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ट्रेंडिंग वीडियो: बीजेपी सांसद हुकुमदेव नारायण यादव ने राहुल गांधी से पूछा- बचपन में क्या फटा था, ये तो बताओ

राहुल गांधी पर वार करते हुए बीजेपी सांसद श्री हुकुम नारायण यादव ने कहा कि जनता को मंच से अपना फटा कुर्ता दिखाकर नाटक करते है वे भूल गए क्या बचपन में क्या फटा था।
Author नई दिल्ली | February 11, 2017 12:11 pm
बीजेपी सांसद हुकुम सिंह यादव।

सियासी दंगल में घमासान छिड़ा हुआ है। कभी बीजेपी पर अन्य पार्टियां वार करती हैं तो कभी अन्य पार्टियों पर बीजेपी वार करती है। राहुल द्वारा एक रैली में अपना फटा कुर्ता दिखाकर लोगों को अपनी ओर आकर्षित करने के मामले में बीजेपी ने राहुल गांधी पर निशाना साधा है। संसद में राहुल गांधी पर वार करते हुए बीजेपी सांसद हुकुमदेव नारायण यादव ने कहा कि जनता को मंच से अपना फटा कुर्ता दिखाकर नाटक करते हुए वो भूल गए क्या कि बचपन में क्या फटा था। वे किसान की बात करते हैं लेकिन हम वे नेता नहीं जो उनकी तरह नाटक करके लोगों को ठगते हैं।

सिनेमा का उदाहरण देकर हुकुमदेव नारायण यादव ने कहा कि जिस तरह सिनेमा में एक हीरो को फटी जींस में बैल से खेतों को जोतते हुए दिखाकर लैला-मजनू का खेल दिखाते हैं, उसी तरह राजनीति में भी लैला-मजनू का खेल चल रहा है। राहुल पर निशाना साधते हुए यादव ने कहा कि मंच से अपना फटा कपड़ा दिखाते हैं और कहते है देखिए मेरा फटा है। वो क्या दिखाना चाह रहे हैं? अपने बारे में यादव ने कहा कि हम तो बचपन में फटे कपड़े पहना करते थे और हमारे समय पर ये पैंट-पतलून नहीं हुआ करती थी। मजाक करते हुए यादव ने कहा कि हम तो वो डोरी वाला जो अंडर पतलून होता है उसे पतलून समझकर पहना करते थे और गांव में बैठकर बासी भात खाया करते थे। राहुल गांधी पर तंज कसते हुए यादव ने कहा कि राजा के घर में जन्म लेते हो, पलते हो रानी के मोहल्ले में, विदेश में कहीं से पढ़कर आते हो और यहां किसी के बारे में कुछ भी बोलकर नाटक करते हो।

इसके बाद यादव ने कहा कि मैं देश की जनता को समझाना चाहता हूं कि ऐसे आदमी अपने नाटक के द्वारा भ्रम फैलाकर देश के गांव के गरीब किसान को ठगना चाहते हैं लेकिन वे भूल गए हैं कि अब किसान का बेटा भी चालाक, तेज और पढ़ा-लिखा है। किसान का बेटा भी अब अपने पास मोबाइल-लैपटॉप रखता है और नेट द्वारा सब कुछ जान लेता है। आखिर में यादव ने कहा कि किसान का बेटा भी गूगल के माध्यम से किसी भी नेता के जन्म से लेकर मरण तक की कुंडली निकालकर पढ़ लेता है इसलिए हम किसी को धोखा नहीं दे सकते।

देखिए वीडियो - संगरूर: राहुल गांधी ने ‘साझा चूल्हा’ में लोगों के साथ जमीन पर बैठकर खाया खाना

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  1. D
    Dharamvir Saihgal
    Feb 11, 2017 at 1:58 pm
    विदेश से पढ़ कर आना,तथा विदेश में पढ़ कर पास होना और कुछ बन कर लौटने में बहुत अन्तर है साहब ।कुछ गिने चुने अक़्लमन्द ही कुछ बन कर लौटते हैं।
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