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पांच से 10 लाख तक लेता था बिहार टॉपर घोटाले का अभियुक्त

बिहार पुलिस और राज्य खुफिया विभाग की साझा टीम के हाथों यहां दक्षिण 24-परगना जिले के महेशतला इलाके से गिरफ्तार बिहार टॉपर घोटाले का प्रमुख अभियुक्त विकास कुमार इंटरमीडिएट....
Author कोलकाता | August 11, 2016 03:36 am

बिहार पुलिस और राज्य खुफिया विभाग की साझा टीम के हाथों यहां दक्षिण 24-परगना जिले के महेशतला इलाके से गिरफ्तार बिहार टॉपर घोटाले का प्रमुख अभियुक्त विकास कुमार इंटरमीडिएट के छात्रों से उनकी उत्तर पुस्तिकाएं बदलने के लिए पांच से 10 लाख रुपए तक लेता था। उसे यहां एक स्थानीय अदालत में पेश करने के बाद ट्रांजिट रिमांड पर बिहार पुलिस की टीम को सौंप दिया गया है। खुफिया विभाग के डीआइजी दिलीप अदक ने यहां पत्रकारों को इसकी जानकारी दी।

बिहार टॉपर घोटाले का पर्दाफाश होने के बाद से ही विकास भूमिगत था। उसने हाल में कोलकाता में एक करोड़ से ज्यादा कीमत का एक प्लैट भी खरीदा है। अदक ने बताया कि कुमार बिहार विद्यालय परीक्षा समिति में क्लर्क-सह-स्टोरकीपर के पद पर था। वही पूरे गिरोह का मुखिया था। उन्होंने कहा कि विकास छात्राओं से उनकी उत्तर पुस्तिकाएं बदलने के लिए पांच से 10 लाख रुपए तक लेता था।

खुफिया पुलिस अधिकारी ने बताया कि समिति की ओर से संचालित होने वाली परीक्षाओं के लिए प्रश्नपत्र और उत्तर पुस्तिकाएं छापने की निविदा पहले गुजरात स्थित एक कंपनी को दी गई थी। लेकिन उसका आर्डर रद्द कर यह काम मथुरा स्थित एक प्रेस को सौंप दिया गया था। कुमार ने गुजरात की कंपनी को उत्तर पुस्तिकाएं छापने को कह दिया था।

वहां से 28 ट्रकों में भर कर यह सामान उसके पास आया था। इसके बाद वह छात्रों व अभिभवाकों से सौदा कर उनको खाली उत्तर पुस्तिकाएं सौंप देता था। वे घर पर लिख कर कुमार को देते थे और वह असली उत्तर पुस्तिकाओं की जगह उनको रख देता था। गुजरात की कंपनी का बकाया बिल जब नौ करोड़ रुपए पार कर गया तो उसने बिहार पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। उसके बाद ही कुमार का नाम सामने आया।

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