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बिहार: शहाबुद्दीन की रिहाई को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती देने की तैयारी

शहाबुद्दीन के जुल्मों के शिकार सीवान के चंद्रकेश्वर प्रसाद गुरुवार को सर्वोच्च न्यायालय में अपील करेंगे।
Author नई दिल्ली | September 15, 2016 07:47 am
बाहुबली शहाबुद्दीन के साथ देखा गया पत्रकार राजदेव रंजन की हत्या का आरोपी (ANI Photo)

राजद के पूर्व सांसद और कथित माफिया शहाबुद्दीन को मिली जमानत पर उठा विवाद गरमा गया है। बिहार में विपक्षी दल और पीड़ित पक्ष फिर उसे जेल भेजने के लिए कानून का सहारा लेने जा रहे हैं। इस बीच नीतीश सरकार ने भी कहा है कि बाहुबली नेता की जमानत रद्द कराने के लिए वह सर्वोच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाने पर विचार कर रही है। इस बीच शहाबुद्दीन के जुल्मों के शिकार सीवान के चंद्रकेश्वर प्रसाद गुरुवार को सर्वोच्च न्यायालय में अपील करेंगे। प्रसाद के चार में से तीन बेटों की हत्या में शहाबुद्दीन का हाथ बताया गया है। नई दिल्ली में अधिवक्ता प्रशांत भूषण के कार्यालय ने बताया कि वे लोग अपील याचिका को अंतिम रूप दे रहे हैं जिसमें वे एक हिस्ट्री शीटर की जमानत मंजूरकिए जाने को चुनौती दे रहे हैं। भूषण के कार्यालय के अधिवक्ता रोहित सिंह ने बताया, हम मृतकों के पिता चंद्रकेश्वर प्रसाद उर्फ चंद्रा बाबू की ओर से अपील दायर कर रहे हैं। हम अपील को अंतिम रूप देने में जुटे हुए हैं।

सिंह ने बताया कि एक हिस्ट्री शीटर की जमानत कैसे मंजूर की गई, उसे हम लोग चुनौती देंगे। मामलों की संख्या आदि और उनकी दोषसिद्धि के बारे में तथ्यों का सत्यापन किया जा रहा है। गौरतलब है कि पटना हाई कोर्ट ने सात सितंबर को शहाबुद्दीन की जमानत मंजूर की थी जिसके बाद वह 10 सितंबर को भागलपुर जेल से रिहा हुआ था। वह अपने खिलाफ दर्जनों मामलों के सिलसिले में 11 साल से जेल में था। राजद के विवादास्पद बाहुबली नेता को 2014 के राजीव रोशन हत्या मामले में जमानत मिली थी। रोशन चंद्रकेश्वर प्रसाद के बेटे थे।  रोशन अपने भाई गितिश और सतीश की हत्या के गवाह थे जिनकी 2004 में तेजाब में डुबोकर हत्या कर दी गई थी। रोशन की हत्या का मुकदमा शुरू होना अभी बाकी है।
इस बीच, जेल से शहाबुद्दीन की रिहाई को लेकर आलोचनाओं का सामना कर रही बिहार सरकार भी जमानत के खिलाफ सर्वोच्च न्यायालय में अपील दायर करने पर विचार कर रही है।

जद (एकी) प्रवक्ता अजय आलोक ने कहा, नीतीश कुमार सरकार ने पिछले 11 साल में इस स्थापित प्रक्रिया का पालन किया है कि अगर राज्य सरकार किसी की जमानत से संतुष्ट नहीं है तो यह ऊपरी अदालत में अपील करेगी। उन्होंने कहा, यह अतीत में भी किया गया है और शहाबुद्दीन के मौजूदा मामले में भी इसका पालन किया जाएगा।  इस बीच सीवान के पुलिस अधीक्षक सौरभ कुमार शाह ने कहा कि जिला पुलिस पता लगा रही है कि क्या शहाबुद्दीन के मामले में जमानत की किसी शर्त का उल्लंघन हुआ है। पुलिस अधीक्षक ने कहा, अगर किसी साक्ष्य का पता चलता है जिसमें जमानत की शर्तों का उल्लंघन हुआ है तो मामले में हम जमानत रद्द कराने की पहल करेंगे। पुलिस अधीक्षक ने मंगलवार को कहा था कि पुलिस ने भगोड़े संदिग्ध मोहम्मद कैफ और मोहम्मद जावेद के फोटोग्राफ का संज्ञान लिया है जो पटना हाई कोर्ट से जमानत मिलने के बाद पिछले शनिवार को भागलपुर जेल से रिहा शहाबुद्दीन के साथ दिखाई दिए थे। ये दोनें पत्रकार राजदेव रंजन हत्या मामले में वांछित हैं। इस सिलसिले में शहाबुद्दीन को नोटिस भेजा जाएगा और इस पर पुलिस भी उनसे पूछताछ करेगी।

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