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दो सामुदायिक रेडियो चैनलों को नोटिस

सूचना और प्रसारण राज्य मंत्री राज्यवर्द्धन सिंह राठौर ने मंगलवार (1 मार्च) को राज्यसभा को यह जानकारी देते हुए बताया कि सामुदायिक रेडियो चैनलों की सामग्री ‘ग्रांट आॅफ परमीशन एग्रीमेंट’ (जीओपीए) के कुछ उपबंधों का और आकाशवाणी संहिता के प्रावधानों का उल्लंघन करती पाई गई थी।
Author नई दिल्ली | March 1, 2016 23:02 pm
सूचना और प्रसारण राज्य मंत्री राज्यवर्द्धन सिंह राठौँड़ (फाइल फोटो)

सूचना और प्रसारण मंत्रालय ने पिछले माह दो सामुदायिक रेडियो चैनलों को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। यह नोटिस इसलिए जारी किए गया है क्योंकि दोनों सामुदायिक रेडियो चैनलों की सामग्री प्रथम दृष्टया मानकों का उल्लंघन करती पाई गई थी। सूचना और प्रसारण राज्य मंत्री राज्यवर्द्धन सिंह राठौर ने मंगलवार (1 मार्च) को राज्यसभा को यह जानकारी देते हुए बताया कि सामुदायिक रेडियो चैनलों की सामग्री ‘ग्रांट आॅफ परमीशन एग्रीमेंट’ (जीओपीए) के कुछ उपबंधों का और आकाशवाणी संहिता के प्रावधानों का उल्लंघन करती पाई गई थी। राठौर ने एक प्रश्न के लिखित उत्तर में बताया कि इसलिए दोनों सामुदायिक रेडियो चैनलों को 10 फरवरी 2016 को कारण बताओ नोटिस जारी किए गए।

एक अन्य प्रश्न के लिखित जवाब में राठौर ने बताया कि वर्तमान में आकाशवाणी और दूरदर्शन के भारतीय सूचना सेवा समूह ‘क’ के विशेष संवाददाता के स्वीकृत पद केवल नेपाल, श्रीलंका, बांग्लादेश और संयुक्त अरब अमीरात में हैं। उन्होंने बताया कि इससे पहले अफगानिस्तान के काबुल में विशेष संवाददाता का एक और पद था। जिसे सरकार के अन्य नोडल मंत्रालयों से मंजूरी मिलने की शर्त पर चीन के बीजिंग में स्थानांतरित किए जाने का प्रस्ताव है।

राठौर ने एक अन्य प्रश्न के लिखित उत्तर में बताया कि प्रसार भारती से मिली सूचना के अनुसार, विदेशी श्रोताओं के लिए दूरदर्शन (डीडी) का एक समर्पित चैनल डीडी इंडिया है जो कनाडा, अमेरिका और मॉरीशस में उपलब्ध है। अभी इसका ब्रिटिश ब्रॉडकास्टिंग कारपोरेशन (बीबीसी) की तर्ज पर विश्वव्यापी प्रसारण करने का कोई प्रस्ताव नहीं है।

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