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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की 2 घंटे की साहेबगंज यात्रा का खर्च 9 करोड़ रुपये, राजस्व विभाग ने दिया विशेष ऑडिट का आदेश

प्राप्त जानकारी के मुताबिक, इससे पहले भी प्रधानमंत्री झारखंड के खूंटी, जमशेदपुर, हजारीबाग और दुमका का दौरा कर चुके हैं।
6 अप्रैल को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी का साहेबगंज दौरा हुआ था। (Express Photo)

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की झारखंड के साहेबगज दो घंटे की यात्रा का खर्च तकरीबन 9 करोड़ रूपए आया है। झारखंड सरकार के वितीय महकमा ने विशेष ऑडिट कराने का आदेश मंगलवार को दिया है। यह खर्च साहेबगंज जिला प्रशासन ने किया है। वितीय विभाग के सूत्रों का कहना है कि खर्च के बिल की रकम देखकर पीएमओ भी हैरान है। मामला तूल पकड़ता देख वितीय विभाग ने जांच का आदेश दे दिया है।

प्राप्त जानकारी के मुताबिक, इससे पहले भी प्रधानमंत्री झारखंड के खूंटी, जमशेदपुर, हजारीबाग और दुमका का दौरा कर चुके हैं। लेकिन इतना भारी भरकम खर्च कभी नहीं हुआ। अमूमन डेढ़ से दो करोड़ रूपए खर्च हुए हैं। साहेबगंज दौरे के खर्च को लेकर जिला प्रशासन ही नहीं झारखंड की रघुवर दास सरकार भी चर्चा में है।

गौरतलब है की इसी साल 6 अप्रैल को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी का साहेबगंज दौरा हुआ था। वे गंगानदी पर पुल की बुनियाद और साहेबगंज – गोविंदपुर उच्च पथ का उद्घाटन करने आए थे। इसके ठीक दो रोज बाद 9 अप्रैल को बगल राजमहल संसदीय क्षेत्र की लिट्टीपाड़ा विधानसभा सीट का उपचुनाव भी था। शायद इसी के मद्देनजर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का कार्यक्रम तय किया गया था।

बाबजूद इसके लिट्टीपाड़ा उपचुनाव में भाजपा को पराजय का मुंह देखना पड़ा। यहां से झारखंड मुक्ति मोर्चा की जीत हुई। फिर भी प्रधानमंत्री के दौरे पर जिला प्रशासन ने 9 करोड़ रुपये खर्च कर दिया। प्रशासन द्वारा इतना खर्च करने की बात किसी को पच नहीं रहा है। दिलचस्प बात ये है कि इस खर्च में केवल भोजन का बिल 44 लाख रूपए का भी शामिल है।

बता दें कि साहेबगंज जिला प्रशासन ने खर्च की गई 9 करोड़ रूपए की भरपाई के लिए झारखंड सरकार के राजस्व विभाग को पत्र लिखा था। राजस्व विभाग बिल देखते ही सकते में आ गया। जिला प्रशासन द्वारा खर्च की गई रकम को देखकर राजस्व विभाग बिल की समीक्षा करने में जुटा है। विभाग को ये समझ नहीं आ रहा है कि आखिर इतने रुपये कहां खर्च हो गए। अंत में राजस्व विभाग के सचिव केके सोन ने मंगलवार को बिल की विशेष ऑडिट कराने का आदेश दिया।

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