May 26, 2017

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मोदी सरकार की किसान योजनाओं को लागू करे बिहार: कृषि मंत्री राधामोहन सिंह

केंद्रीय मंत्री ने कहा, राज्य सरकार ने बीज उत्पादन केंद्र, टिशू कल्चर लैब स्थापित करने के लिए जमीन अभी तक नहीं दी है

Author नई दिल्ली | May 18, 2017 04:11 am
कृषि मंत्री राधा मोहन सिंह।

बिहार में कृषि एवं किसान कल्याण योजनाओं के मामले में राज्य सरकार पर सहयोग नहीं करने का आरोप लगाते हुए कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री राधामोहन सिंह ने कहा कि राज्य सरकार को योजनाओं में रुकावट डालने की बजाए गांधी के आदर्शों पर चलते हुए किसान हित में चलाई जा रही मोदी सरकार की योजनाओं का क्रियान्वयन करना चाहिए।
कृषि मंत्री ने आरोप लगाया कि गांव और किसानों को समर्पित मोदी सरकार ने पिछले तीन वर्षों में बिहार को कृषि एवं किसान कल्याण के लिए काफी धनराशि प्रदान की लेकिन प्रदेश सरकार ने उसे पूरा खर्च नहीं किया। इसके अलावा नारियल विकास बोर्ड का क्षेत्रीय कार्यालय स्थापित करने का कार्य रोक दिया गया जबकि उद्यान एवं वानिकी कालेज और पशु चिकित्सा एवं मत्स्यिकी कालेज स्थापित करने को मंजूरी दिए जाने के बावजूद इनके लिए भूमि आबंटित नहीं की गई।

उन्होंने कहा कि बिहार सरकार ने बीज उत्पादन केंद्र, टिशू कल्चर का लैब स्थापित करने के लिए जमीन अभी तक नहीं दी। राज्य में छह नए कृषि विज्ञान केंद्र खोले जाने हैं लेकिन इसके लिए अभी तक भूमि का आबंटन नहीं किया गया है। कृषि मंत्री ने आरोप लगाया कि बिहार सरकार डेयरी विकास योजना में भी रुकावट डाल रही है। कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय से प्राप्त जानकारी के अनुसार बिहार राज्य में नारियल विकास बोर्ड का क्षेत्रीय कार्यालय स्थापित करने के लिए 2016 में क्षेत्रीय कार्यालय भवन एवं किसान प्रशिक्षण भवन के लिए कार्य आरंभ हुआ लेकिन राज्य सरकार ने कार्य रोक दिया। प्राप्त जानकारी के अनुसार भारत सरकार ने दो वर्ष पहले बिहार राज्य के अंतर्गत मगध एवं सारण में कृषि कालेज, मोतिहारी में उद्यान एवं वानिकी कालेज और मधुबनी में पशु चिकित्सा एवं मत्स्यिकी कालेज को स्वीकृति दी। कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय से प्राप्त जानकारी के अनुसार, इस संबंध में जमीन आबंटित करने का अनुरोध राज्य सरकार से किया गया लेकिन अभी तक भूमि प्राप्त नहीं हुई है। भारतीय बीज निगम ने केला के टिशू कल्चर के लैब के लिए बिहार सरकार से जमीन की मांग की थी लेकिन अभी तक जमीन नहीं मिली।

भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद के अंतर्गत राष्ट्रीय लीची अनुसंधान केंद्र मुजफ्फरपुर द्वारा पौधा तैयार करने और प्रशिक्षण संबंधी केंद्र की स्थापना हुई है। पूर्वी चंपारण के मेहसी प्रखंड के महमदा बीज गुणन क्षेत्र में जमीन की मांग भारत सरकार ने की है। इसके लिए 7 करोड़ 56 लाख रुपए की योजना अनुशंसित एवं स्वीकृत है। इसके साथ ही एक करोड़ रुपए की राशि आबंटित कर दी गई है। राज्य सरकार ने अभी तक जमीन का आबंटन नहीं किया है। कृषि मंत्रालय से मिली जानकारी के अनुसार राज्य में छह नए कृषि विज्ञान केंद्र खोले जाने हैं जिसके लिए राज्य सरकार से भूमि आबंटन की मांग की गई है। इन्हें मुजफ्फरपुर, पूर्वी चंपारण, मधुबनी, पश्चिमी चंपारण, समस्तीपुर, गया में खोला जाना है। अभी तक भूमि आबंटित नहीं हुई है। मंत्रालय के आंकड़ों के मुताबिक बिहार में 11 मछली बाजार खोलने की स्वीकृति भी दी गई। इसके निर्माण के लिए भूमि आबंटन के लिए पत्र लिखा गया है जो प्राप्त नहीं हुआ है।

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First Published on May 18, 2017 4:11 am

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