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लालू यादव ने दी दावत-ए-इफ्तार, नीतीश कुमार को गले लगाकर समझाया- बदल लीजिए फैसला

नीतीश ने यह कहकर सबको चौंका दिया कि यूपीए ने बिहार की बेटी मीरा कुमार को राष्ट्रपति चुनाव में हराने के लिए क्यों खड़ा किया। उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी ने बहुत सोच-समझकर और पार्टी नेताओं से बातचीत कर राष्ट्रपति चुनाव पर एनडीए उम्मीदवार रामनाथ कोविंद को समर्थन देने का फैसला किया है।
पटना में आयोजित दावत-ए-इफ्तार में लालू यादव और नीतीश कुमार एक-दूसरे को गले लगाते हुए। (फोटो-PTI)

राजद अध्यक्ष लालू प्रसाद यादव ने आज (शुक्रवार, 23 जून को) पटना में रोजा इफ्तार पार्टी दी थी। पार्टी में बिहार के मुख्यमंत्री और जेडीयू अध्यक्ष नीतीश कुमार भी पहुंचे थे। इस मौके पर लालू यादव ने गले लगाकर नीतीश कुमार का स्वागत किया और राष्ट्रपति चुनाव में एनडीए उम्मीदवार को समर्थन देने के फैसले पर पुनर्विचार करने को कहा लेकिन नीतीश ने यह कहकर सबको चौंका दिया कि यूपीए ने बिहार की बेटी मीरा कुमार को राष्ट्रपति चुनाव में हराने के लिए क्यों खड़ा किया। उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी ने बहुत सोच-समझकर और पार्टी नेताओं से बातचीत कर राष्ट्रपति चुनाव पर एनडीए उम्मीदवार रामनाथ कोविंद को समर्थन देने का फैसला किया है।

नीतीश ने कहा कि यह ना तो कोई राजनीतिक मुद्दा नहीं है और ना ही राजनीतिक टकराव का विषय है। उन्होंने साफ किया कि पिछली बार भी उनकी पार्टी ने एनडीए में रहते हुए भी यूपीए उम्मीदवार प्रणब मुखर्जी को समर्थन दिया था। उन्होंने कहा कि हम पहले भी स्वतंत्र होकर इस मामले में फैसला लेते रहे हैं। हालांकि, मीरा कुमार के नाम पर उन्होंने कहा कि वो व्यक्तिगत तौर पर मीरा कुमार का बहुत सम्मान करते हैं।

गौरतलब है कि गुरुवार (22 जून को) नई दिल्ली में मीरा कुमार को यूपीए का राष्ट्रपति उम्मीदवार बनाए जाने के बाद राजद अध्यक्ष लालू प्रसाद यादव ने कहा था कि वो पटना जाकर नीतीश कुमार को समझाएंगे कि वो अपने फैसले पर पुनर्विचार करें। लालू यादव ने कहा था कि नीतीश कुमार की यह ऐतिहासिक भूल होगी। बता दें कि इस बार का राष्ट्रपति चुनाव दलित बनाम दलित हो गया है।

राजद अध्यक्ष लालू प्रसाद यादव ने शुक्रवार, 23 जून को पटना में इफ्तार पार्टी दी थी। (फोटो- PTI)

एनडीए ने बिहार के गवर्नर रहे रामनाथ कोविंद को उम्मीदवार बनाया है तो यूपीए ने बिहार की बेटी और पूर्व लोकसभा स्पीकर मीरा कुमार को मैदान में उतारा है। हालांकि, रामनाथ कोविंद का जीतना लगभग तय है क्योंकि एनडीए के घटक दलों के अलावा उन्हें जेडीयू, बीजेडी, एआईएडीएमके (शशिकला गुट), एआईएडीएमके (पनीरसेल्वम गुट), वाईएसआर कांग्रेस, टीडीपी, टीआरएस का भी समर्थन हासिल है।

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