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भोजपुरी, राजस्थानी और भोटी को आठवीं अनुसूची में शामिल करने का आग्रह

सरकार का विचार है कि अभी 38 भाषाओं को संविधान की आठवीं अनुसूची में शामिल करने की मांग विचाराधीन है। ऐसे में केवल तीन भाषाओं को मान्यता देने से यह विषय उलझ सकता है।
Author नई दिल्ली | January 19, 2016 00:09 am
भारतीय संसद

भोजपुरी, राजस्थानी और भोटी भाषा को जल्द से जल्द संविधान की आठवीं अनुसूची में शामिल किए जाने के प्रयासों के बीच भाजपा के वरिष्ठ नेता अर्जुन राम मेघवाल के नेतृत्व में एक शिष्टमंडल ने सोमवार को गृह मंत्री राजनाथ सिंह से मुलाकात की और उनसे इस विषय पर पहल करने का आग्रह किया।

सरकार का विचार है कि अभी 38 भाषाओं को संविधान की आठवीं अनुसूची में शामिल करने की मांग विचाराधीन है। ऐसे में केवल तीन भाषाओं को मान्यता देने से यह विषय उलझ सकता है। लोकसभा में भाजपा के मुख्य सचेतक अर्जुन राम मेघवाल ने बताया- मैं, जगदंबिका पाल और कुछ और सांसदों ने गृह मंत्री राजनाथ सिंह से मुलाकात की और उनसे आग्रह किया कि भोजपुरी, राजस्थानी, भोटी को मान्यता प्रदान की जाए।

उन्होंने कहा- हमने उनसे आग्रह किया कि यह मानदंड बनाया जाए कि जिन भारतीय भाषाओं को विदेशों में मान्यता मिली हुई है,उन्हें भारत में भी आठवीं अनुसूची में शामिल किया जाए। इस तरह से भोजपुरी, राजस्थानी, भोटी भाषा को स्वत: मान्यता मिल जाएगी क्योंकि भोजपुरी को मारीशस में मान्यता प्राप्त है, राजस्थानी को नेपाल में और भोटी को भूटान में मान्यता मिली हुई है।

मेघवाल ने कहा कि इस बारे में सिद्धांत के तौर पर एकराय है कि भोजपुरी, राजस्थानी और भोटी को मान्यता मिलनी चाहिए। मेघवाल, जगदंबिका पाल, मनोज तिवारी, भोजपुरी समाज के अजीत दूबे सहित बहुत से लोगों ने 21 फरवरी को अंतरराष्ट्रीय मातृभाषा दिवस से पहले इन भाषाओं को स्वीकृति प्रदान करने की मांग की है।

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