March 28, 2017

ताज़ा खबर

 

आम आदमी पार्टी ने अपनी वेबसाइट से पार्टी को चंदा देने वालों की लिस्ट हटाई

आम आदमी पार्टी की वेबसाइट पर दी गई सूचना में कहा गया है कि "निर्माणाधीन है, नया संस्करण जल्द आएगा।"

दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल की फाइल फोटो।

आम आदमी पार्टी की वेबसाइट से पार्टी को चंदा देने वालों की लिस्ट गायब है। पार्टी की वेबसाइट पर दी गई सूचना में कहा गया है कि “निर्माणाधीन है, नया संस्करण जल्द आएगा।” लेकिन मीडिया रिपोर्ट में दावा किया गया है कि पार्टी ने पंजाब विधान सभा चुनाव के मद्देनजर दान देने वालों के नाम को लेकर संभावित विवाद या गलत इस्तेमाल की आशंका से लिस्ट को हटा दिया है। आम आदमी पार्टी के बागी नेताओं ने दावा किया है कि आम आदमी पार्टी ने कनाडा, ब्रिटेन और अमेरिका से टैक्सी ड्राइवरों से दान में मिले पैसों का दुरुपयोग किया है। आरोप लगाने वालों के अनुसार अमेरिका के विभिन्न शहरों के टैक्सी ड्राइवरों ने आम आदमी पार्टी को करीब 200 करोड़ रुपये दान में दिए हैं। आप के बागी नेताओं ने आरोप लगाया है कि पार्टी के नेता इस पैसे को उड़ा रहे हैं।

वीडियो: देखें खास खबरें जनसत्ता पर-

चुनाव आयोग के नियमों के अनुसार किसी भी पार्टी सभी राजनीतिक पार्टियों को 20 हजार रुपये से अधिक चंदा देने वालों का नाम आयोग को बताना होता है। 2012 में बनी आम आदमी पार्टी ने नई परंपरा शुरू करते हुए पार्टी को दान देने वालों का नाम अपनी वेबसाइट पर सार्वजनिक किया था। लेकिन 2015 में पार्टी तब विवादों में घिर गए थी जब दिल्ली विधान सभा चुनावों से पहले पार्टी के बागी गुट ने आरोप लगाया कि पार्टी को एक ही दिन चार “संदिग्ध” लोगों ने 2-2 करोड़ रुपये दान दिए थे। आम आदमी पार्टी ने इन आरोपों को पूरी तरह बेबुनियाद बताया था। सामाजिक कार्यकर्ता लंबे समय से मांग करते रहे हैं कि सभी राजनीतिक दलों को सूचना के अधिकार के तहत लाया जाना चाहिए लेकिन पार्टियों ने इस कानून के तहत आने से इनकार कर दिया।

पंजाब में अगले साल विधान सभा चुनाव होने वाले हैं। आम आदमी पार्टी को 2014 के लोक सभा चुनावों में पंजाब से चार सीटों पर जीत हासिल की थी। इसीलिए पार्टी विधान सभा चुनावों में काफी उम्मीदवार है। दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल समेत पार्टी के कई बड़े नेता पिछले कई महीनों से पंजाब में पार्टी के प्रचार में लगे हुए हैं। हालांकि आम आदमी पार्टी की पंजाब इकाई में भी टिकट और बड़े नेताओं से मुलाकात के बदले पैसों के लेन-देन के आरोप लगे। हालांकि आम आदमी पार्टी ने सभी आरोपों को गलत बताया। पार्टी ने पंजाब इकाई के प्रमुख छोटेसिंह सुच्चापुर को पैसे लेने के कथित वीडियो के सामने आने के बाद पद से हटा दिया था।

आम आदमी पार्टी की वेबसाइट का स्क्रीनशॉट- 

आम आदमी पार्टी की वेबसाइट का स्क्रीनशॉट आम आदमी पार्टी की वेबसाइट का स्क्रीनशॉट

 

Hindi News से जुड़े अपडेट और व्‍यूज लगातार हासिल करने के लिए हमारे साथ फेसबुक पेज और ट्विटर हैंडल के साथ गूगल प्लस पर जुड़ें और डाउनलोड करें Hindi News App

First Published on October 14, 2016 12:00 pm

  1. A
    ANAND
    Oct 14, 2016 at 10:34 am
    भूखे-नंगो को सत्ता मिली तो यह तो होना ही था....ये साले सब पर ऊँगली उठाते हैं जब इन पर सवाल किया जाता है तो मोदी जी का आदमी कहकर आरोप लगाते हैं..
    Reply

    सबरंग