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मिसेज फेमिना 2017: आभा श्रीवास्तव बनीं विजेता, 400 गरीब बच्चों को करती हैं शिक्षित

रामोजी फिल्म सिटी में हुए ऑडिशन में आभा ने बाकी प्रतिभागियों को पीछे छोड़ते हुए मिसेज फेमिना का ताज अपने सिर पर पहना।
Author नई दिल्ली | November 14, 2017 20:09 pm
आभा श्रीवास्तव। (Photo- Social Media)

आभा श्रीवास्तव ने मिसेज फेमिना 2017 का खिताब अपने नाम किया है। यह प्रतियोगिता इस बार हैदराबाद में आयोजित की गई थी। रामोजी फिल्म सिटी में हुए ऑडिशन में आभा ने बाकी प्रतिभागियों को पीछे छोड़ते हुए मिसेज फेमिना का ताज अपने सिर पर पहना। मिसेज फेमिना बनने के लिए प्रतिभागियों के कल्चरल टैलेंट, सोशल वर्क और फिटनेस को मुख्य रूप से परखा जाता है। आभा इन तीनों ही मापदंडो पर पूरी तरह से खरी उतरीं। आभा उत्तराखंड की रहने वाली हैं। उनकी इस जीत से उत्तराखंड की नाम देशभर में रोशन हुआ है।

आभा ने अपनी जीत का श्रेय अपने माता-पिता और ससुराल वालों को दिया है। उनका कहना है कि उन्हें यहां तक पहुंचाने में उनके माता-पिता और ससुराल वालों के सपोर्ट ने अहम भूमिका निभाई है। आभा के पिता का नाम विजय कुमार है। वह कुल चार बहनें हैं। अगर आभा द्वारा सामाजिक क्षेत्र में दिए गए योगदान की बात करें तो वह 400 से अधिक गरीब बच्चों को शिक्षित करने का काम करती हैं। इसके साथ ही साथ वह वनवासी कल्याण आश्रम से भी जुड़ी हुई हैं। उल्लेखनीय है कि आभा ने प्रतियोगिता से जीती 15 लाख रुपए की राशि दान कर दी है।

आभा को बचपन से ही नृत्य और संगीत में दिलचस्पी रही है। वह एक बेहतरीन भरत नाट्यम डांसर हैं। उन्होंने लखनऊ के भारतखंडे महाविद्यालय से भरत नाट्यम सीखा है। इसके अलावा वह एक डांस एकेडमी से भी जुड़ी हुई हैं। इस प्रकार से उन्होंने ने कई बच्चों को भरत नाट्यम सिखाया भी है। बता दें कि आभा की प्राथमिक स्तर की पढ़ाई उत्तराखंड के रुद्रपुर से सरस्वती शिक्षा मंदिर और इंटर की पढ़ाई गुरुनानक इंटर कालेज से हुई है। साल 1994 में आभा ने अपना स्नातक पूरा किया था। इसके बाद पंतनगर के प्रोफेसर आशीष श्रीवास्तव से उनकी शादी हुई।

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