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अमित शाह बोले, मायावती के बंगले की कीमत से हर दलित के घर में लग जाए एसी

गायत्री प्रजापति को लेकर सपा तथा मायावती के शासनकाल में ताज कारिडोर सहित विभिन्न घोटालों को लेकर बसपा पर भ्रष्टाचार के आरोप मढते हुए शाह ने कहा कि गायत्री प्रजापति को निकाला और वापस ले लिया।
Author लखनऊ | September 21, 2016 20:37 pm
बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह।

भारतीय जनता पार्टी के अध्यक्ष अमित शाह ने सपा और बसपा पर जोरदार हमला बोलते हुए बुधवार को कहा कि दोनों ही पार्टियों ने इतना भ्रष्टाचार किया कि उनके नेताओं के घर भर गये और जनता के हाथ कुछ नहीं आया। बसपा का दामन छोड़कर भाजपा में शामिल होने वाले स्वामी प्रसाद मौर्य द्वारा लोकतांत्रिक बहुजन मंच के बैनर तले आयोजित रैली में शाह ने कहा, ‘15 साल से उत्तर प्रदेश की जनता सपा और बसपा … इसी सबमें उलझी हुई है और जनता बेचारी जहां थी, वहीं रह गयी। दोनों पार्टियों :सपा-बसपा: के नेताओं के घर भर गये और जनता के हाथ कुछ नहीं आया।’

गायत्री प्रजापति को लेकर सपा तथा मायावती के शासनकाल में ताज कारिडोर सहित विभिन्न घोटालों को लेकर बसपा पर भ्रष्टाचार के आरोप मढते हुए शाह ने कहा कि गायत्री प्रजापति को निकाला और वापस ले लिया। उन्होंने कहा, ‘मैं अखिलेश को पूछना चाहता हूं कि आपने गायत्री को क्यों निकाला था ? निकालते वक्त तो कहा था कि वह भ्रष्टाचार कर रहे हैं इसलिए निकाल रहे हैं। एक ही सप्ताह में वापस ले लिया तो क्या वह भ्रष्टाचारी नहीं हैं ? खनन के मामले में उत्तर प्रदेश में जो भ्रष्टाचार हुआ है, यदि ना होता तो प्रदेश के हर घर में एक एक कलर टीवी पहुंच जाता।’

साथ ही शाह बोले, ‘बहन जी (मायावती) आपको जनता ने पूर्ण बहुमत दिया था। आपने क्या किया ? एनआरएचएम घोटाला किया, नोएडा प्लाट आवंटन घोटाला, ताज कारिडोर घोटाला, सिक्योरिटी नंबर प्लेट घोटाला, पुलिस भर्ती घोटाला …. 40 हजार करोड़ रूपये का घोटाला करने के बाद :मायावती: कहती हैं कि वह उत्तर प्रदेश के पिछड़े और दलित लोगों का भला करेंगी।’

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शाह ने मायावती के दिल्ली स्थित बंगलों का उल्लेख करते हुए कहा कि मायावती के जितने बंगले दिल्ली में हैं, अगर वह उनकी कीमत की रकम दलितों में बांट देतीं तो हर दलित के घर में एयरकंडीशन लग गया होता। उन्होंने कहा कि मायावती कहती हैं कि वह उत्तर प्रदेश को सुधारेंगी, वह दलितों की बात करती हैं। वर्ष 2008 से 2011 में मायावती के शासनकाल में 1074 दलितों की राज्य में हत्या हुई थी। ‘बहन जी, दलित का वोट मांगने से पहले इन दलितों की हत्या का हिसाब दलित समाज को आपको देना होगा।’

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