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गरीब उम्‍मीदवारों को दारोगा परीक्षा पास कराने के ल‍िए मुफ्त कोच‍िंग का इंतजाम करा रहे भागलपुर के एसएसपी

एसएसपी मनोज कुमार के मुताबिक, फिलहाल इसके लिए योग्य शिक्षकों का चुनाव किया जा रहा है, जो प्रतियोगियों को सफल होने के गुर सिखाएंगे।
भागलपुर एसएसपी मनोज कुमार ने यह पहल की है।

यदि आपने बिहार में दारोगा (सब-इंस्पेक्टर) बनने के लिए आवेदन किया है और भागलपुर जिले के हैं, इसके साथ ही आर्थिक हालत कमजोर है। ऐसे में घबराने की कोई बात नहीं है। उनको भागलपुर पुलिस प्रतियोगिता परीक्षा में सफल होने का मुफ्त में गुर सिखाएगी। भागलपुर के एसएसपी मनोज कुमार ने यह पहल की है। उनके मुताबिक, कोचिंग कार्यक्रम चलाने के लिए तिलकामांझी भागलपुर विश्वविद्यालय को प्रशाल मुहैया कराकर सहयोग करने की लिखित गुजारिश की है। एसएसपी की कोशिश है कि कम से कम 100 प्रतियोगी भागलपुर जिले से सफल होकर दारोगा बनें। ध्यान रहे कि बिहार में 1771 दारोगा पद पर बहाली होनी है।

एसएसपी ने बताया कि सामुदायिक पुलिसिंग के तहत यह योजना बनाई गई है। टॉप-100 के लिए भागलपुर शहर के अलावा कहलगांव में भी कोचिंग का सेंटर होगा। फिलहाल इसके लिए योग्य शिक्षकों का चुनाव किया जा रहा है, जो प्रतियोगियों को सफल होने का गुर सिखाएंगे। इसके लिए प्रशिक्षु आईपीएस एएसपी जितेंद्र कुमार की अगुवाई में एक टीम का गठन किया गया है। इस टीम में जिले में तैनात चार डीएसपी शाहवार अखतर, रामचंद्र कौशल, राजेश कुमार प्रभाकर और रमेश कुमार को शामिल किया गया है। इनके अलावा 2009 बैच के चयनित दारोगा भी कोचिंग पढ़ाने में अपना योगदान करेंगे।

मनोज कुमार बताते हैं कि इसके लिए प्रतियोगी को जिले का बाशिंदा होने के सबूत के तौर पर अंचल से आवासीय प्रमाण पत्र बनवाना होगा। इसमें दरख्वास्त के साथ इलाके के थाने में पंजीकरण भी कराना होगा। ध्यान रहे कि कुल दरख्वास्तों में से 500 प्रतियोगियों को चुना जाएगा, जिसकी आर्थिक हालत सबसे कमजोर होगी। इसके साथ ही इसमें से टॉप-100 को अलग किया जाएगा, जिन पर खास ध्यान रखा जाएगा। कोचिंग में 500 प्रतियोगियों का मुफ्त में दाखिला होगा। लेकिन प्रतियोगियों की योग्यता और उनके टैलेंट के मद्देनजर कोशिश होगी कि इनमें से कम से कम 100 सफल हों।

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