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पप्पू यादव ने राज्यसभा और विधान परिषद को समाप्त किए जाने की मांग की

पप्पू यादव ने कुछ लोगों के धन के बल पर इन सदनों में स्थान पाने का आरोप लगाते हुए कहा कि देश में राज्यसभा और विधान परिषद की कोई आवश्यकता नहीं रही है।
Author पटना | July 17, 2016 19:02 pm
जनअधिकार पार्टी के प्रमुख पप्पू यादव (फाइल फोटो)

बिहार के मधेपुरा संसदीय क्षेत्र से सांसद और राजद से निष्कासित राजेश रंजन उर्फ पप्पू यादव ने राज्यसभा और विधान परिषद को अंग्रेजों की व्यवस्था करार देते हुए इसे समाप्त किए जाने की मांग करते हुए कहा कि वह इस मामले को कल से शुरू हो रहे संसद के मानसून सत्र में लोकसभा में उठाएंगे और इस संबंध में उच्चतम न्यायालय जनहित याचिका दायर करेंगे। पटना में रविवार (17 जुलाई) को पत्रकारों को संबोधित करते हुए पप्पू ने राज्यसभा और विधान परिषद को अंग्रेजों द्वारा शुरू की गई व्यवस्था करार देते हुए इसे समाप्त किए जाने की मांग की और कहा कि वे इस मामले को आगामी मॉनसून सत्र में लोकसभा में उठाने के साथ उच्चतम न्यायालय में इसको लेकर जनहित याचिका दायर करेंगे।

उन्होंने कुछ लोगों के धन के बल पर इन सदनों में स्थान पाने का आरोप लगाते हुए कहा कि देश में राज्यसभा और विधान परिषद की कोई आवश्यकता नहीं रही है और इनपर जनता की गाढी कमाई की राशि की बर्बादी हो रही है और इनपर होने वाले खर्च को जनता के स्वास्थ्य और शिक्षा पर खर्च किया जाना चाहिए। पप्पू ने कहा कि केंद्र और राज्य सरकारों को स्पष्ट करना चाहिए कि अंग्रेज द्वारा शुरू की गई इस व्यवस्था को क्यों जारी रखा जा रहा है।

दिल्ली में शनिवार (16 जुलाई) को आयोजित राज्य परिषद की बैठक के दौरान बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के राज्यपाल का पद समाप्त किए जाने की मांग के बारे में कहा कि ऐसा किए जाने के पूर्व राज्यसभा और विधान परिषद की व्यवस्था को समाप्त किया जाना चाहिए। राज्य परिषद की बैठक में नीतीश के बिहार को विशेष राज्य का दर्जा दिए जाने की अपनी मांग को दोहराए जाने की चर्चा करते हुए पप्पू ने उनपर इन मुद्दों के जरिए केवल राजनीति करने और इस प्रदेश की जनता को ठगने का आरोप लगाते हुए पूछा कि जब वे केंद्र में अटल बिहारी वाजपेयी जी सरकार में मंत्री थे तो उन्होंने इसे मुद्दा क्यों नहीं बनाया था।

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