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आदर्श घोटाला मामले में CBI पर BJP का दबाव: चव्हाण

आदर्श घोटाला मामले में अशोक चव्हाण पर सीबीआइ द्वारा अभियोजन चलाने की मंजूरी देने के लिए महाराष्ट्र कैबिनेट की तरफ से राज्यपाल सी. विद्यासागर राव को अनुशंसा किए जाने के बाद पूर्व मुख्यमंत्री ने शुक्रवार आरोप लगाए...
Author मुंबई | January 30, 2016 01:33 am
पूर्व महाराष्ट्र सीएम अशोक चव्हाण

आदर्श घोटाला मामले में अशोक चव्हाण पर सीबीआइ द्वारा अभियोजन चलाने की मंजूरी देने के लिए महाराष्ट्र कैबिनेट की तरफ से राज्यपाल सी. विद्यासागर राव को अनुशंसा किए जाने के बाद पूर्व मुख्यमंत्री ने शुक्रवार आरोप लगाए कि भाजपा इस हाईप्रोफाइल मामले में उन्हें फंसाने के लिए जांच एजंसी पर दबाव बना रही है।

सीबीआइ ने राज्यपाल से संपर्क कर चव्हाण पर अभियोजन चलाने की मंजूरी मांगी थी जिसके बाद राव ने महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेन्द्र फडणवीस को पत्र लिखकर मंत्रिपरिषद की राय जाननी चाही थी। मामले में नए सबूत मिलने के बाद एजंसी ने राज्यपाल से संपर्क किया था। चव्हाण ने कहा, ‘प्राथमिकी दर्ज की जा चुकी है। मामला अब राज्य कैबिनेट के पास है, जो राज्यपाल को अनुशंसा करे कि अभियोजन के लिए अनुमति दी जाए।’

उन्होंने कहा, ‘भाजपा सांसद कीर्ति सोमैया ने आधारहीन आरोप लगाए हैं। वह कानूनी विशेषज्ञ नहीं हैं। वह हमेशा ऐसा करते हैं। उन्होंने आधारहीन आरोप लगाए कि राहुल गांधी ने सुनिश्चित किया कि राज्यपाल अभियोजन के लिए अनुमति नहीं दें। सोमैया को इस मामले में राहुल जी की संलिप्तता के सबूत देने चाहिएं।’

चव्हाण ने कहा, ‘सोमैया कोई भविष्यवक्ता नहीं हैं कि दावा करें कि राज्यपाल किस तरह की कार्रवाई करें। राज्यपाल का पद संवैधानिक पद होता है। तत्कालीन राज्यपाल ने मुझ पर अभियोजन चलाने की अनुमति देने से इनकार कर दिया था। उसके बाद अब नया क्या हो गया है। सीबीआइ पर भाजपा का दबाव है।’

उन्होंने कहा, ‘भाजपा प्रयास कर रही है कि मामले की निष्पक्ष जांच नहीं हो। यह मामला देश में भाजपा के कुछ नेताओं द्वारा राजनीतिक बदले की भावना का केस है। चाहे ओम्मन चांडी हों या दिग्विजय सिंह, भाजपा कांग्रेस नेताओं को निशाना बनाना चाहती है।’
उन्होंने कहा, ‘‘हम इस तरह के प्रयास से नहीं डरेंगे। हम भाजपा सरकार के भ्रष्टाचार को उजागर करना जारी रखेंगे। सीबीआइ का आदर्श आयोग रिपोर्ट से कोई वास्ता नहीं है।’

एमपीसीसी अध्यक्ष ने कहा, ‘इस मुद्दे पर मैं कानूनी राय लूंगा और उसी मुताबिक आगे बढूंगा। सरकार बदलने के बाद (सीबीआइ ने) यू टर्न क्यों लिया। सीबीआइ पर इतना ज्यादा दबाव है कि अदालत के आदेशों की भी अनदेखी हो रही है।’ चव्हाण ने गुरुवार भी आरोप लगाया था कि कांग्रेस के खिलाफ सीबीआइ का दुरूपयोग हो रहा है। वह महाराष्ट्र के नांदेड़ से लोकसभा सदस्य हैं। वर्ष 2010 में घोटाला सामने आने के बाद मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देने वाले चव्हाण उन 12 लोगों में शामिल हैं, जिनके खिलाफ जांच एजंसी ने मामले में आरोपपत्र दायर किया है।

सीबीआई ने आरोप लगाए थे कि चव्हाण ने आदर्श हाउसिंग सोसाइटी में नागरिकों को भी शामिल करने का सुझाव जोड़ा था हालांकि यह सोसाइटी सैनिकों और सैनिकों की विधवाओं के लिए बनाई गई थी। सीबीआइ का आरोप है कि दक्षिण मुंबई के कोलाबा में अपने रिश्तेदारों को फ्लैट दिलाने के उद्देश्य से चव्हाण ने ऐसा किया था।

तत्कालीन राज्यपाल शंकर नारायणन ने दिसंबर 2013 में आदर्श हाउसिंग घोटाले में चव्हाण के खिलाफ सीबीआइ को अभियोजन चलाने की मंजूरी देने से इनकार कर दिया था, जिसके बाद एजंसी के पास मामले को बंद करने के सिवा कोई विकल्प नहीं बचा था।

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