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बिहार टॉपर्स मामले में किसी को भी नहीं बख्शा जाएगा : नीतीश कुमार

बिहार में इंटरमीडियट की परीक्षा में टॉपर्स विद्यार्थी को लेकर चल रहे विवाद में प्रदेश के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा कि मामले में किसी को नहीं बख्शा जाएगा।
Author पटना | June 7, 2016 13:33 pm
बिहार के मुख्‍यमंत्री नीतीश कुमार। (फाइल फोटो)

बिहार में इंटरमीडियट की परीक्षा में टॉपर्स विद्यार्थी को लेकर चल रहे विवाद में प्रदेश के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा कि मामले में किसी को नहीं बख्शा जाएगा। सबकी जिम्मेदारी तय की जाएगी और कार्रवाई भी होगी। पत्रकारों से नीतीश कुमार ने कहा कि सब तरह के लोग हैं। पहले भी परीक्षा में टॉप 10 की जांच कराई जाती थी। मुझे जानकारी मिली है कि कार्रवाई हो रही है। गत वर्ष मैट्रिक परीक्षा के दौरान चोरी करते हुए तस्वीर सामने आई थी तो उस पर हमने कार्रवाई की थी। इस बार मैट्रिक परीक्षा में पूरी सख्ती बरती गई थी।

बिहार विद्यालय परीक्षा समिति (बीएसईबी) 12वीं के परीक्षा परिणाम में गड़बड़ी की ओर इशारा करते हुए उन्होंने कहा कि वर्तमान प्रकरण में भी शिक्षा विभाग द्वारा कार्रवाई की जा रही है। पहले भी दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की गई थी। आगे भी किसी को नहीं बख्शा जाएगा। इसकी पूरी जांच होगी साथ ही आगे से ऐसे किसी प्रकार की गलती होने की गुंजाइश नहीं रहेगी। उन्होंने कहा कि दोषियों पर आपराधिक मामले भी दर्ज किए जाएंगे।

इंटरमीडियट परीक्षा में टापर्स रहे इन अभ्यथियों के टीवी चैनलों पर विषय संबंधित और उनके विशेष ज्ञान के बारे में टेलीकास्ट किए जाने से एक बार फिर प्रदेश की स्कूली शिक्षा की किरकिरी हुई है। इस मामले पर शिक्षा मंत्री अशोक कुमार चौधरी ने भी बिहार विद्यालय परीक्षा समिति की ओर से ‘चूक’ होने पर नाराजगी जताई थी।

इस बीच, शिक्षा विभाग ने भी इंटरमीडियट (कला) व विज्ञान 2016, की परीक्षा में हुई गड़बड़ी की जांच के लिए एक तीन सदस्यीय उच्चस्तरीय कमेटी का गठन किया है जिसमें बीएसईआइडीसी के अध्यक्ष संजीवन सिन्हा, माध्यमिक शिक्षा निदेशक राजीव प्रसाद सिंह रंजन एवं जनशिक्षा के निदेशक विनोदानंद झा शामिल हैं। शिक्षा मंत्री द्वारा रविवार को एक प्रेस विज्ञप्ति जारी कर कहा गया है कि यह तीन सदस्यीय उच्चस्तरीय समिति इंटरमीडियट (कला व विज्ञान 2016) की परीक्षा में हुई गड़बड़ी के सभी पहलुओं पर जांच कर आगामी 20 जून तक अपनी रिपोर्ट सरकार को सौंपेगी।

बीएसईबी ने भी विज्ञान संकाय के टापर्स सहित एक अन्य अभ्यर्थी के परीक्षा परिणाम को कल रद्द करते हुए पूरे प्रकरण की जांच के लिए एक उच्च स्तरीय जांच समिति के गठन का निर्णय लिया था।

बिहार विद्यालय परीक्षा समिति के अध्यक्ष लालकेश्वर प्रसाद ने बताया कि पूरे प्रकरण की जांच के लिए शनिवार शाम ही एक उच्च स्तरीय समिति का गठन कर लिया गया है, जो पटना उच्च न्यायालय के सेवानिवृत्त न्यायाधीश घनश्याम प्रसाद की अध्यक्षता में काम करेगा। इस समिति को यथाशीघ्र रिपोर्ट देने को कहा गया है। उन्होंने बताया कि इनके साथ समिति के अन्य सदस्यों में सेवानिवृत्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश जीपी श्रीवास्तव, पूर्व आइपीएस अधिकारी मिठू प्रसाद को शामिल किया गया है। लालकेश्वर ने बताया कि समिति के अध्यक्ष को इस समिति में एक पूर्व शिक्षाविद सलाहकार को शामिल करने के लिए कहा गया है।

बिहार में इंटरमीडियट परीक्षा के कला संकाय में प्रदेश में टॉपर रही रूबी राय और विज्ञान संकाय में टॉपर रहे सौरव श्रेष्ठ के साथ दोनों संकाय के प्रथम सात-सात टापर्स को दोबारा जांच के लिए गत तीन जून को पटना बुलाया गया था जिसमें रूबी राय को छोडकर शेष 13 परीक्षार्थी शामिल हुए थे। इस परीक्षा में 13 शीर्ष परीक्षार्थियों में से 11 को शीर्ष योग्य पाया गया और दो सौरभ श्रेष्ठ (विज्ञान संकाय में टॉपर) तथा राहुल कुमार (विज्ञान संकाय में तीसरे स्थान पर रहे) को मापदंड के अनुसार नहीं पाए जाने के कारण उनके परीक्षा परिणाम को रद्द कर दिया गया था।

कला संकाय में टॉपर रही रूबी राय के पिता ने आवेदन देकर कहा था कि वह ‘डिप्रेशन’ में हैं। इसलिए उन्हें अपना पक्ष रखने के लिए एक सप्ताह का अवसर प्रदान करते हुए आगामी 11 जून को उपस्थित होने को कहा गया है। उल्लेखनीय है कि ये दोनों टॉपर रूबी राय और सौरभ श्रेष्ठ वैशाली जिला के भगवानपुर स्थित विशुन राय कॉलेज के हैं। पिछले साल परीक्षा में सामूहिक नकल को लेकर यह कॉलेज विवाद में आया था।

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