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भागलपुर: डीएम के जाली दस्‍तखत कर बैंक से न‍िकाल ल‍िए करोड़ों रुपए

जिलाधीश के मुताबिक, खातों में हेराफेरी का शक होने पर डीडीसी से जांच कराई गई। जांच में फर्जी दस्तखत कर चेक काटने और दूसरे खाते में रकम ट्रांसफर करने की बात सच पाई गई।
विकास सहयोग समिति लिमिटेड के खाते से 10 करोड़ 26 लाख 58 हजार 295 रूपए गायब है। (प्रतीकात्मक तस्वीर)

भागलपुर डीएम के जाली दस्तखत कर बैंक से हुए करोड़ों रूपए निकासी की जांच के लिए बुधवार शाम आर्थिक अपराध की टीम पटना से भागलपुर पहुंची है। टीम का नेतृत्व आईजी जितेंद्र सिंह गंगवार कर रहे है। सूत्रों के मुताबिक, यदि सही तरीके से इस मामले में तहकीकात की गई तो बड़ा घोटाला और कई बड़े अधिकारियों की मिलीभगत सामने आएगी। आईजी आर्थिक अपराध ने सर्किट हाउस में इस सिलसिले में आते ही पुलिस अफसरों के साथ बैठक कर सच्चाई जानने की कोशिश की। सृजन महिला विकास सहयोग समिति लिमिटेड के बारे में विस्तार में जाना। बता दें कि आईजी जितेंद्र सिंह गंगवार भागलपुर के एसएसपी रह चुके हैं।

डीआईजी विकास वैभव बताते हैं कि इस सिलसिले में थाना कोतवाली में एफआईआर दर्ज कराई गई है। जिसमें इंडियन बैंक के प्रबंधक और सृजन महिला विकास सहयोग समिति लिमिटेड के अधीकारी और कर्मचारियों को नामजद किया है। मामला समाहरणालय के नजारत लिपिक ने लिखवाया है।

दरअसल, जिला विकास महकमा ने इंडियन बैंक भागलपुर के नाम 12 करोड़ 20 लाख 15 हजार 75 रूपए का एक चेक दिनांक 27 सितंबर 2014 को जारी किया। यह रकम ओरिएंटल बैंक आफ कॉमर्स से इंडियन बैंक में खुले मुख्य्मंत्री नगर विकास योजना अकाउंट में जमा होनी थी। जो इस सरकारी खाते के बजाए 30 सितंबर 2014 को सृजन महिला विकास सहयोग समिति लिमिटेड के खाता संख्या 822726685 में जमा कर दी गई। यह किसके आदेश से बैंक ने किया पता नहीं। इतना ही नहीं जिस खाते में यह रकम जमा की गई उस खाते से 10 करोड़ 26 लाख 58 हजार 295 रूपए गायब है। मसलन गलत तरीके से निकासी की गई। इन सब बातों का दर्ज एफआईआर में भी उल्लेख किया गया है।

हालांकि, बैंक प्रबंधक कहते है कि चेक जरूर प्रभंधक के नाम से था। मगर चेक की पीठ पर रकम सृजन के खाते में हस्तांतरित करने के बारे में डीएम के दस्तखत के साथ लिखा था। इधर, डीएम आदेश तितमारे ने बताया कि उनके फर्जी दस्तखत से चेक जारी किया गया और दूसरे के खाते में जमा किया गया। एसएसपी मनोज कुमार ने सिटी डीएसपी शाहवार अख्तर के नेतृत्व में एसआईटी का गठन किया है, जो सबौर ब्लॉक स्थित सृजन महिला विकास सहयोग समिति लिमिटेड के दफ्तर पर छापामार तीन कम्प्यूटर के सीपीयू, कैशबुक, कैशमेमो और हिसाब किताब से जुड़े जरूरी कागजात जब्त किए है। साथ ही सृजन के इंडियन बैंक के चार खातों को सील किया है।

जिलाधीश के मुताबिक, खातों में हेराफेरी का शक होने पर डीडीसी से जांच कराई गई। जांच में फर्जी दस्तखत कर चेक काटने और दूसरे खाते में रकम ट्रांसफर करने की बात सच पाई गई। जानकार बताते हैं कि सृजन महिला विकास सहयोग समिति लिमिटेड काफी समय से चर्चा में रहा है। इस समिति का खेल तरीके से जांच होने पर उजागर हो सकता है। जिनके तार बड़े-बड़े अफसरों से जुड़े है और उनकी काली कमाई खपाने का यह जरिया भी बताया जा रहा है।

वैसे यहां मौजूद पुलिस के आला अफसर बताते हैं कि आर्थिक अपराध विंग मामले को अपने जिम्मे लेकर जांच कर सकती है। इसी वजह से टीम पटना से आनन-फानन में हवाई जहाज से भागलपुर पहुंची है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने भी घोटाले को लेकर चिंता जताई है और दोषियों पर सख्त कार्रवाई करने की बात कही है।

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