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पटना में बन रहे लालू यादव के मॉल पर मोदी सरकार के पर्यावरण मंत्रालय ने लगाई रोक

आरोप है कि मॉल बनाने से पहले पर्यावरण मंजूरी नहीं ली गई थी। इस निर्माणाधीन मॉल के मालिकों में उप मुख्यमंत्री तेजस्वी यादव और और पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी का नाम है।
दानापुर में बन रहे इस मॉल को लेकर है विवाद। (Express Photo)

बिहार की राजधानी पटना के दानापुर में बन रहे लालू यादव परिवार के बहुचर्चित मॉल पर केंद्रीय पर्यावरण मंत्रालय ने रोक लगा दी है। आरोप है कि मॉल बनाने से पहले पर्यावरण मंजूरी नहीं ली गई थी। इस निर्माणाधीन मॉल के मालिकों में उप मुख्यमंत्री तेजस्वी यादव और और पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी का नाम है। उनकी कंपनी डिलाइट मार्केटिंग प्राइवेट लिमिटेड के नाम पर 115 कट्टा जमीन है जिस पर 750 करोड़ रुपये की लागत से बहुमंजिला मॉल बनाया जा रहा था। राजद के ही विधायक अबु दोजाना की कंस्ट्रक्शन कंपनी इस मॉल का  निर्माण करवा रही थी।

भाजपा नेता और पूर्व उप मुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी का आरोप है कि इस मॉल के निर्माण में पर्यावरण संरक्षण अधिनियम 1986 का उल्लंघन किया गया है। मोदी का कहना है कि दो लाख वर्गफुट से ज्यादा क्षेत्रफल में हो रहा निर्माण स्टेट इन्वॉयरमेंट इम्पैक्ट असेसमेंट अथॉरिटी से अनुमति हासिल किए बिना ही शुरू कर दिया गया था। उन्होंने कहा कि जब मामला मीडिया में आया तब 1 अप्रैल को इसके लिए आवेदन किया गया है। सुशील कुमार मोदी ने भी ट्वीट कर इसकी जानकारी दी है।

अपने दोनों बेटों तेजस्वी और तेज प्रताप के साथ लालू यादव। (एक्सप्रेस फोटो)

गौरतलब है कि दानापुर में लालू यादव फैमिली का 12 मंजिला मॉल बनाए जाने की खबर सबसे पहले जनसत्ता.कॉम ने प्रकाशित की थी। उस खबर को पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें। जनसत्ता ने ही सबसे पहले यह बताया था कि मॉल की मिट्टी खरीदकर पटना के चिड़ियाघर में गिरवाया जा रहा है। हमारे सहयोगी अखबार इंडियन एक्सप्रेस को मिले दस्तावेज के अनुसार लालू यादव की पत्नी और बिहार की पूर्व सीएम राबड़ी देवी, उनके बेटे तेज प्रताप और तेजस्वी, बेटियां रागिनी और चंदा कम से कम पांच कंपनियों में शेयर होल्डर हैं।

ये कंपनियां आयातन-निर्यात (एक्सपोर्ट -इम्पोर्ट) और निर्माण कार्य (कंस्ट्रक्शन) इत्यादि कारोबार से जुड़ी हैं। रजिस्ट्रार ऑफ कंपनीज (आरओसी) के दस्तावेज के अनुसार इनमें से चार कंपनियां पटना और एक दिल्ली स्थित हैं। इन कंपनियों के अधिकार लालू के परिजनों ने उनके मूल मालिकों से खरीदा था। पांचवी कंपनी में कई अंशधारक हैं और बिहार के मौजूदा उप-मुख्यमंत्री तेजस्वी यादव उसके डायरेक्टर हैं। सुशील मोदी ने कहा, “फर्जी कंपनियों के माध्यम से जमीन खरीदने पर किसी व्यक्ति को इसे नहीं खरीदना होता और जमीन खरीद के सारे कागजात कंपनी के नाम होते हैं।” पूरी खबर और सभी कंपनियों के बारे में पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।

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