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अमलेश राजू की रिपोर्टः सोती रही सरकार, लगती रही जान की बाजी

पतंगबाजी और चीनी मांझे के कारण रानीबाग, तिलकनगर और विकासपुरी में दो मामूसों चार साल की सांची और इतनी ही उम्र के हैरी सहित 19 साल के एक अन्य युवक जफर की मौत ने मंगलवार को विंदापुर और रानी बाग इलाके में हिंसक प्रदर्शन और जाम का रूप ले लिया।
Author नई दिल्ली | August 17, 2016 03:45 am
पतंग उड़ाता नागरिक

पतंगबाजी और चीनी मांझे के कारण रानीबाग, तिलकनगर और विकासपुरी में दो मामूसों चार साल की सांची और इतनी ही उम्र के हैरी सहित 19 साल के एक अन्य युवक जफर की मौत ने मंगलवार को विंदापुर और रानी बाग इलाके में हिंसक प्रदर्शन और जाम का रूप ले लिया। वहीं करावलनगर में सोमवार शाम पतंगबाजी के कारण दो समुदायों के बीच हुए झगड़े सुलझाने में नाकाम रहने के कारण गोकुलपुरी के एसएचओ को निलंबित कर दिया गया। पूर्वी दिल्ली के आनंद विहार इलाके में मांझे की चपेट में आने से घायल सब इंस्पेक्टर मनोज कुमार को अस्पताल से छुट्टी दे दी गई। दक्षिण-पश्चिम जिला पुलिस उपायुक्त सुरेंद्र कुमार का कहना है कि एहतियातन 144 लगाया गया था जिसके उल्लंघन पर अब धारा 188 लगाकर मामला दर्ज कर दबिश दी जा रही है। जबकि रानी बाग मामले में उत्तर-पश्चिम जिले के पुलिस उपायुक्त विजय सिंह का कहना है कि लापरवाही का मामला दर्ज कर धर-पकड़ जारी है। तिलकनगर मामले में पुलिस अभी पोस्टमार्टम रिपोर्ट के इंतजार की बात कह रही है।

कटी सांची और हैरी के जीवन की डोर : सोमवार शाम को पतंगबाजी में चीनी मांझे के दो ऐसे दर्दनाक हादसे सामने आए जिससे पुलिस भी सकते में पड़ गई। उत्तर-पश्चिमी दिल्ली के रानीबाग में जहां चार साल की बच्ची सांची की कार के रूफ विंडो से झांकने के दौरान गर्दन कटी वहीं इसी तरह तिलक नगर इलाके में भी चार साल के बच्चे हैरी की कार से झांकने के दौरान ही मांझे की चपेट में आने से मौत हो गई। रानीबाग में चार साल की बच्ची सांची गोयल कार की छत पर बनी खिड़की से सिर बाहर किया था तभी मांझे ने उसे अपनी चपेट में ले लिया। बताया जा रहा है कि आलोक और नेहा गोयल अपने परिवार के साथ दीपाली इलाके में रहते हैं। आलोक का रोहिणी में लकड़ी का व्यवसाय है। सांची गोयल दंपति की इकलौती संतान थी और स्थानीय बाल भारती स्कूल में नर्सरी की छात्रा थी। सोमवार को स्वतंत्रता दिवस पर सांची ने माता-पिता से फिल्म देखने की जिद की। बताया जा रहा है कि फिल्म देखने का कार्यक्रम सांची ने दो हफ्ते पहले ही बना लिया था।

परिजनों ने पुलिस को दिए बयान में कहा है कि सांची अपने माता-पिता के साथ दोपहर तीन बजे प्रशांत विहार स्थिति मल्टीप्लेक्स में फिल्म देखने के लिए गई थी। फिल्म साढ़े छह बजे खत्म हुई और पूरा परिवार होंडा सिटी कार से वापस घर लौट रहा था। आलोक के मुताबिक, उनकी बेटी को कार की छत पर बनी खिड़की (रूफ टॉप) से झांकना अच्छा लगता था। दंपति आगे बैठे और सांची घर लौटते समय उससे झांक कर रही थी। कार अभी रेल रोड स्थित हरियाणा मैत्री भवन के पास पहुंची ही थी तभी चीनी मांझे वाली कटी पतंग उड़ते हुए सांची के गले में लिपट गई और गला काटते हुए उड़ गई। सांची खून से लथपथ होकर अपनी मां की गोद में गिर पड़ी। कार रोकने पर पाया गया कि मासूम की गर्दन लगभग धड़ से अलग हो चुकी थी।

