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NRHM की मंजूरी के इंतजार में 200 करोड़ की गंगाजल परियोजना

राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआइ) की मंजूरी नहीं मिलने के कारण शहर को 90 एमएलडी गंगाजल मिलने की महत्त्वाकांक्षी परियोजना पर फिलहाल ब्रेक लग गया है।
Author नोयडा | February 18, 2016 02:45 am
गंगा नदी की एक तस्वीर

राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआइ) की मंजूरी नहीं मिलने के कारण शहर को 90 एमएलडी गंगाजल मिलने की महत्त्वाकांक्षी परियोजना पर फिलहाल ब्रेक लग गया है। 200 करोड़ रुपए की लागत वाली इस परियोजना को 2018 तक पूरा किया जाना है। इसे लेकर यूपी आवास विकास परिषद, यूपी जल निगम और नोएडा प्राधिकरण के बीच पहले ही एमओयू साइन हो चुका है। इसी बीच एनएच-24 को चौड़ा करने का काम शुरू होने से परियोजना के तय समय से पूरा होने पर सवालिया निशान लग गया है। गंगनहर से पानी लाने के लिए पाइपलाइन 8 लेन तक चौड़े होने वाले राष्ट्रीय राजमार्ग-24 को पार करेगी।

ऐसे में एनएचएआइ से मंजूरी लेना जरूरी हो गया है। यूपी जल निगम के एग्जक्यूटिव इंजीनियर आरके अग्रवाल ने बताया कि एनएचएआइ अफसरों से मंजूरी को लेकर कई बार मीटिंग की जा चुकी है, लेकिन अभी तक मंजूरी नहीं मिली है। अगले हफ्ते भी इस मामले पर बैठक प्रस्तावित है। उन्होंने बताया कि 200 करोड़ रुपए खर्च करने पर 120 मिलियन लीटर गंगाजल रोजाना मिलेगा।

इसमें 90 एमएलडी नोएडा को और 30 एमएलडी यूपी आवास विकास परिषद के हिस्से में आएगा। अभी तक अप्रैल, 2016 से काम शुरू कराने और 30 महीने में इसे पूरा करने की समयसीमा रखी गई है। हालांकि नोएडा प्राधिकरण के अफसरों के अनुसार, शहर में अतिरिक्त मिलने वाले 90 एमएलडी गंगाजल का इस्तेमाल 2021 में होगा।

प्राधिकरण में गंगा जल प्रोजेक्ट के इंचार्ज समाकांत श्रीवास्तव ने बताया फिलहाल 240 एमएलडी गंगाजल की आपूर्ति हो रही है, जिसे भूजल के साथ मिलाकर शहर में सप्लाई किया जा रहा है। 2021 तक नोएडा की आबादी 21 लाख हो जाएगी।
तब पानी की कुल मांग 590 एमएलडी होगी, जिसमें 330 एमएलडी गंगाजल को भूजल के साथ मिलाकर सप्लाई किया जाएगा।

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