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बड़ा हादसा टला! चलती ट्रेन में दौड़ा करंट, कई यात्री झुलसे

चलती ट्रेन में करंट फैलने की वजह से यात्रियों में भगदड़ मच गई।
एक ट्रेन में आई खराबी को ठीक करते रेलवे कर्मचारी। (Photo Source: Indian Express)

रेल हादसे थमने का नाम ही नहीं ले रहे हैं। हर रोज रेल हादसे की खबर देखने को मिली है। अब खबर बिहार से आई है, जहां एक चलती ट्रेन में बिजली का करंट दौड़ गया, जिससे यात्रियों में भगदड़ मच गई। इस हादसे की वजह से करीब तीन लोग झुलस गए। जिसके बाद उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया। घटना बरौनी-समस्तीपुर रेलखंड अंतर्गत साठाजगत रेलवे स्टेशन की है। रेलवे स्टेशन के आउटर सिग्नल के पास मौर्या एक्सप्रेस ट्रेन में यह हादसा हुआ। रिपोर्ट्स के मुताबिक बछवाड़ा रेलवे स्टेशन से ट्रेन के खुलने के बाद सुबह करीब छह बजे एक कोच में सीट से धुंआ निकलने लगा। जिसके बाद कुछ यात्रियों को करंट का झटका महसूस हुआ।

करंट का झटका महसूस होने के बाद यात्रियों में भगदड़ मच गई। इसके बाद ट्रेन को रुकवाया लिया गया। करंट लगने से ट्रेन में सवार तीन यात्री झुलस गए, जिसके बाद उन्हें बेगुसराय रेलवे अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उनका इलाज चल रहा है। हालांकि, अभी तक यह पता नहीं लग पाया है कि ट्रेन के कोच में करंट कैसे फैला।

इससे पहले वाराणसी जा रही शिवगंगा एक्सप्रेस ट्रेन का इंजन भदोही जिले के ज्ञानपुर स्टेशन के पास कपलिंग टूट जाने की वजह से बाकी हिस्से को छोड़कर करीब एक किलोमीटर आगे निकल गया था। यह घटना जंगीगंज रेलवे हाल्ट और ज्ञानपुर स्टेशन के बीच की है। उस वक्त ट्रेन ज्ञानपुर रेलवे स्टेशन पहुंचने वाली थी, इस वजह से उसकी गति कम थी। इंजन से अलग होने के बाद बाकी डिब्बे एक गांव में रुक गए। ट्रेन रुकने से यात्रियों ने जमकर हंगामा भी किया। वर्मा ने बताया कि सूचना मिलने पर पहुंची रेलवे की टीम ने इंजन को वापस लाकर पैंतालीस मिनट बाद कपलिंग जुड़वायी, फिर ट्रेन को ज्ञानपुर स्टेशन लाया जा सका।

पीयूष गोयल के रेलमंत्री बनते ही उत्तर प्रदेश, नयी दिल्ली और महाराष्ट्र में नौ घंटे के भीतर तीन रेलगाड़ियां पटरी से उतर गईं थीं। गौरतलब है कि हाल में हुई कई रेल दुर्घटनाओं के बाद आलोचनाओं का सामना कर रहे सुरेश प्रभु को कैबिनेट फेरबदल में रेल मंत्रालय से हटाकर वाणिज्य और उद्योग मंत्रालय की जिम्मेदारी दी गई थी।

इससे पहले 20 अगस्त को कलिंग उत्कल पुरी हरिद्वार एक्सप्रेस के 14 डिब्बे उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर जिले में पटरी से उतर गए थे, जिसमें कम-से-कम 23 लोगों की मौत हो गयी थी और बड़ी संख्या में लोग घायल हुए थे। इसके तीन दिन बाद दिल्ली आ रही कैफियत एक्सप्रेस के नौ डिब्बे उत्तर प्रदेश के औरैया में पटरी से उतर गए, जिसमें कम-से-कम 100 यात्री घायल हो गए। ट्रेन के डंपर से टकराने के कारण यह दुर्घटना हुई थी।

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  1. B
    bitterhoney
    Sep 14, 2017 at 7:50 am
    मोदी राज में सबकुछ पटरी से उतर गया है.पूरा देश खाई में गिर गया है.
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    Reply
    1. M
      manish agrawal
      Sep 14, 2017 at 6:45 am
      मनोहर लाल खट्टर को क्यों नहीं बना देते , हिन्दोस्तान का रेलमंत्री ? खट्टर साहब , रेल मंत्रालय ही ठप्प कर देंगे ! ना चलेगी रेलगाड़ी , ना होगी दुर्घटना ! किस्सा ख़त्म !
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      Reply
      सबरंग