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‘मेरा नाम तेजस्वी, मैं नौवीं पास’, 7 घंटे की पूछताछ में आयकर अधिकारियों से बोले लालू के लाल

आयकर विभाग के अधिकारियों ने इस दौरान तेजस्वी यादव से 36 सवाल पूछे थे जिनके उत्तर तेजस्वी ने यह कहकर टाल दिया कि उन्हें याद नहीं।
लालू यादव और राबड़ी देवी के बेटे तेज प्रताप यादव (बाएं) और तेजस्वी यादव। (फाइल फोटो)

बेनामी संपत्ति मामले में जब इनकम टैक्स डिपार्टमेंट के अधिकारी पिछले महीने 29 अगस्त को पटना में बिहार के पूर्व उप मुख्यमंत्री तेजस्वी यादव से पूछताछ कर रहे थे तब उन्होंने अपने परिचय में कहा था, मेरा नाम तेजस्वी यादव है, मैं नौवीं पास हूं। आयकर विभाग के अधिकारियों के सामने उस दिन तेजस्वी की मां और पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी, बहन हेमा यादव भी मौजूद थीं। अधिकारियों ने इन लोगों से करीब सात घंटे तक पूछताछ की थी। सूत्र बताते हैं कि आयकर विभाग के अधिकारियों ने इस दौरान तेजस्वी यादव से 36 सवाल पूछे थे जिनके उत्तर तेजस्वी ने यह कहकर टाल दिया कि उन्हें याद नहीं।

आयकर विभाग द्वारा जारी रिपोर्ट में कहा गया है कि तेजस्वी और उनकी बहन हेमा यादव ने नवरत्न डागा नाम के सख्स को जानने की बात कही है और बताया कि वो उनके पटना स्थित घर पर पूजा-पाठ करने आते थे लेकिन दोनों भाई बहन यह बताने में नाकाम रहे कि एबी एक्सपोर्ट कंपनी के और कौन-कौन निदेशक हैं। अधिकांश सवालों का जवाब नहीं देने वाले तेजस्वी ने कहा कि फिलहाल वो बाढ़ राहत में व्यस्त हैं लेकिन जब आयकर विभाग के अधिकारियों ने उनसे लिखित रूप में बेनामी संपत्ति कानून के तहत मुकदमा चलाए जाने की बात कही तो उन्होंने इस पर आपत्ति जाहिर की।

तेजस्वी से आयकर अधिकारियों ने पहला सवाल किया था कि आपके पास कितनी संपत्ति है और आमदनी का जरिया क्या है? दूसरा सवाल था कि जमीन, मकान या अन्य चल-अचल संपत्ति कहां-कहां है? तीसरा-इतनी अकूल संपत्ति का स्रोत क्या है? चौथा-इतनी ज्यादा संपत्ति इतने कम समय में कैसे कमाई? पांचवे सवाल के रूप में विभाग ने पूछा कि आपका पैन नंबर क्या है और आईटीआर कहां फाइल करते हैं? इसके बाद आयकर विभाग ने विभिन्न कंपनियों के बारे में पूछा, जो यादव परिवार से संबंधित हैं। छठा सवाल था कि आप कितनी कंपनियों के मालिक या डायरेक्टर हैं? सातवां सवाल-आपकी कंपनियां क्या काम करती हैं और इनकी लोकशन क्या-क्या हैं?

पूछताछ के दौरान तेजस्वी यादव और उनके परिवार के लोगों ने अधिकारियों को कहा कि उन्होंने कुछ भी गलत नहीं किया है। उनलोगों ने कहा कि राजनीतिक विद्वेष की वजह से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उनके खिलाफ साजिश रचकर इस तरह के मामलों में उलझाया है। तेजस्वी यादव साल 2011 में ही दिल्ली मैन्शन के मालिक बन गए थे लेकिन 2015 के चुनावी हलफनामे में उन्होंने इसका जिक्र नहीं किया था। हालांकि, जांचकर्ताओं का कहना है कि चुनाव से पहले उन्होंने उस कंपनी से इस्तीफा दे दिया था, जिस कंपनी का मालिकाना हक इस प्रॉपर्टी पर था।

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  1. A
    Anil kala
    Sep 14, 2017 at 6:22 pm
    नाम तेजस्वी, नौवीं पास और mukhyamantri banna chahte hai
    (1)(1)
    Reply
    1. P
      PRAMOD SHARMA
      Sep 15, 2017 at 2:11 pm
      after chiefminister,may be he can think about prime miniter
      (0)(0)
      Reply