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बिहार: भागलपुर निकाय चुनाव में धनबलियों-बाहुबलियों का जोर, मेयर नहीं डिप्टी मेयर की कुर्सी पर सबकी नजर

चुनाव में आधा दर्जन वैसे पार्षद बनने की दौड़ में है जिनकी नजर उप महापौर की कुर्सी पर टिकी है और अच्छी आर्थिक हैसियत वाले हैं।
21 मई को होने वाले मतदान की तैयारियों में जुटे सरकारी कर्मचारी।

बिहार के पूर्वी शहर भागलपुर के नगर निगम चुनाव में महापौर सीट इस बार अनुसूचित जाति की महिला के लिए आरक्षित है जबकि उप महापौर का पद सामान्य वर्ग के उम्मीदवारों के लिए रखा गया है। इस लिहाज से यहां चुनावी समर में उप महापौर की कुर्सी हासिल करने की रस्साकसी बढ़ गई है। इस रेस में पार्षद बनने की ख्वाहिश और हैसियत रखने वाले आधा दर्जन से ज्यादा उम्मीदवार अलग-अलग वार्डों से चुनाव मैदान में डटे हैं। 21 मई को मतदान होना है। हर बार की तरह इस बार भी चुनाव में धनबल और बाहुबल का बोलबाला है मगर वार्ड नंबर 16 से एक ऐसी महिला उम्मीदवार खड़ी हैं जिनकी सालाना हैसियत मात्र आठ हजार रुपये की है। बावजूद इसके वो धनकुबेरों को हराने मैदान में उतरी हुई हैं।

भागलपुर नगर निगम में कुल 51 वार्ड हैं लेकिन बीते पांच साल में पूरे शहर में सफाई का रोना और पीने के पानी का टोटा बना रहा। सड़क, नाली कहीं बनी भी तो उसमें भारी लूट-खसोट हुई। इस बीच, एक काम जरूर हुआ। आंकड़ों का खेल कर भागलपुर स्मार्ट शहरों की सूची में 13वें पायदान पर आ गया। इसके लिए महापौर दीपक भुवानियां और उप महापौर प्रीति शेखर से कहीं ज्यादा निगम के आयुक्त अभिनव कुमार को श्रेय जाता है लेकिन शहर के सीनियर सिटीजन्स कहते हैं कि शहर के हालात इस लायक नहीं है कि वो स्मार्ट सिटी की लिस्ट में शामिल हो सके।

खैर जो हो, चुनाव में आधा दर्जन वैसे पार्षद बनने की दौड़ में है जिनकी नजर उप महापौर की कुर्सी पर टिकी है और अच्छी आर्थिक हैसियत वाले हैं। मिसाल के तौर पर 19 नंबर वार्ड से चुनाव लड़ रही प्रीति शेखर हैं। इस वार्ड से पिछली बार दीपक भुवानियां जीते थे। ये भी हैसियत वाले थे और महापौर बने। इस बार दीपक चुनाव नहीं लड़ रहे हैं। लिहाजा, प्रीति शेखर ने इस वार्ड से पर्चा भर दिया। ये मौजूदा उप महापौर हैं और फिर से इनकी नजर कुर्सी पर है। ये भी करोड़पति उम्मीदवारों की गिनती में हैं। वैसे ये बीते चुनाव में महापौर की दावेदार थीं लेकिन पार्षदों के नंबर के खेल में प्रीति पिछड़ गई थीं। इस वजह से उप महापौर पद से ही संतोष करना पड़ा था। वहीं वार्ड 41 की निवर्तमान पार्षद संध्या गुप्ता फिर चुनाव मैदान में डटी हैं। इनकी हैसियत भी करोड़ों में है।

इसी तरह जिला परिषद के अध्यक्ष टुनटुन साह की पत्नी सीमा साह की चल-अचल जायदाद करोड़ों में है। ये शहर के 50 नंबर वार्ड से मुकाबले में है। बबिता देवी की हैसियत भी करोड़पति उम्मीदवार की है। वार्ड 47 से चुनाव मैदान में खड़ी नासरीन की चल-अचल संपति भी करोड़ के पार है। ये राज्य सभा सदस्या कहकशां परवीन की जेठानी हैं। कहकशां खुद भी इस वार्ड से चुनाव जीतकर महापौर बन चुकी हैं। बीते चुनाव में इनके पति यहां से पार्षद चुने गए थे। बीते रोज कहकशां परवीन के पति से 10 लाख रुपए रंगदारी मांगने और न देने पर इनके भागलपुर आवास पर बम विस्फोट की वारदात से ये सुर्ख़ियों में थीं। इसके अलावे 38 नंबर वार्ड से चुनावी अखाड़े में उतरे एक सर्राफा व्यापारी के बेटे राजेश वर्मा भी करोड़पति उम्मीदवार हैं। इन्होंने ही बीते रोज अपने जिम के उद्घाटन के लिए डब्लू डब्लू एफ के पहलवान द ग्रेट खली को बुलाकर शहर में खलबली मचा दी थी। भागलपुर के विवादित तत्कालीन एसडीओ और बक्सर के वरीय डिप्टी कलेक्टर कुमार अनुज से इनके मधुर किस्से भी सरेआम हैं। चुनाव में खड़े धनाढ्य उम्मीदवार वोटरों को रिझाने में हरेक तरह का हथकंडा आजमा रहे हैं।

वार्ड 21 के निवर्तमान पार्षद संजय सिन्हा और वार्ड 23 के निवर्तमान पार्षद गुड्डू दुबे की निगाह भी उप महापौर की कुर्सी पर टिकी है। बहरहाल, ये उम्मीदवार पार्षद बनने के लिए अपनी एड़ी चोटी का जोर इस प्रचंड गर्मी के बावजूद लगाए हुए हैं। मतदाता किसे विजयश्री दिलाते हैं और किसे शिकस्त, यह 23 जून को पता चलेगा, जब मतगणना होगी। अलबत्ता, चुनाव में खड़े बाहुबलियों का बाकायदा पुलिस रिकॉर्ड है तो धनबलियों ने पर्चा दाखिल करते वक्त अपनी जायदाद का बाकायदा ब्यौरा दिया है। यह भी एक रिकॉर्ड की बात है।

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