ताज़ा खबर
 

जैसा केजरीवाल ने किया अगर अन्य दलों में ऐसा भ्रष्टाचार किया होता जो बदल जाता चेहरा: सीतारमण

भाजपा के नेताओं ने दिल्ली सरकार के कामकाज के लिए गठित वीके शुंगलू कमेटी की रिपोर्ट के खुलासे के बाद दिल्ली की अरविंद केजरीवाल सरकार के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
Author नई दिल्ली | April 7, 2017 01:36 am
वाणिज्य मंत्री निर्मला सीतारमण। (फाइल फोटो)

भाजपा के नेताओं ने दिल्ली सरकार के कामकाज के लिए गठित वीके शुंगलू कमेटी की रिपोर्ट के खुलासे के बाद दिल्ली की अरविंद केजरीवाल सरकार के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। संवाददाता सम्मेलन में केंद्रीय मंत्री निर्मला सीतारमण, प्रदेश भाजपा अध्यक्ष मनोज तिवारी और दिल्ली विधानसभा में विपक्ष के नेता विजेंद्र गुप्ता ने कहा कि शुंगलू कमेटी ने केजरीवाल सरकार के भ्रष्टाचार के पोल खोल दी है। उन्होंने कहा कि आम आदमी की सरकार होने का दावा करने वालों ने किस तरह से सरकारी खजाने को लूटा है इसका पूरा ब्यौरा इस रिपोर्ट में है। चार अगस्त 2016 को दिल्ली हाई कोर्ट ने अपने फैसले में कहा कि दिल्ली में शासन का अधिकार दिल्ली सरकार के बजाए उपराज्यपाल को है। उनकी सहमति के बिना दिल्ली सरकार का फैसला वैध नहीं है। इस फैसले के बाद तब के उपराज्यपाल नजीब जंग ने पूर्व सीएजी वीके शुंगलू की अगुआई में तीन सदस्यों की कमेटी बनाई थी। उस कमेटी ने नवंबर में 404 फाइलों की जांच करके अपनी रिपोर्ट उपराज्यपाल को दी। उस रिपोर्ट के सार्वजनिक होने के बाद भाजपा नेताओं का कहना था कि अगर केजरीवाल में जरा भी नैतिकता है तो उन्हें अपने पद पर बने रहने का कोई अधिकार नहीं है।


केंद्रीय मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि अरविंद केजरीवाल सरकार ने न केवल भाई-भतीजावाद के तहत मोटे वेतन पर अपने सहयोगियों और रिश्तेदारों की नियुक्ति की बल्कि नियमों से परे जाकर अपनी पार्टी के दफ्तर के लिए कोठी आबंटित कराई और बिना अनुमति बेहिसाब विदेश यात्राएं की। एक विधायक अखिलेशपति त्रिपाठी को लाखों रुपए महीने का मकान आबंटित किया। दिल्ली महिला आयोग की अध्यक्ष स्वाति मालीवाल की नियुक्ति के लिए नियमों की परवाह नहीं की गई। सभी आप विधायकों को सरकारी मकान आबंटित किए गए और अपने चहेतों को लाखों रुपए महीने दिए गए जिसकी कोई मंजूरी उपराज्यपाल से नहीं ली गई। उन्होंने इसका जवाब नहीं दिया कि जब पूर्व उपराज्यपाल ने इस रिपोर्ट को सार्वजनिक करने और अनियमितताओं की जांच सीबाआइ से करवाने को कहा था तब इस रिपोर्ट को अब तक सार्वजनिक क्यों नहीं किया गया और इसे आरटीआई के जरिए सार्वजनिक करना पड़ा।

Hindi News से जुड़े अपडेट और व्‍यूज लगातार हासिल करने के लिए हमारे साथ फेसबुक पेज और ट्विटर हैंडल के साथ गूगल प्लस पर जुड़ें और डाउनलोड करें Hindi News App

  1. No Comments.