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भागलपुर- कचरे से पटी भावी स्मार्ट सिटी में स्वागत है…

मगर डेढ़ साल पहले घोषित भागलपुर स्मार्ट सिटी बनने को अभी भी आतुर है। अबतक कुछ भी नहीं हुआ है। इसी साल फरवरी से लेकर अब तक तकरीबन सवा सौ करोड़ रुपए निगम के पास आ चुके है
Author भागलपुर  | June 28, 2017 05:39 am
Smart City की तर्ज पर बदलेगी गांव की रूपरेखा, कहलाएंगे Smart Village (Pic-smartcitiesindia)

 

गिरधारीलाल जोशी

केंद्र सरकार ने पिछले दिनों बिहार के दो शहरों राजधानी पटना और मुजफ्फरपुर को भी स्मार्ट सिटी की फेहरिस्त में शामिल किया है। मगर डेढ़ साल पहले घोषित भागलपुर स्मार्ट सिटी बनने को अभी भी आतुर है। अबतक कुछ भी नहीं हुआ है। यह दीगर है कि सबसे ज्यादा खुशी के लड्डू भागलपुर नगर निगम में फूट रहे है। कारण निगम मालामाल हो रहा है। इसी साल फरवरी से लेकर अब तक तकरीबन सवा सौ करोड़ रुपए आ चुके है। तिलकामांझी चौराहे पर स्वचालित यातायात नियंत्रक संकेतक लगा स्मार्ट सिटी के कर्ताधर्ता इतरा रहे हैं। गंदगी और जाम, सड़ांध देती खुली नालियां आगंतुकों का इस्तकबाल कर रही हैं। वैसे नगर निगम के नगर आयुक्त अवनीश कुमार सिंह कहते है कि स्मार्ट सिटी का चेहराएक महीने में दिखने लगेगा। फिलहाल तो हल्की बारिश भी स्मार्ट सिटी की पोल खोल देती है। सड़कों पर बहता नालियों का पानी हालात खुद व खुद बयां कर रहा है।

गौरतलब है कि केंद्र सरकार ने अपनी पूरक सूची में 13 स्मार्ट सिटी का ऐलान किया था। इनमें भागलपुर सातवें पायदान पर है। बिहार का पहला शहर है जिसे केंद्र सरकार ने स्मार्ट सिटी घोषित किया है। शहर के विकास के लिए पांच साल में करोड़ों रुपए मिलने की बात है। नगर निगम इलाके का दायरा बढ़ेगा। सड़कें चौड़ी होंगी और मखमली बनेंगी। पक्की नालियां बनेंगी। मोहल्लों की खाली सरकारी जमीन पर बच्चों के खेलने का पार्क बनेगा। पानी की घर घर सप्लाई होगी। बिजली 24 घंटे मिलेगी। मुफ्त वाईफाई होगा। फिलहाल ये सब बातें कागजों पर ही लुभा रही हैं। अभी तो नगरवासियों को पीने के पानी की किल्लत से दो चार होना पड़ रहा है। जलस्तर काफी नीचे चला गया है। मगर किल्लत को दूर करने की किसी के पास योजना नहीं है।

शहर के दस फलांग पर गंगा नदी है। निगम का इंटकबेल फेल है। नई जल मीनार बनाने की भी योजना नगर आयुक्त बताते हंै। नगर निगम चुनाव 21 मई को हो चुका है। लेकिन जमीन पर कुछ नहीं है।एक हद तक अटीं नालियां स्मार्ट सिटी का बखान करती हैं। गंगा नदी में कचरा फिंकवाने में भी निगम के अफसरों को शर्म महसूस नहीं होती। चम्पानाला पुल की ओर से भागलपुर में प्रवेश करने पर सड़ी बदबू स्वागत करती है। जगह- जगह होर्डिंग और पोस्टरों से सड़क पटी हुई हैं। सभी होर्डिंग नाजायज लगे हैं, लेकिन इन सभी होर्डिंग पर एक बात जरूर लिखी है ‘स्मार्ट सिटी भागलपुर में आपका स्वागत है।’ शहर की सफाई के लिए एजेंसी को करीब 10 करोड़ सालाना का ठेका निगम ने दे रखा है। यह बात निगम के अफसर बताते हैं, पर फैली गंदगी से साफ जाहिर होता है कि सफाई के नाम पर घपला है।

 

 

 

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