ताज़ा खबर
 

‘आप’ से प्रशांत भूषण, योगेंद्र यादव की छुट्टी

आम आदमी पार्टी (आप) ने आज रात कड़ा कदम उठाते हुए बागी नेताओं प्रशांत भूषण, योगेन्द्र यादव और दो अन्य को पार्टी विरोधी गतिविधियों तथा ‘‘घोर अनुशासनहीनता’’ के आरोप में पार्टी से निष्कासित...
Author April 21, 2015 09:31 am
पार्टी विरोधी गतिविधियों तथा ‘‘घोर अनुशासनहीनता’’ के आरोप में पार्टी से निष्कासित किया गया।

आम आदमी पार्टी (आप) ने सोमवार रात कड़ा कदम उठाते हुए बागी नेताओं प्रशांत भूषण, योगेन्द्र यादव और दो अन्य को पार्टी विरोधी गतिविधियों तथा ‘‘घोर अनुशासनहीनता’’ के आरोप में पार्टी से निष्कासित कर दिया। इन नेताओं को दो दिन पहले पार्टी ने कारण बताओ नोटिस जारी किया था।

इन नेताओं को पार्टी से निकाले जाने का फैसला राष्ट्रीय अनुशासन समिति ने लिया जिसने कहा कि वह कारण बताओ नोटिस के लिए मिले जवाब से संतुष्ट नहीं है।

पार्टी प्रवक्ता दीपक बाजपेयी ने बताया, ‘‘पार्टी की राष्ट्रीय अनुशासन समिति ने प्रशांत भूषण, योगेन्द्र यादव, आनंद कुमार तथा अजित झा को निकालने का फैसला किया है। उन्हें घोर अनुशासनहीनता, पार्टी विरोधी गतिविधियों और पार्टी की आचार संहिता के उल्लंघन करने के कारण निष्कासित किया गया है।’’

बागी नेताओं को ‘‘स्वराज संवाद’’ आयोजित करने का कारण बताने के लिए 17 अप्रैल को नोटिस जारी किया गया था।

भूषण पर दिल्ली विधानसभा चुनाव में पार्टी को हराने के लिए काम करने का आरोप लगाया गया था। उन पर पार्टी से अलग हुए धड़े ‘अवाम’ का समर्थन करने का भी आरोप लगाया गया। झा को छोड़कर तीनों ने नोटिस का जवाब दिया था।

नोटिस के अपने जवाब में बागियों ने सोमवार को दिए अने स्पष्टीकरण में पार्टी प्रमुख अरविंद केजरीवाल पर पार्टी के संविधान का ‘‘घोर उल्लंघन’’ करने का आरोप लगाया और इसकी अनुशासन समिति के दो सदस्यों पर कथित रूप से ‘‘प्रायोजित’’ स्टोरी करवाने और संदिग्ध कंपनियों से चंदा स्वीकार करने के लिए हमला बोला।

आप की राष्ट्रीय अनुशासन समिति द्वारा जारी किए गए कारण बताओ नोटिसों के जवाब में भूषण और यादव ने जवाब मांगने के लिए समिति के अधिकार क्षेत्र पर ही सवाल खड़े किए और कहा कि 28 मार्च को पार्टी की राष्ट्रीय परिषद की ‘‘अवैध’’ और ‘‘असंवैधानिक’’ बैठक के बाद इसका गठन किया गया था।

आप ने एक बयान में कहा, ‘‘राष्ट्रीय अनुशासन समिति की 20 अप्रैल को वी हाउस में बैठक हुई जिसमें योगेन्द्र यादव, प्रशांत भूषण, आनंद कुमार तथा अजित झा के खिलाफ शिकायतों पर फैसला किया गया।

बयान में कहा गया कि प्रतिवादियों की अपील पर समिति ने जवाब देने की समय सीमा को एक दिन के लिए बढ़ा दिया था जो 20 अप्रैल को शाम तीन बजे तक थी। लेकिन समिति को यादव, भूषण और कुमार का जवाब मिला जबकि झा तय समय सीमा के भीतर जवाब देने में विफल रहे।

बयान के अनुसार, समिति ने यादव, भूषण और कुमार के जवाबों पर सावधानीपूर्वक विचार किया और उन्हें ‘‘असंतोषजनक’’ पाया। पार्टी ने कहा कि बागी नेता पार्टी विरोधी गतिविधियों में शामिल थे।

बयान के अनुसार, ‘‘समिति इस सर्वसम्मत निर्णय पर पहुंची कि योगेन्द्र यादव, प्रशांत भूषण और आनंद कुमार गहन अनुशासनहीनता और पार्टी विरोधी गतिविधियों में शामिल थे।’’

‘‘समिति के समक्ष रखे गए सबूतों के बाद उसका यह सर्वसम्मत विचार है कि अजित झा भी गहन अनुशासनहीनता और पार्टी विरोधी गतिविधियों में शामिल रहने के दोषी हैं। इसलिए समिति ने सभी चारों सदस्यों को पार्टी से निष्कासित करने का फैसला किया है।’’

भूषण और यादव आप के संस्थापक नेता थे। इस बीच आप के फैसले पर अपनी प्रतिक्रिया में आनंद कुमार ने कहा कि पार्टी एक ‘‘सुप्रीमो की पूजा करने वाले’’ संगठन के रूप में सिमट कर रह गयी है। उन्होंने कहा, ‘‘आप के शीर्ष नेताओं में सचाई का सामना करने की क्षमता का अभाव देखकर मैं निराश महसूस करता हूं।’’

Hindi News से जुड़े अपडेट और व्‍यूज लगातार हासिल करने के लिए हमारे साथ फेसबुक पेज और ट्विटर हैंडल के साथ गूगल प्लस पर जुड़ें और डाउनलोड करें Hindi News App

  1. No Comments.