ताज़ा खबर
 

अब पटना एयरपोर्ट पर होगी लालू यादव और राबड़ी देवी की जांच, केंद्र ने खत्‍म की ‘विशेष छूट’

पूर्व मुख्‍यमंत्री होने के नाते लालू और राबड़ी को पटना एयरपोर्ट की हवाई पट्टी का डायरेक्‍ट एक्‍सेस मिला हुआ था।
बिहार के पूर्व मुख्‍यमंत्री लालू यादव और पत्‍नी राबड़ी देवी। (FILE PHOTO: PTI)

भ्रष्टाचार के मामले में घिरे राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के अध्यक्ष लालू प्रसाद और उनकी पत्नी बिहार की पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी अब पटना हवाईअड्डे पर सीधे विमान तक नहीं पहुंच सकेंगे। केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने इस सुविधा पर रोक लगा दी है। पटना स्थित लोकनायक जयप्रकाश नारायण हवाईअड्डा के एक अधिकारी ने शनिवार को बताया कि दोनों नेताओं को पटना हवाईअड्डे के रनवे तक बिना जांच के गाड़ी ले जाने की ‘विशेष छूट’ मिली हुई थी, जिसे अब खत्म कर दिया गया है। उन्हें अब आम नागरिक की तरह जांच से होकर गुजरना होगा। अधिकारी ने बताया कि लालू और राबड़ी को यह सुविधा अगस्त, 2009 में दी गई थी। पूर्व का आदेश केवल पटना हवाईअड्डे के लिए था, जिसे वापस ले लिया गया है। राबड़ी देवी बिहार की मुख्यमंत्री रह चुकी हैं, जबकि उनके पति लालू प्रसाद बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री के साथ ही केंद्र में रेल मंत्री भी रह चुके हैं। इस आदेश के बाद राजद इसे केंद्र सरकार की बदले की कार्रवाई बता रहा है। राजद के प्रवक्ता मनोज झा ने कहा कि केंद्र सरकार बदले की भावना के तहत विपक्षी दलों को प्रताड़ित कर रही है। इसी कड़ी के तहत लालू प्रसाद के साथ भी ऐसा किया गया है।

उन्होंने कहा कि लालू प्रसाद अत्यधिक सुरक्षा में रहने वाले नेता हैं, ऐसे में केंद्र सरकार द्वारा ऐसा आदेश देना कहीं से भी उचित नहीं है। भाजपा नेता सुशील कुमार मोदी ने इसे नियम के तहत बताया है। उन्होंने कहा कि लालू प्रसाद भ्रष्टाचार के मामले में अदालत द्वारा सजायाफ्ता हैं, और ऐसे में केंद्र सरकार का यह सही कदम है। उन्होंने कहा कि अगर पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी को यह सुविधा मिलती थी, तो पूर्व मुख्यमंत्री जीतन राम मांझी को भी मिलनी चाहिए।

लालू चारा घोटाले के एक मामले में पहले ही दोषी ठहराए जा चुके हैं, और अक्टूबर 2013 में उन्हें पांच साल कारावास की सजा सुनाई गई थी। वह इस समय जमानत पर रिहा हैं। राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के अध्यक्ष लालू डोरंडा (रांची) कोषागार से 49 करोड़ रुपये, चाईबासा से 33.60 करोड़ रुपये और देवघर कोषागार से 95 लाख रुपये फर्जी तरीके से निकालने से संबंधित चारा घोटाले के तीन मामलों में मुकदमों का सामना कर रहे हैं।

प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने कथित धन शोधन मामले में प्रसाद की बेटी मीसा भारती के चार्टर्ड अकाउंटेंट के खिलाफ एक नया आरोप-पत्र दाखिल किया है। ईडी ने चार्टर्ड अकाउंटेंट राजेश अग्रवाल, व्यवसायी भाइयों सुरेंद्र जैन व वीरेंद्र जैन और अन्य कंपनियों सहित 35 अभियुक्तों के खिलाफ आरोप-पत्र दाखिल किया है। अग्रवाल पर जैन बंधुओं, सुरेंद्र जैन और वीरेंद्र जैन की मदद से संदिग्ध लेनदेन के जरिए काले धन को सफेद करने का आरोप है। ईडी ने जैन बंधुओं को 20 मार्च को गिरफ्तार किया था। अग्रवाल पर कुछ लेनदेन के साथ मीसा भारती के पति की कंपनी ‘मिशैल पैकर्स एंड प्रिंटर्स प्राइवेट लिमिटेड’ को भी मदद पहुंचाने का आरोप है।

Hindi News से जुड़े अपडेट और व्‍यूज लगातार हासिल करने के लिए हमारे साथ फेसबुक पेज और ट्विटर हैंडल के साथ गूगल प्लस पर जुड़ें और डाउनलोड करें Hindi News App

  1. No Comments.