खून से लथपथ माता-पिता अपनी बेटी को पास के अस्पताल में ले गए लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी। डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। सूचना मिलते ही पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंचे और लापरवाही से मौत का मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी। जिले के उपायुक्त विजय सिंह का कहना है कि धर-पकड़ जारी है। गोयल परिवार मंगलवार को बेहद गमगीन थे। बताया गया कि सांची ने फिल्म देखने के बाद रास्ते में अपने दादा रविंद्र गोयल को फोन कर साथ में डिनर करने की बात कही। इसलिए रविंद्र गोयल भी घर पर अपनी पोती का इंतजार कर रहे थे। इसी बीच करीब आठ बजे उनके बेटे आलोक ने जब घटना की जानकारी दी तो वह बेहोश होकर गिर गए। इस नवंबर को सांची पांच साल पूरी करती। इस बार सांची के जन्मदिन पर भव्य पार्टी देने और उसे लेकर गोवा की सैर की योजना बनाई जा रही थी।

सोमवार शाम को ही तिलकनगर इलाके में चार साल के हैरी की सांची की तरह ही गर्दन कटने से मौत हो गई। हैरी अपने पिता राजन और मां के साथ कार से घर लौट रहा था। राजन का कास्मेटिक्स का कारोबार है। उत्तमनगर में रहने वाले राजन ने स्वतंत्रता दिवस पर बेटे और पत्नी के साथ घूमने निकले थे। शाम में जैसे ही कार जगतपुरी फ्लाइओवर पास कर डिस्ट्रिक पार्क और जनकपुरी के बीच पहुंची तभी अचानक हैरी की गर्दन चीनी मांझे की चपेट में आ गई। हैरी भी सांची की तरह कार से बाहर झांक रहा था। उसे तुरंत दीनदयाल उपाध्याय अस्पताल पहुंचाया गया जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। मामले के जांच अधिकारी वीरपाल ने बताया कि हैरी की मौत के बाद परिवार सदमे में है। अलबत्ता अभी उनसे बहुत ज्यादा पूछताछ नहीं की जा रही है। शव के पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के असली कारणों का पता चलेगा।

मोटरसाइकिल सवार की ली जान
सोमवार को एक अन्य वारदात में अपनी बहन के यहां द्वारका से निहाल विहार अपने घर लौट रहे 19 साल के जफर की मांझे की चपेट में आने से मौत हो गई। जफर मोटरसाइकिल पर थे और जनकपुरी डिस्ट्रिक सेंटर के पास विकासपुरी इलाके में उसके साथ यह हादसा हुआ। मांझा फंसने से बाद वे मोटरसाइकिल से नीचे गिर गए। स्थानीय लोगों ने जैसे ही उन्हें उठाया तो देखा कि उनकी गर्दन में मांझा फंसा हुआ है और तेज खून निकल रहा है। दीनदयाल उपाध्याय अस्पताल में उसे डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

