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छत्तीसगढ़: सरकारी दूध पीने से दो बच्चियों की मौत और 7 की हालत गंभीर

पुलिस अधिकारी ने बताया कि मृत बच्चियों के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के कारणों के बारे में सही जानकारी मिल सकेगी।
Author रायपुर | June 1, 2016 02:59 am
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छत्तीसगढ़ में सरकार की ओर से बांटा जाने वाला दूध पीने के बाद दो बच्चियों की मौत हो गई है और सात बच्चे बीमार पड़ गए हैं। राज्य शासन ने मामले की जांच शुरू कर दी है। राज्य के वरिष्ठ अधिकारियों ने बताया कि मुख्यमंत्री अमृत योजना के तहत बांटा गया सुगंधित दूध पीने के बाद बीजापुर जिले में दो बच्चियों की मौत हो गई और दो अन्य बीमार हो गए हैं। वहीं राज्य के जांजगीर चांपा जिले में पांच बच्चे बीमार हो गए हैं।

बीजापुर जिले के पुलिस अधीक्षक केएल धु्रव ने बताया कि जिले के कुटरू थाना क्षेत्र के अंतर्गत केतुलनार गांव के आंगनबाड़ी में सोमवार को 10 बच्चों को सुगंधित दूध दिया गया था। दूध पीने के बाद बच्चे घर चले गए। घर में चार बच्चों ने पेट दर्द और उल्टी की शिकायत की थी। तब तीन साल की दो बच्चियों के परिजन उन्हें स्थानीय डॉक्टर के पास ले गए। वहीं दो अन्य बच्चों के परिजनों ने बच्चों का घरेलू इलाज किया गया।

व ने बताया कि कुछ देर बाद डॉक्टर के पास जाने वाली दोनों बच्चियों की मौत हो गई, जबकि घरेलू इलाज के बाद दो बच्चों की हालत में सुधार हो गया। उन्होंने बताया कि जब जिला प्रशासन को घटना की जानकारी मिली, तब कलक्टर अयाज तंबोली फकीर भाई और अन्य अधिकारी घटनास्थल के लिए रवाना हुए। घटनास्थल पहुंचने के बाद दूध पीने वाले अन्य आठ बच्चों को अस्पताल पहुंचाया गया। अस्पताल में भर्ती सभी बच्चों की हालत सामान्य है।

पुलिस अधिकारी ने बताया कि मृत बच्चियों के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के कारणों के बारे में सही जानकारी मिल सकेगी। एक अन्य घटना में राज्य के जांजगीर चांपा जिले में सुगंधित दूध पीने के बाद पांच बच्चे बीमार हो गए हैं।

जांजगीर चांपा जिले के कलक्टर एस भारतीदासन ने बताया कि जिले के नवागढ़ विकासखंड के अंतर्गत दर्रा गांव के आंगनबाड़ी में सोमवार को बच्चों को सुगंधित दूध दिया गया था। दूध पीने वाले पांच बच्चों की हालत बिगड़ी तब उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया। इलाज के बाद मंगलवार को बच्चों को अस्पताल से छुट्टी दे दी गई।

मुख्यमंत्री रमन सिंह ने बच्चों की मौत की घटना पर दुख जताया है और अपने मंत्रिमंडल के दो सदस्यों को जांच करने घटनास्थल के लिए रवाना किया है। अधिकारियों ने बताया कि घटना के बाद मुख्यमंत्री ने राज्य के वरिष्ठ अधिकारियों की बैठक बुलाई और राज्य के महिला व बाल विकास विभाग की मंत्री रमशिला साहू व शिक्षा मंत्री केदार कश्यप को घटना की जांच के लिए भेजा। मंत्रियों के साथ अधिकारियों का दल भी रवाना हो गया है। दूध के सैंपल की भी जांच की जा रही है।

छत्तीसगढ़ में मुख्यमंत्री रमन सिंह ने कुपोषण से बचाने के लिए आंगनबाड़ी के बच्चों को सुगंधित दूध देने की घोषणा की थी।
घोषणा के मुताबिक, बच्चों को मुख्यमंत्री अमृत योजना के तहत हफ्ते में एक बार दूध दिया जाता है। बच्चों को दूध छत्तीसगढ़ दुग्ध महासंघ के माध्यम से दिया जा रहा है।

छत्तीसगढ़ दुग्ध महासंघ के अध्यक्ष रसिक परमार ने बताया कि सोमवार को इस योजना के तहत राज्य के ढाई लाख बच्चों को दूध दिया गया था। जब मामला सामने आया तब उन्होंने संघ के प्रबंध संचालक एसएस गहरवार को जांच के लिए घटनास्थल रवाना कर दिया। वहीं राज्य के मुख्य विपक्षी दल कांगे्रस ने राज्य शासन पर अमृत के नाम पर बच्चों को जहर देने का आरोप लगाया है।

छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी के मीडिया विभाग के अध्यक्ष शैलेश नितिन त्रिवेदी ने कहा कि राज्य में अमृत के नाम पर बच्चों को जहर परोसा जा रहा है। यह राज्य सरकार की आपराधिक लापरवाही है। इस मामले के दोषी अधिकारियों या कर्मचारियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा जाना चाहिए।

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