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राज्यसभा सदस्यता खत्म करने पर शरद यादव, अनवर अली को मिला वेंकैया नायडू का नोटिस

जद (एकी) अध्यक्ष नीतीश कुमार द्वारा भाजपा से हाथ मिलाए जाने के बाद शरद की ओर से पटना में विपक्ष की रैली में भाग लेने के बाद जद (एकी) ने राज्यसभा के सभापति वेंकैया नायडू से उन्हें व अंसारी को अयोग्य घोषित करने का अनुरोध किया था।
Author नई दिल्ली | September 13, 2017 11:42 am
पटना के गांधी मैदान में ‘भाजपा भगाओ, देश बचाओ’ रैली के दौरान शरद यादव से गले मिलते लालू यादव। (फोटो-PTI)

राज्यसभा सचिवालय ने जद (एकी) के असंतुष्ट नेता शरद यादव व अली अनवर अंसारी से उनकी पार्टी की इस याचिका पर एक हफ्ते के भीतर जवाब मांगा है कि उनकी पार्टी विरोधी गतिविधियों के लिए उन्हें सदन की सदस्यता से अयोग्य करार दिया जाए। जद (एकी) अध्यक्ष नीतीश कुमार द्वारा भाजपा से हाथ मिलाए जाने के बाद शरद की ओर से पटना में विपक्ष की रैली में भाग लेने के बाद जद (एकी) ने राज्यसभा के सभापति वेंकैया नायडू से उन्हें व अंसारी को अयोग्य घोषित करने का अनुरोध किया था। शरद के साथ अंसारी ने भी राजद की रैली में हिस्सा लिया था।

जद (एकी) के महासचिव संजय झा ने कहा कि पूर्व में भी ऐसा चलन रहा है कि राज्यसभा के सदस्य को विपक्ष के कार्यक्रम में भाग लेने के कारण अयोग्य घोषित किया गया। उन्होंने भाजपा सदस्य जयप्रसाद निषाद का उदाहरण दिया जो राजद की तरफ चले गए थे। उन्होंने कहा, हमने दोनों नेताओं की पार्टी विरोधी गतिविधियों के बारे में दस्तावेज व अन्य साक्ष्य दिए हैं। उन्होंने पार्टी नेतृत्व के निर्देशों का उल्लंघन किया और चुनाव आयोग जाकर पार्टी का चुनाव चिन्ह मांगना भी एक पार्टी विरोधी गतिविधि है। शरद को पहले उच्च सदन में पार्टी नेता के पद से हटाया गया था। उन्होंने लालू प्रसाद नीत राजद की पटना रैली में भाग लिया, जिसके बाद जद(एकी) ने उन्हें अयोग्य घोषित करने की याचिका दी। हाल में बिहार का दौरा कर चुके यादव ने कहा कि वे गठबंधन में बने हुए हैं। वास्तविक जद (एकी) होने का दावा करते हुए उनके गुट ने चुनाव आयोग से संपर्क कर पार्टी का चुनाव चिन्ह मांगा। उन्होंने दावा किया कि वास्तविक जद (एकी) उनके साथ है व नीतीश के साथ जो है वह सरकारी जद (एकी) है। राज्यसभा में शरद की जगह आरसीपी सिंह को पार्टी नेता बनाया गया है। अंसारी पर तंज कसते हुए झा ने कहा कि उन्हें राज्यसभा में जद (एकी) के टिकट पर भाजपा विधायकों के सहयोग से चुना गया था।

जद (एकी) पर शरद का दावा खारिज
चुनाव आयोग ने जनता दल (एकी) की दावेदारी को लेकर अपना फैसला सुना दिया है। आयोग ने मंगलवार को पार्टी के बागी शरद यादव गुट की दावेदारी खारिज कर दी है। पार्टी और पार्टी के चुनाव चिन्ह पर उनकी दावेदारी की याचिका को आयोग ने विचार योग्य ही नहीं माना। आयोग का फैसला आने के साथ यह स्पष्ट हो गया है कि नीतीश कुमार की अगुआई वाले धड़े का जद (एकी) पर दावा बरकरार है। शरद यादव गुट ने बीते 25 अगस्त को दावेदारी पेश की थी। 14 प्रदेश कमेटियों के समर्थन का दावा किया था। लेकिन यह गुट अपने दावे के पक्ष में अपेक्षित कागजात नहीं दिखा सका था। इसके बाद नीतीश कुमार की अगुआई वाला धड़ा सांसद आरसीपी सिंह के नेतृत्व में बीते शुक्रवार को चुनाव आयोग से मिला और अपना दावा पेश किया। जद (एकी) के महासचिव संजय झा के अनुसार, आयोग के सामने संबंधित दस्तावेजी सबूत दाखिल किए गए। पार्टी ने बिहार के 71 विधायकों और 30 विधान पार्षदों के शपथपत्र जमा किए। लोकसभा के दो सांसदों और राज्यसभा के सात सांसदों के शपथ पत्र भी दिए। सभी ने मुख्यमंत्री व पार्टी प्रमुख नीतीश कुमार के प्रति समर्थन जताया। इसके अलावा चुनाव आयोग को राष्ट्रीय कार्यकारिणी, राष्ट्रीय परिषद के सदस्यों और पार्टी के पदाधिकारियों के बहुमत का समर्थन पत्र भी सौंपा गया।

 

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  1. B
    BHARAT
    Sep 13, 2017 at 9:02 am
    लालू ने सरद का इस्तेमाल कर लिया, खुद के शहजादे को बचने के लिए, इन की बलि दे दी |
    (0)(0)
    Reply
    सबरंग