बिजली कंपनियों पर भी सवाल : स्वतंत्रता दिवस पर हुए इन सभी वारदातों ने दिल्ली पुलिस और अन्य एजंसियों को झकझोर दिया है। मंगलवार दोपहर में विंदापुर के भगवती विहार में पतंग उड़ाने के दौरान छत पर बिजली की चपेट में आने से घायल रोहित के परिजनों का आरोप है कि बिजली के खुले तार से आए दिन वारदातें होती हैं। अलबत्ता बिजली कंपनियों के खिलाफ मामला दर्ज होना चाहिए। 14 साल का रोहित सोमवार शाम छत पर पतंग उड़ाने और पकड़ने के दौरान करंट की चपेट में आ गया था। 80 से 90 फीसद झुलसी हालत में उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया है। मंगलवार को इलाके के लोगों ने सड़क जाम कर अपना गुस्सा उतारा। लोगों का आरोप था कि जब चीनी मांझा बिकता है तब पुलिस रोक नहीं लगाती। बच्चे को पतंगबाजी के दौरान मांझे के बारे में जानकारी नहीं होती। यह काम पुलिस का है कि वे ऐसे मांझा बेचने वाले को गिरफ्तार करे। जाम की सूचना पर पुलिस ने पहुंचकर लोगों को आरोपियों के खिलाफ कानूनी रूप से कार्रवाई का आश्वासन देकर जाम हटाया।

पतंग उड़ाने को लेकर संघर्ष : उत्तर-पूर्वी दिल्ली के गोकुलपुरी इलाके में सोमवार शाम पतंग उड़ाने को लेकर दो समुदायों के बीच संघर्ष के बाद जिले के पुलिस उपायुक्त एके सिंघला ने गोकुलपुरी के एसएचओ को निलंबित कर दिया है। इस झगड़े में पुलिस पर पथराव करने और हिंसा करने के आरोप में एक व्यक्ति को गिरफ्तार और तीन लोगों को हिरासत में लिया गया है। बताया जा रहा है कि गोकुलपुरी के शिव विहार इलाके में झगड़ा तब शुरू हुआ जब पतंगबाजी के दौरान मोटरसाइकिल सवारों ने सड़क पर पतंग उड़ाने का विरोध किया था। पहले हाथापाई हुई फिर सभी लोग चले गए। लेकिन कुछ देर के बाद स्थानीय लोगों में संघर्ष होने लगा। दोनों समूहों ने एक-दूसरे पर पथराव किया और बोतलें फेंकीं। उपायुक्त ने कहा कि पुलिस ने हालात को काबू करने की कोशिश की लेकिन झगड़ा कर रहे लोगों ने उन्हें भी निशाना बनाया और एक हेड कांस्टेबल को सिर में चोट आई है। स्थिति इस समय नियंत्रण में है। धारा 144 लगाकर उपद्रव रोकने के लिए पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया है। आपस में भाईचारा बनाए रखने के लिए वरिष्ठ अधिकारियों ने दोनों समुदायों के लोगों से मुलाकात कर और इलाके में शांति कायम करने के लिए उनका सहयोग मांगा।

बाल-बाल बचे मनोज कुमार
सोमवार शाम को ही स्वतंत्रता दिवस की अपनी ड्यूटी पूरी करके आनंद विहार थाने लौट रहे सब इंसपेक्टर मनोज कुमार मांझे की चपेट में आकर घायल हो गए थे। वे मोटरसाइकिल पर सवार थे और घटना के समय क्रॉस रिवर मॉल के पास से गुजर रहे थे। समय रहते साथी पुलिसवालों ने उन्हें तुरंत अस्पताल पहुंचाया जिससे उनकी जान बच गई। इस मामले में जिले के पुलिस उपायुक्त ऋषि पाल ने बताया कि मनोज को गंभीर चोट नहीं आई थी और इस घटना के संदर्भ में कोई मामला दर्ज नहीं हुआ है। लेकिन ऐहतियातन जांच जारी है। पतंगबाजी से पिछले दो दिनों में कई लोग घायल हो गए। पुराना किला भैरो मंदिर के पास 44 साल के संजीव वर्मा का हेलमेट मजबूत नहीं होता तो उसकी हालत भी गंभीर हो जाती। संजीव के पहले हेलमेट और फिर हाथ चीरता हुआ मांझा निकल गया। इसी प्रकार गाजीपुर में 49 साल के विनोद भारद्वाज की भी मांझे की चपेट में आने से जान जाते-जाते बची। विनोद गाजीपुर से दिल्ली आ रहे थे तभी चीनी मांझे ने उनकी गर्दन की नस काट दी। उसका इलाज दिल्ली के एक निजी अस्पताल में चल रहा है।

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