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नोएडा में नक्सली कोण से उड़ी जांच एजंसियों की नींद

नक्सली संगठन से जुड़े 9 अपराधियों के नोएडा और उनसे मिली जानकारी के आधार पर 10वें की चंदौली से गिरफ्तारी ने जांच एजंसियों के होश उड़ा दिए हैं। गिरफ्तार हुए आधे अपराधी उप्र के हैं।
Author नोएडा | October 17, 2016 00:54 am

नक्सली संगठन से जुड़े 9 अपराधियों के नोएडा और उनसे मिली जानकारी के आधार पर 10वें की चंदौली से गिरफ्तारी ने जांच एजंसियों के होश उड़ा दिए हैं। गिरफ्तार हुए आधे अपराधी उप्र के हैं। जिनकी उम्र 18 से 28 साल के बीच है। ऐसे में जानकारों ने ब्रेन वॉश कर गिरोह में शामिल किए जाने की संभावना जताई है। साथ ही रुपए के लालच में गिरोह में शामिल होने की संभावना पर भी एटीएस जांच कर रही है। हालांकि केवल रुपए के लालच में गिरोह में शामिल होने के बारे में अभी तक कोई जानकारी नहीं मिली है। लिहाजा एजंसियां उनके स्लीपर सेल के रूप में या सॉफ्ट टारगेट को निशाना बनाने के बिंदु पर पूछताछ केंद्रित कर रही हैं। एटीएस की कार्रवाई में पकड़े गए रंजीत पासवान, सचिन कुमार, सूरज, आशीष और ब्रज किशोर, सभी पश्चिमी उप्र के जिलों के रहने वाले हैं।

पश्चिमी उप्र और कम उम्र वाले युवाओं के बिहार, झारखंड व ओड़ीशा के नक्सली संगठनों से सरोकार कराने वाली कड़ी की तलाश जांच एजंसियों के लिए सबसे बड़ी चुनौती है। इसके अलावा अमूमन नक्सली संगठन सुपारी हत्या जैसी वारदातों से दूर रहते हैं। ऐसे ही तमाम अन्य सवालों को जवाब देने में नाकाम पुलिस अधिकारियों ने पश्चिमी उप्र के युवाओं का इस्तेमाल नोएडा में बेस कैंप (ठिकाना) बनाने के लिए करने की आशंका जताई है। 5 महीनों के दौरान नोएडा के फ्लैट में इतनी बड़ी मात्रा में हथियार कैसे पहुंचे, इसे लेकर भी स्थानीय संपर्कों को तलाशा जा रहा है। एलआइयू की एक रपट के मुताबिक, शहर में बड़ी संख्या में बांग्लादेशी रहते हैं। ज्यादातर घरों में काम करने वाली महिलाएं अपने परिवार के साथ सेक्टर- 16, 37, सदरपुर, छलेरा आदि इलाकों की झुग्गी बस्तियों में रहती हैं। संभावना यह जताई गई है कि उप्र में नक्सली संगठनों के लिए ऐसी बस्तियां सॉफ्ट टारगेट हो सकती हैं।

इससे पहले नवंबर 2012 में पुलिस ने पिछले 19 साल से नोएडा में रहने वाली रहेना को गिरफ्तार किया था। उसकी जानकारी के आधार पर क्यूम शेख, इस्माइल और राजू को गिरफ्तार किया था। ये आंतकवादी गतिविधियों में शामिल थे। 19 दिसंबर 2014 को पुलिस की संयुक्त कार्रवाई के बाद सेक्टर-15 पेट्रोल पंप के पास से रकतुल्ला और अब्दुल अजीज गिरफ्तार हुए थे। दोनों आतंकी गतिविधियों में लिप्त थे। रकतुल्ला बांग्लादेश का रहने वाला था।

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