ताज़ा खबर
 

गुरु गोविंद सिंह का 350वां प्रकाशोत्सव: रोज दो लाख लोगों को खिलाया जाएगा लंगर, श्रद्धालुओं के लिए 90 एकड़ में बने हैं टेंट

पंजाब से बाबा संत हरभजन सिंह के नेतृत्व में तीन हजार से ज्यादा श्रद्धालुओं का जत्था सिर्फ लंगर की व्यवस्था को संभालने के लिए पटना साहिब पहुंचा है।
नीतीश कुमार के फेसबुक पेज से

श्री गुरु गोविंद सिंह के 350वे प्रकाशोत्सव में आने—वाले श्रद्धालुओं के लिए पटना साहिब में हर रोज दो लाख से अधिक लोगों के लिए लंगर तैयार होगा। जिसके लिए अन्य राज्यों से भी संत जत्थे सेवा के लिए पटना साहिब आ रहे हैं। हर पंडाल में 2 लाख श्रद्धालुओं के लिए लंगर बनाने की व्यवस्था की गई है। सूत्रों की माने तो चार टेंट सिटी में श्रद्धालओं के लिए लंगर की व्यवस्था की गई है।

कंघन घाट से लेकर गुरु गोविंद सिंह घाट के बीच दो जगहों पर भव्य पंडाल लगाए गए हैं। वहीं पंजाब से बाबा संत हरभजन सिंह के नेतृत्व में तीन हजार से ज्यादा श्रद्धालुओं का जत्था सिर्फ लंगर की व्यवस्था को संभालने के लिए पटना साहिब पहुंचा है। प्रबंधक समिति के महासचिव सरदार सरजिंदर ने बताया कि जहां भी संगत का डेरा होगा वहीं पर लंगर की व्यवस्था की जाएगी।

श्री गुरु गोविंद सिंह के प्रकाशोत्सव के उपलक्ष के चलते राज्य में आने वाले श्रद्धालुओं को किसी भी तरह की परेशानी न हो इसके लिए प्रदेश सरकार ने भी पूरी व्यवस्था की है। खुद मुख्यमंत्री नीतिश कुमार ने इन सब तैयारियों का जायजा लिया था। प्रकाशोत्सव में आने वाले श्रद्धालुओं के लिए राज्य सरकार ने रहने खाने से लेकर सभी सुविधाओं की व्यवस्था की है। श्रद्धालुओं के ठहरने के लिए पटना बाइपास में श्रद्धालुओं के ठहरने के 90 एकड़ जमीन पर टेंटों की व्यवस्था की गई है। इसके अलावा गांधी मैदान और कंघनघाट में टेंट सिटी की व्यवस्था है।

बता दें कि गुरु गोविंद सिंह सिक्खों के 10वें गुरु हैं, इनका जन्म 22 दिसंबर 1666 को पटना में माता गुजरी और गुरु तेगबहादुर के घर में हुआ था। धर्म और समाज की रक्षा के लिए गुरु गोविंद सिंह ने 1699 में खालसा पंथ की स्थापना की थी। उन्होंने सभी लोगों के बीच भेदभाव को खत्म कर समानता की भावना को जागृत किया। इतना ही नहीं इस काम के लिए उन्होंने अपने चार पुत्रों का बलिदान तक दे दिया था।

वीडियो: सहारा की फाइल में 100 से ज़्यादा नेताओं के नाम; अधिकारयों का कहना- ‘कुछ पन्ने फर्ज़ी भी हो सकते हैं’

Hindi News से जुड़े अपडेट और व्‍यूज लगातार हासिल करने के लिए हमारे साथ फेसबुक पेज और ट्विटर हैंडल के साथ गूगल प्लस पर जुड़ें और डाउनलोड करें Hindi News App

  1. No Comments.
सबरंग