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आतंकियों से लड़ते शहीद हुए नीलेश कुमार का राजकीय सम्मान के साथ किया गया अंतिम संस्कार

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने नीलेश कुमार की शहादत पर गहरी संवेदना जताई और सरकारी कोष से 11 लाख रुपए का चेक उनके निकटतम परिजन को दिया।
जम्मू-कश्मीर के बांदीपुरा में आतंकियों से लड़ते हुए नीलेश शहीद हुए।

एक हफ्ते में भागलपुर ने दो सपूतों को सरहद की रक्षा करने में आहुति दे दी। यह गम और फक्र दोनों की बात है। शहीदों के परिवार पर तो पहाड़ टूटा है, लेकिन वतन पर मर मिटने में शहीद हुए बेटों की शहादत कभी न भुलाई जा सकेगी। यही सोच भागलपुरियों का सीना गर्व से चौड़ा कर रही है। शहीद नीलेश कुमार नयन का सुल्तानगंज गंगानदी घाट पर राजकीय सम्मान के साथ गुरुवार देर शाम अंतिम संस्कार किया गया। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने नीलेश कुमार की शहादत पर गहरी संवेदना जताई और सरकारी कोष से 11 लाख रुपए का चेक उनके निकटतम परिजन को दिया।

बुधवार सुबह जम्मू-कश्मीर के बांदीपुरा में आतंकियों से लड़ते शहीद हुए नीलेश (31) भागलपुर के सुल्तांगज के उदाडीह गांव के रहने वाले थे। वह वायुसेना के गरुड़ विंग के कमांडों के रूप में चंडीगढ़ में पोस्टेड थे। तीन महीने पहले ही इन्हें दूसरे जवानों को कमांडों प्रशिक्षण देने के लिए जम्मू-कश्मीर भेजा गया था। इससे पहले 3 अक्टूबर को कश्मीर के श्रीनगर में बीएसएफ कैंप पर हुए आतंकी हमले में जिले के पीरपैंती अंचल के कमलचक गांव के ब्रजकिशोर यादव शहीद हो गए थे। वह सीमा सुरक्षा बल की 182वीं बटालियन में एएसआई पद पर तैनात थे।

नीलेश कुमार के शहादत की खबर उनके पिता तरुण कुमार सिंह और माता बुलबुल देवी को जैसे ही बुधवार दोपहर मिली वैसे ही पूरे गांव में मातम छा गया। इनके छोटे भाई रितेश नयन भी फौज में हैं और वह राजस्थान के अबोहर में तैनात हैं। उनके पिता ने बताया कि पांच दिनों पहले ही उनसे बात हुई थी। निलेश ने जनवरी में आने की बात कही थी। वह मई महीने में छुट्टी लेकर आए भी थे। पिता को बेटे की शहादत पर नाज है तो गम भी है।

नीलेश कुमार का पार्थिव शरीर चंडीगढ़ से गुरुवार को पूर्णिया के सैन्य हवाई अड्डे चुनापुर लाया गया। वहां से सड़क के रास्ते भागलपुर होते हुए उनके गांव उदाडीह ले जाया गया। शाम को शहीद का शव पहुंचते ही शहीद नीलेश अमर रहे अमर रहे, जब तक सूरज चांद रहेगा नीलेश तुम्हारा नाम रहेगा, वंदेमातरम… सरीखे गगनभेदी नारों से माहौल गूंज गया। साथ ही उनकी 14 महीने की बेटी को उनकी पत्नी मनीषा नयन की गोदी में देख मानो लोगों का कलेजा फट गया। इनकी पत्नी और बेटी इनके साथ चंडीगढ़ में ही रहते थे। वे पार्थिव शरीर के साथ आए हैं।

उनके पार्थिव शरीर को अंतिम विदाई देने बिहार के नगर विकास मंत्री सुरेश कुमार शर्मा, आयुक्त राजेश कुमार, आईजी सुशील खोपड़े, डीआइजी विकास वैभव, डीएम आदेश तितमारे, एसएसपी मनोज कुमार समेत हजारों की तायदाद में लोग मौजूद थे। वायु सेना और पुलिस के जवानों ने उनके सम्मान में मातम के बीच अपने शस्त्र झुका दिए।

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