December 03, 2016

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DCW का दावाः धड़ल्ले से बिक रहा है तेजाब

दिल्ली महिला आयोग (डीसीडब्लू)ने दावा किया है कि सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बावजूद राजधानी में तेजाब की बिक्री जारी है। आयोग ने कहा है कि उसकी टीम ने दो दिनों के अंदर 30 दुकानों का दौरा किया जिसमें से 23 दुकानों से वे तेजाब लेने में सफल रहे।

Author नई दिल्ली | November 4, 2016 01:00 am

दिल्ली महिला आयोग (डीसीडब्लू)ने दावा किया है कि सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बावजूद राजधानी में तेजाब की बिक्री जारी है। आयोग ने कहा है कि उसकी टीम ने दो दिनों के अंदर 30 दुकानों का दौरा किया जिसमें से 23 दुकानों से वे तेजाब लेने में सफल रहे। आयोग अपनी रिपोर्ट उपराज्यपाल को भेजने और तेजाब के खुदरा बिक्री पर तत्काल प्रतिबंध का आग्रह करने का आग्रह कर रहा है। डीसीडब्लू अध्यक्ष स्वाति मालिवाल ने कहा, ‘सुप्रीम कोर्ट के तेजाब की खुली बिक्री पर प्रतिबंध के आदेश के बावजूद पूरी दिल्ली में बिक्री जारी है। आयोग ने अपने नए कार्यक्रम ‘एसिड वाच एंड रिहैबिलिटेशन’ के जरिए दिल्ली के अलग-अलग इलाकों में टीम भेजकर तेजाब खरीदने की कोशिश की। इस टीम को दिल्ली के सभी 11 जिलों में तेजाब खरीदने में कोई परेशानी नहीं हुई। सीलमपुर, खारी बावली, दरियागंज, जंगपुरा एक्सटेंशन, रजौरी गार्डेन और अन्य बाजारों में आसानी से तेजाब मिल गया।’
स्वाति मालीवाल ने कहा, ‘आयोग के 6 कर्मचारियों की टीम ने 2 दिनों के अंदर दिल्ली के 30 दुकानों का दौरा किया और 23 दुकानों से तेजाब खरीदे। इनमें से केवल एक दुकानदार ने खरीदार का पहचान पत्र मांगा। खारीबावली बाजार में दुकानदार ने हमारे कर्मचारी को ‘स्ट्रांग एसिड’ लेने का सुझाव दिया। इतना ही नहीं, तेजाब काफी सस्ते दाम पर सभी जगह उपलब्ध हैं’।


मालीवाल ने कहा कि पिछले कुछ महीनों में दिल्ली में एसिड अटैक की घटनाएं बढ़ी हैं, इस रिपोर्ट को जल्द ही उपराज्यपाल के पास भेजकर तत्काल प्रभाव से तेजाब की खुली बिक्री पर प्रतिबंध और खरीद-बिक्री करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। डीसीडब्लू ने गुरुवार को दिल्ली पुलिस और जिलाधिकारियों के साथ बैठक भी और कोर्ट के आदेश के पालन को तय करने पर चर्चा की गई। तेजाबी हमले के मामलों में बढ़ोतरी के मद्देनजर सुप्रीम कोर्ट ने 2013 में दुकानों पर तेजाब खुदरा बिक्री पर रोक लगाने का आदेश दिया था और राज्य सरकारों को प्रत्येक एसिड पीड़ित को 3 लाख का मुआवजा देने का भी आदेश दिया था। राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो के मुताबिक, 2014 में दिल्ली में एसिड अटैक की 20 घटनाएं दर्ज की गर्इं।

 

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First Published on November 4, 2016 12:59 am

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