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लालू की पार्टी से गठबंधन तोड़ना चाहते हैं कांग्रेस के 19 विधायक, राहुल से मीटिंग करके रखी बात

भागलपुर विधायक अजीत शर्मा ने कहा कि हमने राहुल गांधी से कह दिया है कि हमें आरजेडी की जरुरत नहीं है।
एक मीटिंग के दौरान कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी और राहुल गांधी (फाइल फोटो)

बिहार में महागठबंध की सरकार टूटने के बाद कांग्रेस के 27 में से 19 विधायक लालू प्रसाद यादव की पार्टी राष्ट्रीय जनता दल से अलग होने की तैयारी में हैं। इन विधायकों ने हाल ही में कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी से मुलाकात की थी और आरजेडी के साथ गठबंधन तोड़ने की मांग की। एक तरफ तो वरिष्ठ नेता विधायकों की इस बात को टालने की कोशिश करते हुए दिखाई दे रहे हैं तो वहीं कांग्रेस विधानसभा दल को तोड़ने के लिए ये 19 विधायक काफी हैं। बता दें कि बागियों को कांग्रेस विधानसभा दल को विभाजित करने के लिए दो-तिहाई या 18 विधायकों की आवश्यकता है।

वहीं विधायकों ने राहुल से मुलाकात करने के बाद कहा की आरजेडी सुप्रीमो कांग्रेस के लिए बिलकुल भी विश्वास के लायक नहीं हैं। रिपोर्ट्स के अनुसार दो सालों से प्रदेश में अच्छा प्रदर्शन न कर पाने के लिए लालू यादव ही जिम्मेदार हैं। भागलपुर विधायक अजीत शर्मा ने कहा कि हमने राहुल गांधी से कह दिया है कि हमें आरजेडी की जरुरत नहीं है और अगर 2019 के चुनावों में बीजेपी को हराने की जरुरत पड़ेगी तो बाद में हम फिर से आरजेडी का साथ दे देंगे।

कांग्रेस की बिहार इकाई में मचे घमासान और पार्टी में टूट के कयासों के बीच प्रदेश अध्यक्ष अशोक चौधरी ने गुरुवार को कहा कि एक साजिश के तहत उन्हें अध्यक्ष पद से हटाने की कवायद की जा रही है। उन्होंने स्पष्ट कहा कि पार्टी में भीतरघात का खेल चल रहा है, जिसमें पार्टी के कुछ शीर्ष नेता भी शामिल हैं। बिहार कांग्रेस में मतभेद गुरुवार को उस समय खुलकर सामने आ गया जब कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष चौधरी ने अपने ही कुछ शीर्ष नेताओं पर पार्टी में मतभेद पैदा करने का आरोप लगा दिया। पटना में संवाददाताओं से चर्चा में प्रदेश कमेटी में मतभेद के एक प्रश्न के उत्तर में उन्होंने कहा, “आल इंडिया कांग्रेस कमेटी के बड़े नेता ही इस सारे खेल को खेल रहे हैं। कुछ बड़े नेता अपने चहेतों को बिहार में पार्टी का अध्यक्ष बनाना चाहते हैं और इसकी कवायद बहुत दिनों से चल रही है।” एक क्षेत्रीय समाचार चैनल से बात करते हुए उन्होंने भावुक होकर कहा, “पार्टी को मेरी वफादारी पर कोई शंका नहीं है, लेकिन दिल्ली में बैठे कुछ सीनियर नेता ही मुझे पद से हटाने के लिए सारा खेल रच रहे हैं। अगर ऐसे में मुझे पद से हटाया जाता है तो आहत होना लाजिमी है।”

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