March 29, 2017

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उरी हमले के बाद दिल्ली पुलिस ने की VIP लोगों की सुरक्षा की समीक्षा

वीआईपी लोगों की सुरक्षा और उसके खतरों को भांपते हुए सुरक्षा का स्तर चार कैटगरी में बंटा हुआ है। इनमें जेड प्लस (सबसे उच्चतम स्तर), जेड, वाई और एक्स है।

वीआईपी सुरक्षा में जुटा दिल्ली पुलिस का एक जवान (फाइल फोटो)

उरी हमले के बाद दिल्ली पुलिस ने देश की खुफिया एजेंसियों से मिली आतंकी हमले की सूचना के बाद राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में अति विशिष्ट लोगों (वीआईपी) की सुरक्षा स्थिति की समीक्षा की है। इस दौरान पुलिस ने वीआईपी लोगों को दी जा रही सुरक्षा में कमी (अगर कोई है), मॉक ड्रिल और अधिकारियों की नियमित ब्रीफिंग का लेखा-जोखा खंगाला। दिल्ली पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, “अभी हमने जेड प्लस और जेड कैटगरी की सुरक्षा की समीक्षा पूरी कर ली है। एक्स और वाई कैटगरी की सुरक्षा स्थिति की समीक्षा शुरू कर दी है जो अगले सप्ताह तक पूरी हो जाएगी।”

वीआईपी लोगों की सुरक्षा और उसके खतरों को भांपते हुए सुरक्षा का स्तर चार कैटगरी में बंटा हुआ है। इनमें जेड प्लस (सबसे उच्चतम स्तर), जेड, वाई और एक्स है। राष्ट्रपति, उप राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, सुप्रीम कोर्ट और हाई कोर्ट के जज और आर्म्ड फोर्सेज के हेड को व्यक्तिगत तौर पर इन कैटगरी के तहत सुरक्षा कवच प्रदान किया जाता है। इन लोगों की सुरक्षा में दिल्ली पुलिस के जवानों के अलावा स्पेशल प्रोटेक्शन ग्रुप (एसपीजी), नेशनल सिक्योरिटी गार्ड (एनएसजी) के गार्ड शामिल होते हैं। ये सुरक्षा कवच बहुस्तरीय होती ही।

दिल्ली पुलिस के अधिकारी ने बताया कि अमूमन 15 अगस्त और 26 जनवरी से पहले वीआईपीज की सुरक्षा की समीक्षा की जाती है लेकिन उरी हमले और त्योहारों को देखते हुए इस बार इनकी सुरक्षा का आकलन करना अनिवार्य सा हो गया। उन्होंने कहा, “सुरक्षा में लगे सभी अधिकारियों के लिए यह जरूरी होता है कि वो हमेशा अलर्ट रहें। वो समय-समय पर सुरक्षा अभ्यास में शामिल होते रहते हैं लेकिन ऐसे वक्त में सुरक्षा अभ्यास की फ्रीक्वेन्सी थोड़ी बढ़ जाती है।” उन्होंने कहा कि ऐसे ड्रिल्स का मकसद आतंकी गतिविधियों से निपटने में हमारी दक्षता को बढ़ाना है।

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First Published on October 2, 2016 2:04 pm

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