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बिहार में एक डॉक्‍टर का दर्द- बेटी की शादी भूल कर मानव श्रृंखला को सफल बनाने के लिए कह रहे अफसर

19 तारीख को तमाम हेडमास्टर्स को लिखित आदेश दिया गया है कि मीड डे मिल किसी भी शर्त में 21 जनवरी की सुबह 10 बजे तक तैयार हो जाना चाहिए ताकि बच्चे खाना खाकर समय से अपने निर्धारित जगह पर पहुंच जाएं।
एक अनुमान के मुताबिक इस कार्यक्रम में दोपहर सवा 12 बजे से एक बजे के बीच करीब 2 करोड़ लोग मानव श्रृंखला का हिस्सा बनेंगे।

ऋचा रितेश
आज सुबह 8 बजे एक बड़े पदाधिकारी से फोन पर बात हो रही थी। मैंने पूछा कि नाव हादसा पर चल रही जांच का क्या प्रोग्रेस है? उन्‍होंने झुंझुलाते हुए जवाब दिया, ‘‘किसी प्रकार की जांच के बारे में प्लीज बात न करें तो ही बेहतर है। सभी अधिकारी तथा कर्मचारी पिछले 2 महीने से मानव श्रृखंला को सफल बनाने में लगे हैं। मेरा ये कन्फर्म मानना है कि पिछले 14 तारीख को घटी गंगा नाव दुर्घटना का मुख्य कारण अधिकारियों का ह्यूमन चेन को सफल बनाने में व्‍यस्‍त रहना है। इस सच्चाई को सभी आला अफसर जानते हैं लेकिन लीपापोती के लिए जांच का नाटक तो करना ही पड़ेगा। वैसे पहली प्राथमिकता है किसी भी हालत में तथाकथित शराबबंदी जागरूकता के लिए आहूत मानव श्रृंखला को सफल बनाना, नहीं तो सूबे के इन्द्र भगवान नाराज हो जाएंगे।’’

उस पदाधिकारी का कथन सोलह आना सच है। बिहार सरकार के सभी अंग धुरियाझार एकसूत्री काम में लगे हैं कि एन-केन-प्रकारेण मुख्यमंत्री नीतीश कुमार द्वारा संकल्पित दारूबंदी के पक्ष में आयोजित 21 जनवरी की मानव श्रृंखला को सफलता की बुलंदी पर पहुंचा दिया जाए। हेल्थ विभाग के एक उच्च पदाधिकारी बताते हैं ‘‘केन्द्रीय मंत्री जे पी नड्डा एक माह से 250 करोड़ रूपए देने के लिए चिट्ठी पर चिट्ठी भेज रहे हैं लेकिन किसी को मानव श्रृंखला से फुर्सत मिले तब न उस पर नजर जाएगा।’’ समस्तीपुर सरकारी अस्पताल में पदस्थापित एक बुजुर्ग डॉक्टर रोने के अंदाज में कहते हैं, ‘‘12 फरवरी को बेटी की शादी है। सारी तैयारी करनी है पर, जिला प्रशासन का दबाव है कि सब काम भूलकर पहले मानव श्रृंखला को सफल बनाओ ताकि छुट्टी के साथ तुमको बोनस भी मिले।’’ वो बेचारे जानना चाहते हैं कि क्या इसी को सुशासन कहते हैं?

रोहतास जिला के शिक्षा पदाधिकारी अशोक कुमार का लिखित फरमान। (स्क्रीनशॉट) रोहतास जिला के शिक्षा पदाधिकारी अशोक कुमार का लिखित फरमान। (स्क्रीनशॉट)

बीते 17 नवम्बर को नीतीश कुमार ने अचानक ऐलान किया कि ‘दुनिया को एक संदेश देने के वास्ते राज्य में लागू दारूबंदी के सपोर्ट में एक विशाल मानव श्रृंखला का आयोजन 21 जनवरी को किया जाएगा, जिसमें करीब 2 करोड़ लोग शिरकत करके 11 हजार किलो मीटर लंबी मानव श्रृंखला बनाने का वर्ल्‍ड रिकॉर्ड बनाएंगे। तब से राज्य के सारे अधिकारी कर्मचारी सारे जन उपयोगी कामकाज छोड़कर एक लय में इसे सफल बनाने में जुटे हैं। कल ही मुख्य सचिव अंजनी कुमार सिंह ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिग के जरिए सभी जिलों के डीएम को इस सरकारी आयोजन को पूर्ण रूप से सफल बनाने का दिशा-निर्देश दिया है।

खबर है कि अपने राजनीतिक आकाओं को खुश करने के लिए बहुत से अधिकारी-कर्मचारी लीक से हटकर भी काम कर रहे हैं। बक्सर जिले के एक हाई स्कूल के टीचर बताते हैं ‘‘मुझे सेक्टर मजिस्ट्रेट नियुक्त किया गया है, मेरे मातहत 5 को-आर्डिनटर हैं, प्रत्येक को कम से कम 4000 बच्चों को मानव श्रृखंला में शामिल करवाने की जिम्मेवारी सौंपी गई है। 20 दिनों से इसी काम में लगा हूं। बच्चों की पढ़ाई स्थगित है।’’ सम्बन्धित विभाग द्वारा 19 तारीख को तमाम हेडमास्टर्स को लिखित आदेश दिया गया है कि मीड डे मिल किसी भी शर्त में 21 जनवरी की सुबह 10 बजे तक तैयार हो जाना चाहिए ताकि बच्चे खाना खाकर समय से अपने निर्धारित जगह पर पहुंच जाएं। रोहतास जिला के शिक्षा पदाधिकारी अशोक कुमार ने लिखित फरमान जारी किया है कि जो बच्चा अपने अभिभावक के साथ मानव श्रृखंला में शामिल नहीं होगा, उसका स्कूल से नाम काट दिया जाएगा तथा सरकार द्वारा दी जानेवाली सुविधाएं उसे नहीं दी जाएंगी।

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