January 21, 2017

ताज़ा खबर

 

नीतीश कुमार ने पीएम से कहा- पाकिस्तान को उसी की भाषा में दीजिए जवाब, लव लेटर लिखना बंद कीजिए

नीतीश ने कहा कि हमलोग अगर मगर में विश्वास नहीं करते, राष्ट्रीय सुरक्षा, आतंकवाद से निबटने और विदेश नीति के मामले में पूरी तरह केंद्र के साथ हैं।

बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार (फाइल फोटो)

जेडीयू के राष्ट्रीय परिषद की बैठक के दूसरे और आखिरी दिन अपने अध्यक्षीय भाषण में नीतीश कुमार ने कहा कि पाकिस्तान को मुंहतोड़ जवाब देने की किसी भी तरह की कार्रवाई में वह और उनकी पार्टी केंद्र सरकार के साथ है। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान को उसी की भाषा में जवाब दीजिए, लव लेटर मत लिखिए ,हमारी पार्टी आपके के साथ खड़ी है। उन्होंने कहा कि हमलोग अगर मगर में विश्वास नहीं करते, राष्ट्रीय सुरक्षा, आतंकवाद से निबटने और विदेश नीति के मामले में पूरी तरह केंद्र के साथ हैं। ब्रिक्स सम्मेलन में पीएम के आतंकवाद के मसले पर कही गयी बातों का समर्थन करते हुए नीतीश ने कहा कि पीएम जैसा जरूरत समझें हम उनके साथ हैं।

सर्जिकल स्ट्राइक और सेना की कार्रवाई को समर्थन देते हुए नीतीश ने कहा, “गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने इसकी जानकारी दी थी। हमने पूछा कि ऑपरेशन सफल हुआ और उनका जवाब हां में आया तो हमने बधाई दी लेकिन हम पीएम से अनुरोध करते हैं कि वह किसी भी राजनीतिक दल को इसका श्रेय लेने या इस संबंध में होर्डिग लगाने से रोकें। यह काम ठीक नहीं है। इसे देशभक्ति नहीं कहा जा सकता।” उन्होंने बीजेपी का नाम लिए बिना कहा कि जो पार्टी ऐसा कर रही है उन्हें आप रोकिए। नीतीश ने कहा, “आप देश के प्रधानमंत्री हैं, अकेले भाजपा के नेता नहीं, पूरा राष्ट्र एक है, यदि कोई इस मसले को देश का अंदरूनी राजनीति का हिस्सा बनाना चाहता है तो उसे आप रोकिए।”

वीडियो देखिए: बेटी जन्म देने पर दे दिया तलाक

इस दौरान नीतीश ने पीएम पर चुटकी भी ली। उन्होंने कहा कि आप जय श्री राम बोलिए, मुझे कोई आपत्ति नहीं है लेकिन आपके बोलने के तुरंत बाद प्रवीण तोगड़िया ने मंदिर बनवाने की मांग भी कर दी। प्रधानमंत्री मोदी का नाम लिए बिना नीतीश ने कहा कि जिस मुद्दे पर आपको वोट मिले, उस पर काम कीजिए, देश का फायदा कॉमन सिविल कोड, धारा 370 और मंदिर निर्माण जैसे मुद्दे से नहीं होगा, सबके विकास से होगा। देश का राष्ट्रीय विकास दर सात प्रतिशत पर पहुंच गया है। किसान निराश हो रहे हैं, रोजगार नहीं मिल रहा है। सालाना दो करोड़ लोगों को रोजगार देने का लक्ष्य कहीं नहीं रहा। किसानों की मजबूरी इस बात से समझी जा सकती है कि जाट, पट्टेदार और मराठा जैसी सशक्त खेतिहर वर्ग भी अब आरक्षण की मांग कर रहा है।

नीतीश ने कहा कि देश क्राइसिस के दौर से गुजर रहा है। प्रधानमंत्री को इसे देखना होगा। उन्होंने कहा, “एग्रेगेरियन क्राइसिस का दौर है, जीएम सरसों को लाया जा रहा है, हमने पहले की सरकार में भी इसका विरोध किया था, वे लोग मान गये अब जीएम सरसों थोपा जा रहा है, जबकि राज्यों की सहमति के बिना इसे लागू नहीं होना चाहिए। हम बिहार में किसी भी कीमत पर इसे लागू नहीं होने देंगे। जीएम सरसों का असर शहद पर भी पड़ेगा।” नीतीश ने कहा कि देश अधिक दिनों तक इन चीजों को स्वीकार नहीं करेगा।

Read Also-जदयू में बगावत: चार प्रदेश अध्यक्षों ने कहा- गलत ढंग से अध्यक्ष बने बैठे हैं नीतीश कुमार

Hindi News से जुड़े अपडेट और व्‍यूज लगातार हासिल करने के लिए हमारे साथ फेसबुक पेज और ट्विटर हैंडल के साथ गूगल प्लस पर जुड़ें और डाउनलोड करें Hindi News App

First Published on October 17, 2016 8:37 pm

सबरंग