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Internet के जरिए ठगे गए 10 करोड़ रुपए, 4 नाइजीरियन समेत 8 लोग गिरफ्तार

नोएडा पुलिस ने फर्जी मेल (ई मेल स्पूफिंग) के जरिए कारोबारियों, उद्यमियों समेत अकेली महिलाओं से ठगी करने वाले 4 नाइजीरियन समेत 8 लोगों को गिरफ्तार किया है।
Author नई दिल्ली | November 11, 2016 01:17 am
प्रतीकात्मक तस्वीर

नोएडा पुलिस ने फर्जी मेल (ई मेल स्पूफिंग) के जरिए कारोबारियों, उद्यमियों समेत अकेली महिलाओं से ठगी करने वाले 4 नाइजीरियन समेत 8 लोगों को गिरफ्तार किया है। उनके 55 बैंक खातों में करीब 10 करोड़ रुपए से ज्यादा के लेन-देन का खुलासा हुआ है। खातों में जमा 34 लाख रुपए पुलिस ने सीज करवा दिए हैं। जबकि नकद मिले 3 लाख रुपए जब्त कर लिए गए हैं। उनके पास से 5 लैपटॉप, 28 मोबाइल, 31 चेक व पासबुक, बड़ी संख्या में एटीएम, डेबिट, क्रेडिट, पैनकार्ड और वोटर आईकार्ड बरामद हुए हैं। गिरोह के संचालक नाइजीरिया मूल के चारों आरोपी तीन महीने के पर्यटक वीजा पर भारत आए थे। तीन के वीजा का अवधि पूरी हो चुकी थी।
एसपी सिटी दिनेश यादव ने बताया कि ठगी के मामले में नाइजीरिया निवासी ओग्वू एंटोनी, ऐवर रेवबे, सिकेरू ताइवू, फ्रांसिस ओबी की गिरफ्तारी की गई। सभी खुद को कपड़ा कारोबारी बताकर दिल्ली के बुराड़ी इलाके में किराए पर मकान लेकर रह रहे थे। इसके अलावा बरेली निवासी नाजिश व नासिर खान, बिहार निवासी मोहम्मद नौशाद और बदायूं निवासी तनवीर अहमद भी गिरोह से जुड़े होने के चलते गिरफ्तार किए गए हैं। एक आरोपी बरेली निवासी राशिद अभी फरार है। पुलिस के मुताबिक, नाइजीरिया मूल के चारों युवक ई मेल स्पूफिंग के जरिए ठगी को अंजाम देते थे। स्थानीय युवकों के नाम पर बैंक खाते आदि खुलवाकर रकम उनमें ट्रांसफर कराते थे। जिसकी एवज में 1-2 फीसद कमीशन स्थानीय लोगों को देते थे।

 
चेयरमैन के फर्जी मेल से लगाया 43.40 लाख रुपए का चूना
28 सितंबर को ग्रेटर नोएडा के क्राउन प्लाजा होटल के डायरेक्टर फाइनेंस राकेश कुमार ने सूरजपुर थाने में ठगी का केस दर्ज कराया था। जिसमें राकेश ने बताया कि कंपनी चेयरमैन की आइडी से उन्हें कुछ बैंक खातों में लाखों रुपए की धनराशि ट्रांसफर करने की मेल आई थी। जिसके कारण उन्होंने 8 खातों में 4.0 से लेकर 6.20 लाख रुपए तक जमा करा दिए। इस तरह कुल 43.70 लाख रुपए जमा कराने के बाद पता चला कि चेयरमैन की आइडी से आई मेल फर्जी थी।
साइबर क्राइम से मामला जुड़ा होने की वजह से इसे साइबर क्राइम अन्वेषण केंद्र नोएडा को जांच के लिए सौंपा गया था। पुलिस के मुताबिक, अपने कमरे में लैपटॉप से कई कंपनियों के चेयरमैन और मालिकों के नाम फर्जी मेल आइडी तैयार कर फर्जीवाड़े को अंजाम देते थे। स्थानीय युवकों का इस्तेमाल बैंक खाता खुलवाने और रकम ट्रांसफर में किया जाता था। पुलिस ने बताया कि दिल्ली- एनसीआर में करीब 10 करोड़ रुपए की ठगी के मामलों को गिरोह ने कबूल किया है। हाल ही में हर्बल सीड्स के नाम पर 70-80 लाख रुपए की ठगी की है। इसके अलावा फेसबुक पर फर्जी आईडी बनाकर महिलाओं से दोस्ती कर शादी करने का झांसा देते थे।

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