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लालू ने अपने गुरुभाई को बनाया राजद का राष्ट्रीय उपाध्यक्ष, नीतीश ने बनाया था सांसद

शिवानंद तिवारी मई 2008 से लेकर अप्रैल 2014 तक जदयू की तरफ से राज्य सभा सांसद रहे।
नीतीश कुमार के साथ शिवानंद तिवारी ।

राजद अध्यक्ष लालू प्रसाद यादव ने शिवानंद तिवारी को पार्टी का नया राष्ट्रीय उपाध्यक्ष बनाया है। हाल के दिनों में महागठबंधन टूटने के बाद से शिवानंद तिवारी काफी सक्रिय रहे हैं। उन्होंने लालू यादव का पक्ष लिया था और नीतीश कुमार की जमकर आलोचना की थी। शिवानंद तिवारी इससे पहले जदयू से राज्यसभा सांसद थे लेकिन 2014 के लोकसभा चुनावों से पहले जदयू ने उन्हें 6 साल के लिए पार्टी से निकाल दिया था। उस वक्त भी शिवानंद तिवारी ने पार्टी में रहते हुए नीतीश कुमार का विरोध किया था। उन्होंने नीतीश को खुली चुनौती भी दी थी। उन्होंने कहा था कि नीतीश का भ्रष्टाचार के खिलाफ जीरो टॉलरेंस एक मात्र ढोंग है। उनका कहना है कि अगर भेद खुला तो गड़े मुर्दे उखड़ेंगे और उनकी पोल खुल जाएगी।

बता दें कि बिहार के बड़े नेता स्वर्गीय रामानंद तिवारी के बेटे हैं शिवानंद तिवारी। उनका दोनों ही दलों में सम्मान होता रहा है। रामानंद तिवारी की छत्र छाया में ही लालू-नीतीश सरीखे नेताओं ने राजनीति का ककहरा सीखा था, इसलिए शिवानंद तिवारी लालू यादव और नीतीश कुमार के गुरुभाई भी कहलाते हैं। इस वक्त उनके बेटे राहुल तिवारी राजद से विधायक हैं।

शिवानंद तिवारी 1996 में पहली बार चुनाव जीत कर बिहार विधान सभा पहुंचे थे। इसके बाद उन्होंने 2000 में भी विधानसभा चुनाव जीता था। उस वक्त ये लालू की पार्टी में थे। बाद में शिवानंद तिवारी जदयू में शामिल हो गए। मई 2008 से लेकर अप्रैल 2014 तक जदयू की तरफ से राज्य सभा सांसद रहे।

जदयू से दोबारा राज्यसभा का टिकट नहीं देने पर शिवानंद तिवारी ने ना सिर्फ नाराजगी जताई थी बल्कि 2 फरवरी 2014 को बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पर अहंकारी होने का आरोप भी लगाया था। तब उन्होंने कहा था कि पार्टी के अंदर जो कोई भी नीतीश के सुर में सुर नहीं मिलाएगा, उसका जदयू में कोई स्थान नहीं होगा। पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष वशिष्ठ नारायण सिंह को लिखे पत्र में शिवानंद तिवारी ने ये बातें कही थीं।

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