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अमित शाह का फिर भाजपा मुखिया बनना तय

राजनाथ सिंह के अधूरे कार्यकाल को पूरा करने के लिए भाजपा अध्यक्ष बने अमित शाह 24 जनवरी को पूरे कार्यकाल के लिए पार्टी मुखिया बन सकते हैं।
Author नई दिल्ली | January 21, 2016 03:51 am
भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह (फाइल फोटो)

राजनाथ सिंह के अधूरे कार्यकाल को पूरा करने के लिए भाजपा अध्यक्ष बने अमित शाह 24 जनवरी को पूरे कार्यकाल के लिए पार्टी मुखिया बन सकते हैं। मोदी सरकार में मंत्री बनने के बाद राजनाथ सिंह ने 2014 में पार्टी अध्यक्ष पद से इस्तीफा दिया था। भाजपा सूत्रों का कहना है कि मोदी के विकास और हिंदुत्व के सियासी मकसद के तहत शाह को पार्टी अध्यक्ष बनाए रखने का फैसला किया गया है। लेकिन शाह को ऐसे वक्त पर पार्टी की कमान सौंपी जा रही है, जब पार्टी बिहार में मिली चुनावी शिकस्त से उबरने की कोशिश कर रही है। इसके अलावा आर्थिक मोर्चे पर उसका प्रदर्शन खास नहीं दिख रहा है। अल्पसंख्यकों और दलितों के बीच उसकी छवि भी चिंता का कारण बनी है। पार्टी का मानना है कि इन संकटों के बीच शाह को हटाकर किसी और को लाना पार्टी के हित में नहीं होगा।

मोदी के एक करीबी ने बताया कि शाह चाहते हैं कि केंद्र सरकार के एजंडे को अमल में लाने के लिए पार्टी को और मुखर होकर काम करना चाहिए। खासतौर पर नमामि गंगे, स्वच्छ भारत अभियान और बेटी बचाओ, बचपन पढ़ाओ योजना के क्रियान्वयन को तरजीह देने की जरूरत है।

चुनावी मोर्चे पर शाह को कुछ राज्यों में चुनाव के लिए अगले दो साल में भाजपा को मजबूती से खड़ा करने की जरूरत है। असम, तमिलनाडु, बंगाल, केरल और पुडुचेरी में विधानसभा चुनाव अप्रैल-मई में होने हैं, जबकि उत्तर प्रदेश, पंजाब, उत्तराखंड, गोवा और मणिपुर में 2017 में चुनाव होने हैं।

हालांकि पूरे कार्यकाल के लिए शाह के नाम पर रजामंदी आसानी से नहीं हुई। कई दौर की बातचीत, विचार-विमर्श के बाद ही कोई सहमति बन पाई। इसमें संघ के नेता, भाजपा के सचिव और प्रधानमंत्री मोदी भी शामिल थे। वैसे भाजपा के दिग्गज नेताओं को शाह की क्षमताओं को लेकर शुबह था। पर उनकी राय नहीं मानी गई। मोदी और संघ प्रमुख मोहन भागवत चाहते थे कि पार्टी के हित में शाह को बनाए रखना ठीक होगा।

इस बीच भाजपा के अध्यक्ष पद के चुनाव के लिए अधिसूचना जारी होने के साथ ही इसकी प्रक्रिया शुरू हो गई है। पार्टी के अध्यक्ष पद के लिए नामांकन 24 जनवरी को स्वीकार किए जाएंगे, उसी दिन नामांकन पत्रों की जांच की जाएगी और जरूरी होने पर 25 जनवरी को चुनाव कराया जाएगा। पार्टी के अध्यक्ष के तौर पर शाह का कार्यकाल 23 जनवरी को समाप्त हो रहा है। अगर शाह फिर से भाजपा के अध्यक्ष चुने जाते हैं तो यह उनका पहला पूर्ण कार्यकाल होगा। शाह ने नौ जुलाई, 2014 को भाजपा के अध्यक्ष के रूप में कमान संभाली थी।

चुनाव के लिए निर्वाचन अधिकारी अविनाश राय खन्ना ने कहा, ‘भाजपा अध्यक्ष पद पर चुनाव के लिए नामांकन 24 जनवरी को सुबह 10 बजे से दोपहर 1 बजे के बीच अशोक रोड स्थित पार्टी मुख्यालय पर स्वीकार किए जाएंगे। नामांकनों की जांच और वापसी दोपहर एक बजे से 1:30 बजे के बीच होगी और अगर आवश्यकता हुई तो 25 जनवरी को सुबह 10 बजे से दोपहर दो बजे के बीच चुनाव होगा।

पार्टी सूत्रों ने कहा कि पहले ही 20 राज्यों में पार्टी के अध्यक्षों का चुनाव हो चुका है और पांच और प्रदेश अध्यक्षों के चुनाव की प्रक्रिया चल रही है। भाजपा के विधान के अनुसार कोई व्यक्ति दो कार्यकाल के लिए भाजपा का अध्यक्ष बन सकता है। पार्टी के विधान को 2013 में नितिन गडकरी के कार्यकाल के दौरान संशोधित किया गया था। भाजपा में पार्टी अध्यक्ष का चुनाव सामान्य तौर पर निर्विरोध होता है। पिछली बार वरिष्ठ पार्टी नेता यशवंत सिन्हा ने चुनाव लड़ने की इच्छा जताई थी। लेकिन बाद में ऐसा नहीं करने का फैसला किया था।

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