March 23, 2017

ताज़ा खबर

 

बिहार आइएएस अधिकारियों को नोटिस देने के मामले पर भाजपा ने किया कड़ा विरोध

बिहार आइएएस एसोसिएशन के उक्त मार्च में करीब 28 अधिकारियों ने भाग लिया था।

Author पटना | March 18, 2017 00:40 am
बिहार विधानसभा में भाजपा सहित राजग के अन्य घटक दलों के सदस्यों ने आइएएस अधिकारियों को कारण बताओ नोटिस भेजे जाने पर सदन के बीच आकर कड़ा विरोध जताते हुए सरकार विरोधी नारेबाजी की।

परीक्षा प्रश्न पत्र लीक मामले में सुधीर राकेश की गिरफ्तारी के विरोध में राजभवन मार्च करने को लेकर आइएएस अधिकारियों को राज्य सरकार की ओर  से कारण बताओ नोटिस जारी किए जाने के खिलाफ भाजपा ने बिहार विधानमंडल में कड़ा विरोध जताया है। मीडिया में आई रिपोर्ट के मुताबिक बीएसएससी के पूर्व अध्यक्ष सुधीर कुमार की गिरफ्तारी के विरोध में गत 27 फरवरी आइएएस एसोसिएशन की बिहार शाखा के सदस्यों ने राजभवन मार्च किया था। इसके बाद फील्ड में कार्यरत आइएएस अधिकारियों खासतौर पर जिलाधिकारियों को राज्य सरकार की ओर से कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। बिहार आइएएस एसोसिएशन के उक्त मार्च में करीब 28 अधिकारियों ने भाग लिया था। इन अधिकारियों से पूछा गया है कि क्या उन्होंने इसके लिए अनुमति ली थी।

बिहार विधानसभा में भाजपा सहित राजग के अन्य घटक दलों के सदस्यों ने आइएएस अधिकारियों को कारण बताओ नोटिस भेजे जाने पर सदन के बीच आकर कड़ा विरोध जताते हुए सरकार विरोधी नारेबाजी की। बिहार विधान परिषद की शुक्रवार की कार्यवाही शुरू होने पर भाजपा सदस्य लाल बाबू प्रसाद की ओर से इसको लेकर लाए गए कार्यस्थगन प्रस्ताव को सभापति अवधेश नारायण की ओर से अस्वीकृत कर दिए जाने पर सदस्यों ने अपनी सीट से खडे होकर पेपर लीक मामले की जांच सीबीआइ से कराए जाने के आइएएस एसोसिएशन की मांग का समर्थन किया। बिहार विधान परिषद में प्रतिपक्ष के नेता सुशील कुमार मोदी ने अपने कक्ष में पत्रकारों से बातचीत में बिहार में कांग्रेस शासनकाल की तरह आपातकाल लग जाने का आरोप लगाया।

उन्होंने कहा कि उक्त नोटिस आइएएस अधिकारियों को अपमानित करने और उनके द्वारा किसी के पक्ष में मुख्यमंत्री सहित अन्य मंत्रियों के मौखिक आदेश को नहीं मानने के कारण उन्हें धमकाने और उनपर दबाव बनाने के लिए जारी किया गया है। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में आइएएस अधिकारियों को भी विरोध जताने और अपनी बात रखने का अधिकार है, पर सरकार द्वारा उन्हें सबक सिखाने की मंशा से उन्हें कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। सुशील ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को राज्य का विकास कार्य बाधित नहीं हो, इसे ध्यान में रखते हुए आइएएस अधिकारियों के साथ टकराव की स्थिति नहीं उत्पन्न होने देने का सुझाव दिया।

बिहार: न्यायिक सेवा भर्ती में 50% आरक्षण दिए जाने को मंज़ूरी, कैबिनेट ने लिया फैसला

Hindi News से जुड़े अपडेट और व्‍यूज लगातार हासिल करने के लिए हमारे साथ फेसबुक पेज और ट्विटर हैंडल के साथ गूगल प्लस पर जुड़ें और डाउनलोड करें Hindi News App

First Published on March 18, 2017 12:40 am

  1. No Comments.

सबसे ज्‍यादा पढ़ी गईंं खबरें

सबरंग