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संसदीय परंपरा भूल गए हैं भाजपा के नेता: रावत

उत्तराखंड के मुख्यमंत्री हरीश रावत ने भाजपा की परिवर्तन रैली पर पलटवार किया। चकरौता में कांग्रेस की सतत् संकल्प विकास यात्रा को संबोधित करते हुए रावत ने कहा कि भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह से लेकर उत्तराखंड के प्रदेश भाजपा अध्यक्ष अजय भट्ट तक संसदीय परंपराओं को भूल गए हैं।
Author देहरादून | November 25, 2016 02:25 am
उत्तराखंड के मुख्यमंत्री हरीश रावत। (फाइल फोटो)

उत्तराखंड के मुख्यमंत्री हरीश रावत ने भाजपा की परिवर्तन रैली पर पलटवार किया। चकरौता में कांग्रेस की सतत् संकल्प विकास यात्रा को संबोधित करते हुए रावत ने कहा कि भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह से लेकर उत्तराखंड के प्रदेश भाजपा अध्यक्ष अजय भट्ट तक संसदीय परंपराओं को भूल गए हैं। भाजपा के नेता गालीगलौच की भाषा पर उतर आए हैं। उन्होंने कहा कि अमित शाह ने पहले उत्तर प्रदेश का माहौल खराब किया और अब वे उत्तराखंड का सद्भावपूर्ण माहौल खराब करने की कोशिश में लगे हैं। उत्तराखंड सरकार के कैबिनेट मंत्री प्रीतम सिंह ने अपने विधानसभा क्षेत्र चकरौता में सतत् संकल्प यात्रा रैली का आयोजन किया था। इस रैली में भारी भीड़ उमड़ी। राजनीतिक जानकारों के अनुसार कांग्रेस की चकरौता रैली में अमित शाह की मंगलवार को अल्मोड़ा में हुई परिवर्तन रैली से दोगुनी भीड़ थी। कांग्रेस की चकरौता रैली में जो भारी भीड़ जुटी, उसका श्रेय चकरौता विधानसभा क्षेत्र के विधायक और कैबिनेट मंत्री प्रीतम सिंह को जाता है।

चकरौता विधानसभा क्षेत्र से प्रीतम सिंह वर्ष 2002 से लगातार विधानसभा का चुनाव जीतते आए हैं। चकरौता विधानसभा सीट उनकी पारंपरिक सीट है। इस सीट से उनके पिता गुलाब सिंह आजादी के बाद हुए विधानसभा चुनाव में उत्तर प्रदेश विधानसभा में लंबे समय तक विधायक बन कर पहुंचते रहे थे। उत्तराखंड राज्य बनने के बाद 2002 में प्रीतम सिंह अपने पिता की विधानसभा सीट से विधायक बने और वे लगातार तीन बार से इस सीट से विधायक बनते आ रहे हैं। कांग्रेस की सतत् विकास संकल्प रैली में जुटी भारी भीड़ का श्रेय प्रीतम सिंह को देते हुए मुख्यमंत्री हरीश रावत ने कहा कि उन्होंने अपने राजनीतिक जीवन के 52 सालों में इतनी भीड़ और जनता का इतना प्यार कभी नहीं मिला।

भावुक होते हुए हरीश रावत ने कहा कि वे अब बूढे हो चुके हैं और अब उत्तराखंड में कांग्रेस की जिम्मेदारी प्रीतम सिंह के कंधों पर है। ऐसा कहकर रावत ने प्रीतम सिंह के अपना राजनीतिक उत्तराधिकारी घोषित कर दिया। कांग्रेस की रैली में जुटी भारी भीड़ से हरीश रावत, प्रीतम सिंह और प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष किशोर उपाध्याय गद्गद हो गए। किशोर उपाध्याय ने रैली में जुटी भीड़ से उत्साहित होकर कहा कि भाजपा ने प्रीतम सिंह को भी खरीदने की कोशिश की थी। परंतु प्रीतम भाजपा के हाथों नहीं बिके और वे कांग्रेस के समर्पित सिपाही हैं। कांग्रेस की चकरौता रैली की सफलता ने उत्तराखंड की राजनीति में प्रीतम का राजनीतिक कद बहुत ऊंचा कर दिया है। प्रीतम कांग्रेस के राष्टÑीय उपाध्यक्ष राहुल गांधी के सबसे पसंदीदा नेता हैं। राहुल की सिफारिश पर ही उन्हें हरीश रावत ने गृहमंत्री बनाया था। प्रीतम सिंह का नाम उत्तराखंड की राजनीति में ईमानदार और जमीनी नेता के रूप में जाना जाता है। चकरौता रैली की कामयाबी ने उत्तराखंड कांगे्रस में जान फूंक दी है।

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