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बच्‍ची को लगा करंट तो परिवार ने कीचड़ में जिंदा दफना दिया, कहा- इससे बुरा असर खत्‍म हो जाएगा

अंधविश्‍वास में डूबे परिवार ने लड़की को अस्‍पताल ले जाने की बजाय, इलाज करने का एक अजीबोगरीब तरीका निकाला।
चित्र का इस्‍तेमाल केवल प्रस्‍तुतिकरण के लिए किया गया है।

उत्‍तर प्रदेश के शामली से एक अजीबोगरीब खबर है। यहां एक अंधविश्‍वासी परिवार ने 12 साल की लड़की को करंट लगने के बाद, उसे कीचड़ में दफना दिया, सांस लेने के लिए सिर्फ मुंह बाहर रखा। परिवार के मुताबिक, उन्हें विश्‍वास था कि इससे बिजली के झटके का बुरा प्रभाव धरती खींच लेगी। जब लड़की की हालत खराब हो गई और मोहल्‍ले के कुछ लोग उसे पास के कम्‍युनिटी सेंटर लेकर गए। डॉक्‍टर ने बताया कि उसका दायां पैर 90 फीसदी जल गया है, उसे तुरंत मुजफ्फरनगर के एक अस्‍पताल रेफर कर दिया गया है। वाकया शामली के कांधला के एक मोहल्‍ले का है। 12 साल की मुस्‍कान उस वक्‍त छत पर खेल रही थी जब वह घर के पास से गुजर रहे 33 हजार वोल्‍ट की हाईटेंशन लाइन की चपेट में आ गई। तेज धमाका हुआ तो पड़ोसी बाहर निकले, लोगों ने मुस्‍कान को बेहोश पाया। इसके बाद अंधविश्‍वास में डूबे परिवार ने लड़की को अस्‍पताल ले जाने की बजाय, इलाज करने का एक अजीबोगरीब तरीका निकाला।

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लड़की की मां, फरीदा बेगम ने टीआेआई से बताया ”हमने उसे दफनाया क्‍याेंकि हमने सोचा कि उसके शरीर का बुरा प्रभाव धरती खींच लेगी आर वह ठीक हो जाएगी।” सीएचसी के फार्मासिस्‍ट नरेश शर्मा ने कहा, ”लड़की का दायें हाथ और पैर 90 फीसदी जल गया था, उसे तुरंत मुजफ्फरनगर के एक अस्‍पताल को रेफर किया गया।” इसके बाद गुस्‍साए स्‍थानीय नागरिकों ने पावर कॉर्पारेशन के ऑफ‍िस को घेर लिया और आवासीय एरिया में कम ऊंचाई पर झूल रहे बिजली के तारों को हटाने की मांग की। इस संबंध में जूनियर इंजीनियर कय्यूम राणा ने कहा, ”हमने बिजली के तारों को हटाने के लिए बहुत पहले ही प्रस्‍ताव भेजा हुआ है, लेकिन वह अटका पड़ा है। हम फिर से अप्लिकेशन भेजेंगे।”

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