ताज़ा खबर
 

उत्तर प्रदेश: BJP नेता ब्रजपाल तेवतिया की सुपारी देने वाला गिरफ्तार

सुरेश दीवान के समय से परिवार के पास मौजूद हथियारों के अलावा राकेश हसनपुरिया गिरोह से भी हथियारों का बंदोबस्त कराया गया था।
Author नोएडा | August 31, 2016 02:20 am
इस तस्वीर का इस्तेमाल केवल प्रतीक के तौर पर किया गया है।

भाजपा नेता ब्रजपाल तेवतिया पर 11 अगस्त को एके-47 समेत से हमला कराने वाले मुख्य आरोपी मनीष को यूपी एसटीएफ ने मुरादनगर इलाके से मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार किया है। मनीष पर 15 हजार रुपए का इनाम था। पूछताछ में मनीष ने बताया कि वह 11 जून 1999 में उसके पिता सुरेश दीवान की हत्या के लिए ब्रजपाल को दोषी मानता था। इसी रंजिश के कारण उसने अपने ताऊ के लड़के मनोज समेत एक अन्य रिश्तेदार संसार सिंह के साथ मिलकर हत्या की योजना बनाई थी। गोलीबारी को अंजाम देने के बाद मनीष इटावा, मुजफ्फरनगर, देहरादून, झांसी और मध्य प्रदेश में छिपकर रहा था। उसके कब्जे से एक 30 एमएम कारबाइन, 8 कारतूस और एक बगैर नंबर की मोटरसाइकिल बरामद हुई है।

हत्या की योजना के तहत मनीष और मनोज ने पूरा गिरोह बनाया था। जिसमें निशांत उर्फ जीतू, राहुल त्यागी, राम सिंह उर्फ राजकुमार, जितेंद्र उर्फ पोपे, अभिषेक, बब्बल उर्फ योगेंद्र ठाकुर और गौरव को शामिल किया था। मनोज के जरिए पेशेवर शूटर अरुण कुमार उर्फ बिट्टू और पहलवान को सुपारी दी थी। ब्रजपाल तेवतिया की बुलेटप्रूफ गाड़ी पर गोलीबारी करने के लिए पहले शीशे को हथौड़े या फावड़े से तोड़कर अंजाम देने की योजना थी। रेकी के लिए राम सिंह उर्फ राजकुमार, बब्बल और निशांत को लगाया था। निशांत की स्कूटी से ही जुलाई से नियमित ब्रजपाल की गतिविधियों पर नजर रखी जा रही थी। सुरेश दीवान के समय से परिवार के पास मौजूद हथियारों के अलावा राकेश हसनपुरिया गिरोह से भी हथियारों का बंदोबस्त कराया गया था। वारदात को अंजाम देने के लिए पिंटू उर्फ विपिन के जरिए एक लाख रुपए में फॉर्च्यूनर कार खरीदी थी।

10 अगस्त को वारदात को अंजाम देने के लिए ब्रजपाल का पीछा किया था। अलबत्ता मुरादनगर में ब्रजपाल की गाड़ी आगे निकल जाने की वजह से योजना कमयाब नहीं हो सकी। अगले दिन राम सिंह ने स्कूटी पर सवार होकर ब्रजपाल की रेकी कर जगह की जानकारी दी। जिसके कारण फॉर्च्यूनर कार में सवार होकर बदमाशों ने रावली रोड टेलीफोन एक्सचेंज के पास घात लगाकर एके-47 समेत अन्य स्वचालित हथियारों से अंधाधुंध गोलीबारी कर हमला कर दिया। उस समय फॉर्च्यूनर को निशांत भदोरिया चला रहा था। गोलीबारी के बाद मुरादनगर नहर के पास फॉर्च्यूनर कार को सुनसान इलाके में छोड़कर बदमाश हथियारों को बैग में रखकर मेरठ रोड पर आ गए। जहां से टैंपो में सवार होकर शरण लेने के लिए अपने परिचित के यहां जा रहे थे। मोदीनगर में पुलिस की जांच देखकर हथियारों का बैग लेकर भागे।

पुलिस के पीछा करने पर वे हथियारों का बैग छोड़कर अलग-अलग दिशाओं में फरार हो गए। एनसीआर में खुलेआम एके-47 से गोलीबारी की वारदात होने से प्रदेश सरकार की कानून व्यवस्था को लेकर काफी किरकिरी हुई थी। मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के निर्देश पर डीजीपी जावीद अहमद ने खुद मामले पर निगाह रखी थी। फोर्टिस अस्पताल में भर्ती रहे ब्रजपाल तेवतिया को देखने के लिए केंद्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह के अलावा काफी संख्या में नेता पहुंचे थे। यूपी एसटीएफ की नोएडा इकाई ने 16 अगस्त को राजकुमार उर्फ राम, निशांत भदोरिया, राहुल त्यागी और जितेंद्र उर्फ पोपे को गिरफ्तार किया था। जिसके बाद 19 और 23 अगस्त को वारदात में शामिल 3 अन्य इनामी बदमाश गिरफ्तार हुए।

 

 

 

Hindi News से जुड़े अपडेट और व्‍यूज लगातार हासिल करने के लिए हमारे साथ फेसबुक पेज और ट्विटर हैंडल के साथ गूगल प्लस पर जुड़ें और डाउनलोड करें Hindi News App

  1. No Comments.
सबरंग