर आए हैं। इब्राहिम के 500 में 269 अंक नंबर आए हैं। इस पर राज्य के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का कहना है कॉपियों की दोबारा जांच कराएंगे।

बिहार बोर्ड के 12वीं के पिछले दो साल और इस साल के रिजल्टों पर नजर डालें तो साल 2015 में साइंस का रिजल्ट 89.32 फीसदी और 2016 में 67.06 फीसदी था जो इस साल घटकर 30.11 फीसदी रह गया है। कॉमर्स में 2015 में 90.55 फीसदी और 2016 में 80.87 फीसदी छात्र पास हुए थे। इस साल नतीजा 73.76 फीसदी रहा। इसी तरह आर्ट्स में 2016 में 56 फीसदी छात्र पास हुए थे, इस साल नतीज सिर्फ 37.13 फीसदी रहा। आपको बता दें कि पटना हाइकोर्ट ने बिहार बोर्ड को राज्य के सभी हाईस्कूल और इंटर कॉलेजों की जांच करने का आदेश दिया था। बिहार विद्यालय परीक्षा समिति अब 1317 स्कूलों की जांच करेगी। इन स्कूलों में 715 हाईस्कूल और 602 इंटरकॉलेज शामिल हैं।

अगर जांच के दौरान कोई स्कूल मान्यता के मानकों को पूरा नहीं कर पाता है तो उसकी मान्यता रद्द कर दी जाएगी। बिहार विद्यालय परीक्षा समिति से मान्यता के लिए जरूरी सभी बिंदुओं की जांच के लिए टीम बनाई जाएगी। जांच के दौरान टीम स्कूल की जमीन, बिल्डिंग और उसकी हालत, सेक्सन की संख्या, लैब, लाइब्रेरी, फर्नीचर, खेलने के लिए ग्राउंड के साथ-साथ निर्धारित योग्यता वाले शिक्षक और कर्मचारी, प्रबंधन समिति का गठन, बच्चों की संख्या आदि के संबंध में स्थलीय एवं भौतिक सत्यापन जांच टीम करेगी। जांच के दौरान वीडियोग्राफी एवं फोटोग्राफी भी की जाएगी।

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