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आरजेडी चीफ लालू प्रसाद यादव ने अपने एक बेटे तेजस्वी की खात‍िर दूसरे बेटे तेज प्रताप को कर द‍िया कठघरे में खड़ा

जिस नीतीश कुमार ने साल 2013 में नरेंद्र मोदी को प्रधानमंत्री उम्मीवार बनाने के विरोध में एनडीए से गठबंधन तोड़ा था, एक बार फिर एनडीए के समर्थन से बिहार में सरकार चला रहे हैं।
आरजेडी चीफ लालू यादव के बड़े बेटे तेज प्रताप यादव और तेजस्वी यादव (फाइल फोटो)

बिहार में भाजपा को चुनौती देने वाला महागठबंधन बीते दिनों बिखर गया। जिस नीतीश कुमार ने साल 2013 में नरेंद्र मोदी को प्रधानमंत्री उम्मीवार बनाने के विरोध में एनडीए से गठबंधन तोड़ा था, एक बार फिर एनडीए के समर्थन से बिहार में सरकार चला रहे हैं। वहीं महागठबंधन टूटने के बाद राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) प्रमुख लालू यादव अब नीतीश कुमार पर निशाना साधने कोई मौका नहीं छोड़ना चाहते। मंगलवार (1 अगस्त, 2017) को भी लालू यादव ने सीएम नीतीश पर जमकर निशाना साधा और पूर्व की सरकार में उप मुख्यमंत्री रहे छोटे बेटे तेजस्वी यादव की जमकर तारीफ की। इस दौरान आरजेडी चीफ ने कहा, ‘पूर्व की नीतीश कैबिनेट में छोटे बेटे तेजस्वी यादव (27) ने सबसे ज्यादा काम किया। जहां तक सवाल बड़े बेटे तेज प्रताप यादव (29) का है उसने भी इतना काम नहीं किया।’ मंगलवार (1 अगस्त, 2017) को जब एक पत्रकार ने लालू से महागठबंधन की सरकार में सबसे ज्यादा काम करने वाले नेता को लेकर सवाल पूछा तो उन्होंने अपने छोटे बेटे को सबसे ऊपर बताया। उन्होंने कहा कि नीतीश ने उनके साथ विश्वासघात किया है। पूर्व की सरकार में सबसे ज्यादा काम सिर्फ छोटे बेटे तेजस्वी यादव ने किया है। गौरतलब है कि साल 2015 में महागठबंधन की एक तरफा जीत के बाद नीतीश सरकार में लालू ने छोटे बेटे तेजस्वी को उप मुख्यमंत्री बनाया था। जबकि बड़े बेटे तेज प्रताप को सरकार में छोटा कद देते हुए उन्हें स्वास्थ्य और पर्यावरण मंत्रालय का भार सौंपा गया था।

तेज प्रताप ने जब कार्यकाल संभाला तब सूबे में स्वास्थ्य सुविधाओं और डॉक्टरों की कमी की सबसे बड़ी समस्या थी। इस दौरान उनके कई फैसलों ने उन्हें मीडिया की सुर्खियों में ला दिया। मंत्री बनते ही तेज प्रताप ने सरकारी अस्पतालों को एंबुलेंस और अच्छे आपातकील उपकरण मुहैया कराए। मरीजों को चौबीस घंटे सप्ताह के सातों दिन घर से हॉस्पिटल ले जाने की सुविधा सूबे चर्चा का विषय बनी रही। हालांकि नीतीश कैबिनेट में मंत्री रहे तेज प्रताप तब विवादों में घिर गए जब उनके द्वारा एक हिंदी में फिल्म रूल करने की खबर सामने आई। फिल्म में तेज प्रताप बिहार के मुख्यमंत्री का रोल निभा रहे थे। फिल्म 1990 के बिहार पर आधारित थी जिस दौर में अपहरण सबसे बड़ी समस्या थी। इस दौरान उनके पिता लालू और मां राबड़ी देवी का शासन था।

दूसरी तरफ पूर्व डिप्टी चीफ मिनिस्टर बीते दिनों तब विवादों में घिर गए जब भष्टचार से जुड़े से एक मामले में सीबीआई में उनका नाम सामने आया था। तेजस्वी से जुड़े भ्रष्टाचार के मुद्दे पर विधानसभा में विपक्ष ने भी कई बार सरकार पर निशाना साधा। जिसपर सीएम नीतीश पर कई बार इस्तीफा देने का दवाब भी डाला गया मगर तेजस्वी ने इस्तीफा नहीं दिया। बाद में खुद नीतीश कुमार ने पद से इस्तीफा दे दिया और पुराने साथी भाजपा के समर्थन से दोबारा बिहार के मुख्यमंत्री बन गए। नई सरकार में तेजस्वी की जगह सुशील कुमार मोदी को उप मुख्यमंत्री बनाया गया। जिन्होंने सरकार में आते ही कहा कि वो जल्द ही लालू यादव के रेत माफियाओं से संबंध होने का खुलासा करेंगे। इस दौरान सुशील कुमार ने मिट्टी घोटाले की नए सिरे जांच के आदेश दिए। जिसमें कथित रूप से लालू के बड़े बेटे तेज प्रताप के शामिल होने की बात कही गई है।

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