January 20, 2017

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बिहार में शराबबंदी से रोक हटने के बाद नेपाल में शराब की दुकानों पर स्‍टॉक खत्‍म

पटना हाईकोर्ट ने शुक्रवार को बिहार में शराबबंदी पर रोक हटाने का आदेश दिया था।

बिहार में शराबबंदी को लेकर पटना हाईकोर्ट के आदेश के बाद भारत-नेपाल सीमा पर बनी शराब की दुकानों पर स्‍टॉक खत्‍म हो गया। (सांकेतिक तस्वीर। ) (Photo Source: Reuters)

बिहार में शराबबंदी को लेकर पटना हाईकोर्ट के आदेश के बाद भारत-नेपाल सीमा पर बनी शराब की दुकानों पर स्‍टॉक खत्‍म हो गया। बिहार के रक्‍सौल और अन्‍य शहरों से शराब के शौकीन नेपाल की दुकानों से पीने का सामान लेकर आए। गौरतलब है कि पटना हाईकोर्ट ने शुक्रवार को बिहार में शराबबंदी पर रोक हटाने का आदेश दिया था। राज्‍य सरकार के पांच अप्रैल के नोटिफिकेशन को रद्द करते हुए हाईकोर्ट के मुख्‍य न्‍यायाधीश इकबाल अहमद अंसारी और जस्टिस नवनीति प्रसाद सिंह ने कहा कि यह संविधान के उलट है इसलिए लागू नहीं किया जा सकता।” न्‍यूज रिपोर्ट्स के अनुसार नेपाल में शराब व्‍यापारियों ने बताया कि हाईकोर्ट के आदेश के कुछ ही घंटे बाद उनका स्टॉक खाली हो गया।

बिहार में शराबबंदी से रोक हटाई, देखे वीडियो:

हिेंदुस्‍तान टाइम्‍स की रिपोर्ट के अनुसार, रक्‍सौल, अदापुर और घोरासन में एंट्री पॉइंट पर लोग नेपाल में जाते देखे गए। वहां उन्‍होंने शराब पी, साथ ही शराब लेकर भी आए। पांच महीनों में पहली बार उन्‍हें पकड़े जाने का कोई डर नहीं था। इस दौरान सहस्‍त्र सीमा बल के जवान दर्शक बने रहे। गौरतलब है कि पांच अप्रैल को शराबबंदी के आदेश के बाद नेपाल में भारत से लगती सीमा पर कई शराब की दुकानें खुल गई। इसके चलते बिहार से शराब पीने वाले वहां जाते। कई बार ऐसे शराबियों को पकड़ा भी गया। मई में नेपाल की राउताहाट जिले की पुलिस ने 70 भारतीयों को पकड़ा था। इनमें प्रत्‍येक पर एक हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया। भारत की ओर से शराबियों पर कड़ी कार्रवाई करने को कहा गया था।

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गौरतलब है कि नीतीश सरकार की शराबबंदी के खिलाफ ‘लिकर ट्रेड एसोसिएशन’ और कई लोगों ने अदालत में रिट याचिका दायर की थी। इस पर अदालत ने 20 मई को अपना फैसला सुरक्षित रखा था। नीतीश कुमार के नेतृत्व वाली महागठबंधन सरकार ने सबसे पहले एक अप्रैल को देशी शराब के उत्पादन, बिक्री, कारोबार, खपत को प्रतिबंधित किया, लेकिन बाद में उसने राज्य में विदेशी शराब सहित हर तरह की शराब पर पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया गया था। शराब अधिसूचना को निरस्त घोषित करने संबंधी अदालत का आदेश सरकार के लिए एक गंभीर झटका है।

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First Published on October 1, 2016 4:04 pm

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